सदर अस्पताल में 52 डॉक्टरों की है पोस्टिंग, पहुंचते हैं सिर्फ 12; आने का समय सुबह 8 बजे, आते हैं 10 के बाद
(गौरीशंकर कुमार) जिले के सबसे बड़े सदर अस्पताल में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ नही मिल रहा है। डॉक्टरों की लेट लतीफी के कारण मरीजों को घँटों ओपीडी के बाहर इंतजार करना पड़ता है। तबतक मरीजों की तकलीफ और बढ़ जाती है। जिसके कारण मजबूरन मरीजों को निजी डॉक्टरों का सहारा लेना पड़ता है। सदर अस्पताल में ओपीडी का समय सुबह 8 बजे से 2 बजे दिन तक है। जबकि डॉक्टर 10 बजे से पहले नहीं पहुंचते हैं।
जिसके कारण मरीजों को काफी परेशानी होती है। मंगलवार को सभी ओपीडी मिलाकर 300 मरीजों का रजिस्ट्रेशन किया गया था। मंगलवार को 10 बजे तक सदर अस्पताल के इमरजेंसी व फिजियोथेरेपी विभाग को छोड़कर किसी विभाग में डॉक्टर नही थे। जबकि ओपीडी के बाहर मरीजों को लेकर उनके परिजन लाइन में लग गए थे। विदित हो कि पांच दिन पहले गुरुवार को डीएम शीर्षत कपिल अशोक ने सदर अस्पताल का निरीक्षण किया था। इस दौरान कई डॉक्टर ड्यूटी से गायब थे।
जिसपर डीएम ने नाराजगी जताते हुए सिविल सर्जन को नसीहत देने के साथ कई डॉक्टरों का एक दिन का वेतन काट दिया था। साथ ही सिविल सर्जन से डॉक्टरों की सूची डिस्प्ले करने के साथ खुद मॉनिटरिंग करने का निर्देश दिया था। इसके बावजूद डॉक्टरों के कार्यशैली में सुधार नही हो रहा है। जिसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है।
8 बजे खुला था रजिस्ट्रेशन काउंटर इमरजेंसी में थे डॉ. अशद कमाल
ओपीडी के मरीजों के रजिस्ट्रेशन के लिए सुबह 8.10 में काउंटर खुल गया था। मरीज रजिस्ट्रेशन करा रहे थे। इस दौरान इमरजेंसी में डॉ. अशद कमाल मौजूद थे। इस बीच पीपराकोठी से एक्सीडेंट का मरीज राहुल कुमार को लेकर पुलिस पहुंची थी। जिसका इलाज डॉ. अशद कमाल कर रहे थे। सदर अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं की बेहतरी के लिए 52 डॉक्टरों की पोस्टिंग है। लेकिन, रोस्टर के अनुसार 12 को छोड़कर शायद ही कोई सदर अस्पताल का रुख करता है। जबकि नियमानुसार सदर अस्पताल के सभी डॉक्टरों को सुबह आठ बजे सदर अस्पताल पहुंचकर हाजिरी बनाना है।
ऑर्थो, डेंटल, महिला और आई ओपीडी भी 10 बजे के बाद खुला
सदर अस्पताल के ऑर्थो, डेंटल, महिला, आई ओपीडी भी 10 बजे के बाद खुला। जिसके कारण मरीजों को काफी परेशानी हुई। पड़ताल के क्रम में सुबह के 10.30 तक सबसे महत्वपूर्ण विभाग मेडिसिन, चाइल्ड व चर्म रोग विभाग का ओपीडी नही खुला था। जबकि मरीज डॉक्टर के इंतजार में सुबह से ही खड़े थे।
परिजन बोले- बच्चे को दिखाने आए हैं: बखतौरा के बाबूलाल सहनी ने कहा कि एक घंटे से डॉक्टर का इंतजार कर रहे हैं। लेकिन, अभीतक डॉक्टर साहब नदारद हैं। सेमरा भोला टोला के जोखन महतो ने बताया कि बच्चे को जॉंडिस है। एक घण्टे से ज्यादा समय से डॉक्टर का इंतजार कर रहे हैं।
डॉक्टरों की लेटलतीफी के कारण जांच रिपोर्ट आने में होता विलंब
ओपीडी में मरीजों को डॉक्टर देरी से देखते हैं। जिसके कारण मरीजों को कोरोना सहित अन्य जांच कराने में भी देरी होती है। रिपोर्ट मिलने तक ओपीडी का समय सीमा समाप्त हो जाता है। जिसके कारण मरीजों को दूसरे दिन भी आना पड़ता है। सदर अस्पताल के किसी भी वार्ड में सतरंगी चादर नही बिछी थी।
किसी में चार दिन पहले तो किसी में दो दिन पहले की चादर बिछी थी। सदर अस्पताल के भर्ती मरीजों को सुबह 10 बजे तक नास्ता नही मिला था। भर्ती मरीज व उनके परिजनों ने बताया कि अभीतक नास्ता उपलब्ध नही कराया गया है।
चिकित्सकों के पहुंचने का समय
डॉ. अवधेश कुमार : 10 बजे, हाजिरी बनाए व चलते बने।
डॉ. वंदना शर्मा : 10 बजे, 10.30 से महिला ओपीडी शुरू की।
डॉ. मनोज कुंअर सिंह : 10.10 बजे आए, 10.30 से ओपीडी शुरू
डॉ. रुबिया : 10.20 बजे पहुंची। 11 बजे से चाइल्ड ओपीडी शुरू की
डॉ. शशि शंकर शास्त्री : 10.50 में सदर अस्पताल आए। 11 बजे के बाद ओपीडी शुरू की।
डॉ. अमित नारायण किशोर : 11 बजे सदर अस्पताल आए। 11.15 तक ओपीडी शुरू नही किए थे।
बार-बार समझाने व निर्देशित करने के बाद भी डॉक्टर देरी से आ रहे हैं। इसके कारण मरीजों के साथ मुझे भी फजीहत झेलनी पड़ रही है।
डॉ. आरके वर्मा, डीएस, सदर अस्पताल
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