Popular Posts

नहीं है किराएदारों की सूची, बोले इंस्पेक्टर-कोई नहीं देता सूचना

नहीं है किराएदारों की सूची, बोले इंस्पेक्टर-कोई नहीं देता सूचना

जिले में आधे से अधिक किरायेदार बिना पुलिस के सत्यापन किए ही रह रहे हैं। मकान मालिक भी सारे नियम-कानूनों को ताक पर रखकर ऐसे लोगों को किराये पर कमरा दिए हुए हैं। अब किस मकान में कौन संदिग्ध हो, किसी को कुछ नहीं पता। कई अपराधियों की धर-पकड़ के दौरान पुलिस को जांच के दौरान ऐसे मामले देखने को मिले थे। पिछले साल तत्कालीन पुलिस अधीक्षक ने किराएदारों के सत्यापन के सम्बंधित निर्देश जारी किया था। शहर में रह रहे मकान मालिकों से अपने-अपने किराएदारों का सत्यापन करने का निर्देश दिया था। लेकिन, उक्त निर्देश का अब तक कोई असर देखने को नहीं मिल रहा है। सारे नियम कागजों पर ही सिमट कर रह गए हैं।

जरूर कराएं किराएदारों का सत्यापन
पिछले साल शहर के सभी इलाकों में मकान के मालिक को सूचना दी गयी थी। लेकिन, अब तक किसी ने किराएदारों की सूची नहीं दी है। किराएदारों का सत्यापन सभी लोग जरूर कराएं। फिर से सबको सूचना दिया जाएगा। जयप्रकाश पंडित, नगर थानाध्यक्ष

मकान मालिकों ने रखा पक्ष
घर को किराया पर देने के बाद सत्यापन करना जरूरी है लेकिन नहीं हो पाता है। पिछले साल कुछ सत्यापन हुआ था। जिला प्रसाशन को जागरुकता अभियान चलाना चाहिए। गिरिश कुमार सिंह, मकान मालिक

किरायदारों पर विश्वास कर घर देते हैं। मकान का भाड़ा समय से मिल जाता है। कौन थाना और घर करेगा। कुछ होगा तो देखा जाएगा।
अनिल श्रीवास्तव, मकान मालिक।

किराएदार रखते समय बरतें सावधानी
मकान मालिकों को किराएदार रखते समय सावधानी बरतनी चाहिए, क्योंकि आपके इन्वेस्टमेंट का फायदा पूरी तरह से किराएदार पर निर्भर रहता है। जिसे आपने अपने मकान के लिए चुना है, उसका सत्यापन जरूरी है। पुलिस जांच स्क्रिनिंग प्रोसेस का एक अनिवार्य हिस्सा है। खुद की सुरक्षा के लिए इसका पालन करना जरूरी है।

इन इलाको में सबसे ज्यादा भाड़ेदार
नगर परिषद क्षेत्र में कुल 38 वार्ड हैं। यहां लाखो की आबादी रहती है। इनमें किराएदारों की संख्या 35 प्रतिशत से ज्यादा है। शहर के महदेवा, रामनगर, फतेहपुर, खुरमाबाद, अयोध्यापुरी, दक्षिण टोला, निराला नगर, शांति नगर, दीनदयाल नगर, लक्ष्मीपुर, शास्त्री नगर मुहल्ले में आधे से ज्यादा घरों में किरायदार है।​​​​​​​

कानून में प्रावधान: किराएदार का सत्यापन न करना सीआरपीसी की धारा 188 के तहत दंडनीय अपराध है। एक माह की सज़ा व 200 रुपए का जुर्माना हो सकता है।​​​​​​​



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
शहर की सबसे ज्यादा किराये पर रहने वालों की गली।


from Dainik Bhaskar https://www.bhaskar.com/local/bihar/patna/siwan/news/list-of-tenants-is-not-there-said-inspector-no-one-gives-information-127940311.html
https://i9.dainikbhaskar.com/thumbnails/680x588/web2images/www.bhaskar.com/2020/11/23/5_1606148964.jpg

0 Response to "नहीं है किराएदारों की सूची, बोले इंस्पेक्टर-कोई नहीं देता सूचना"

Post a Comment