गंडक नदी में बह कर आए हुए गेंडे की हुई मौत, परेवा घाट के समीप रेस्क्यू
वाल्मीकि नगर से होकर गुजरने वाली गंडक नदी में बह कर आए हुए गेंडे का काफी मशक्कत के बाद वन कर्मियों ने परेवा घाट के समीप रेस्क्यू कर लिया। बता दें कि आज अहले सुबह वन कर्मियों ने नदी में बहते हुए गेंडे का पीछा त्रिवेणी संगम से करना शुरू किया था। वन कर्मियों के द्वारा बार-बार गेंडे की रेस्क्यू करने की कवायद की जा रही थी परंतु गंडक नदी के तेज धारा में ऐसा संभव नहीं हो सका। अंत में गैंडा गंडक बराज के चार नंबर फाटक पर पहुंचा और जल संसाधन विभाग ने फाटक उठाकर उसे डाउनस्ट्रीम की तरफ जाने का रास्ता दिया।
उसके बाद भी बन कर्मियों ने गेंडे का पीछा नहीं छोड़ा और अंत में जाकर चुल भट्टा के आगे परेवाघाट में रेस्क्यू कर लिया। इस बाबत जानकारी देते हुए डीएफओ गौरव ओझा ने बताया कि नेपाल के चितवन से गंडक नदी में बह कर आए हुए गेंडे का हमारे वन कर्मियों ने रेस्क्यू कर लिया क्योंकि अंतर राष्ट्रीय पशु होने के कारण हमारे सीमा पर आने के चलते उसका देखरेख करना हमारा अधिकार बनता है। रेस्क्यू करने के बाद गेंडे के शरीर में किसी प्रकार की प्रतिक्रिया नहीं देखी गई । डीएफओ गौरव ओझा ने बताया कि गेंडे के शरीर पर काफी जख्म थे और वह मर चुका था। गंडक नदी में बह कर आए गेंडे की डीएफओ गौरव झा ने मृत होने की पुष्टि कर दी है और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया वन विभाग के द्वारा शुरू करा दी गई है।
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