वीरता रेता में हो रहा कटाव, लोगों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के विरुद्ध किया प्रदर्शन
मधुबनी प्रखंड के वीरता रेता में नदी का भीषण कटाव जारी है। कटाव से अब तक सैकड़ों एकड़ में लगी फसल नदी में विलीन हो गया है। वीरता गांव के समीप नदी की धारा पहुच गई है। अगर इसी तरह से कटाव जारी रहा तो वीरता गांव भी नदी में विलीन हो जाएगा।कटाव को देख ग्रामीणों में भय का माहौल है। लेकिन अब तक कोई भी सरकारी पदाधिकारी एवं जनप्रतिनिधि वीरता दियारे में पहुच कर कटाव का जायजा नही लिए। जिससे वीरता दियारे के लोग काफी परेशान है। गुरुवार को सिसही पंचायत के पूर्व मुखिया उमा यादव के नेतृत्व में वीरता के ग्रामीणों ने नदी के तट पर प्रदर्शन किया एवं सरकार से के विरुद्ध नारेबाजी किया। साथ ही सिसई पंचायत के गावों को दूसरे जगह पर विस्थापित करने की मांग की।
एक तरफ जहां बरसात के दिनों में वीरता गांव पूरी तरह से बाढ़ के पानी से डूबा हुआ था। लेकिन सरकार के द्वारा इस गांव के लोगों को कोई सहायता नहीं पहुंचाई गई। इतना ही नहीं इस पंचायत को बाढ़ पीड़ित पंचायत भी नहीं घोषित किया गया। जिससे यहां के लोगों का लाखों रुपए का नुकसान हुआ है। लगभग 12 सौ जनसंख्या वाले इस गांव की स्थिति इतनी दयनीय है कि नदी के कटाव के चलते लोग इस बार पूरी तरह से भुखमरी के शिकार हो जाएंगे। लेकिन अब तक स्थानीय विधायक धीरेंद्र प्रताप सिंह उर्फ रिंकू सिंह चुनाव जीतने के बाद सिसई पंचायत के लोगो का हाल जानने नही पहुंचे हैं।
सिसई पंचायत के गांवों को दूसरी जगह पर विस्थापित करने की मांग की
कहा- अभी तक लोगों का हाल जानने नहीं पहुंचे विधायक
सिसई पंचायत के पूर्व मुखिया उमा यादव ने बाल्मीकि नगर विधायक धीरेंद्र प्रताप सिंह पर आरोप लगाते हुए कहा कि विधायक का 5 वर्ष का कार्यकाल पूरा होने वाला है। लेकिन अभी तक वाल्मीकिनगर के विधायक धीरेंद्र प्रताप सिंह उर्फ रिंकू सिंह सिसई पंचायत में नहीं पहुंचे हैं। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि बाल्मीकि नगर विधायक पंचायत के साथ भेदभाव करते हैं। जबकि सिसई एवं चिउरही पंचायत बाढ़ से पूरी तरह से प्रभावित हुआ है। लेकिन एक बार भी बाढ़ पीड़ितों का हाल जानने विधायक नही पहुंचे। अभी भी वीरता दियारे में कटाव हो रहा है। सभी पदाधिकारी को सूचना दी गई है। लेकिन विधायक भी कटाव की सूचना पर वीरता दियारे में कटाव पीड़ितों का हल जानने नहीं पहुंचे। जो काफी दुर्भाग्यपूर्ण है। सिसई पंचायत के लोग विधायक के इस व्यवहार से काफी दुखी है।
सीओ ने भी अब तक नहीं जाना बाढ़ पीड़ितों का हाल
सिसई पंचायत के ग्रामीण पारस साह, विराज गोड़, लालबाबू साहनी, जितेंद्र साह, नवल चौधरी, केदार साहनी, भुवाल यादव बीरेंद्र यादव ,नागा यादव, दीना चौहान ,अनुज चौहान ,पन्नालाल साहनी, मोहन साहनी ,अशोक महतो, रामायण राम ,विश्वनाथ सोनी, तूफानी यादव, साधु साहनी, पतरु साहनी सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि सिसई पंचायत के लोग लगातार बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। लेकिन अभी तक मधुबनी सीओ सहित कोई भी पदाधिकारी एवं जनप्रतिनिधि लोगों का हाल जानने के लिए नहीं पहुंचे। इतना ही नहीं अब सिंसई पंचायत के वीरता रेता में टावर शुरू हो गया है। कटाव से सैकड़ों एकड़ भूमि सहित फसल नदी में विलीन हो चुका है। लेकिन कोई भी पदाधिकारी अभी तक दियारे में नहीं पहुंचे हैं। जिसको लेकर सिसई पंचायत के लोगों में पदाधिकारी एवं जनप्रतिनिधियों के विरुद्ध काफी आक्रोश है।
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