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12 साल का टूटा रिकाॅर्ड सड़कों पर जमा हुआ पानी, फॉल्ट से पांच घंटे बत्ती गुल

12 साल का टूटा रिकाॅर्ड सड़कों पर जमा हुआ पानी, फॉल्ट से पांच घंटे बत्ती गुल

शहर में मंगलवार काे महज तीन घंटे में ही 15 एमएम बारिश हुई। इससे 12 साल का रिकॉर्ड टूट गया। इस साल अब तक 1017.14 एमएम बारिश हाे चुकी है, जबकि 2008 में सितंबर तक 1014 एमएम बारिश हुई थी। इस बारिश से एक ओर नगर निगम की लापरवाही उजागर हुई तो दूसरी ओर बिजली भी चरमरा गई। शहर में जगह-जगह पानी जमा हो गया।

लाेगों को आने-जाने में भी खासी परेशानी हुई। हालांकि यह बारिश किसानों के लिए अमृत बनकर बरसी है। इससे धान को फायदा हाे रहा है। दोपहर एक बजे काले बादल छा गए। इसके बाद लगभग दाे बजे से पांच बजे शाम तक मूसलधार बारिश हुई। उसके बाद भी देर रात तक हल्की बारिश हाेती रही। मंगलवार काे अधिकतम तापमान 35 और न्यूनतम तापमान 26.9 डिग्री रहा। साेमवार काे अधिकतम तापमान 34.4 और न्यूनतम 26.6 डिग्री था।

आधे दिन के बाद ऐसे बदला मौसम

कारण 1 : बंगाल की खाड़ी में लाे प्रेशर जाेन बनने से वायुमंडल के नीचे की सतह पर टर्फ लाइन बनी है। इससे भारी मात्रा में नमी बिहार की ओर आई। इस कारण भागलपुर सहित बिहार में काफी तेज बारिश हुई है।
कारण 2 : क्याेमुलाेनिमस क्लाउड्स यानी फूल गाेभी के आकार के बादलाें ने ये बारिश कराई है। ये बादल जब बनते हैं ताे कम समय में काफी तेज बारिश हाेती है।

आगे क्या : शहर में अगले दाे दिनाें में बारिश के अासार हैं। बिहार कृषि विश्वविद्यालय के माैसम वैज्ञानिक डाॅ. वीरेंद्र कुमार ने बताया कि अभी दाे दिन शहर में बादल रहेंगे जिससे बारिश की संभावना बनी रहेगी।

किसानाें के लिए काफी फायदेमंद है ये बारिश

ये बारिश धान की फसल काे काफी फायदा पहुंचा रही है। रबी फसलाें के लिए खेताें काे भी तैयार कर रही है। कृषि वैज्ञानिक डाॅ. वीरेंद्र कुमार ने बताया कि ये बारिश किसानाें के लिए फायदेमंद है। अभी दस अक्टूबर से रबी की फसलें लगेंगी, उससे पहले खेताें में नमी की मात्रा बरकरार रहेगी। इससे उर्वरा शक्ति बनी रहेगी।

कई फीडर हुए ब्रेकडाउन पूरे शहर में हुई बत्ती गुल

बारिश से पूर्वी क्षेत्र, दक्षिण क्षेत्र और नाथनगर क्षेत्र के कई इलाकों में दोपहर 3 बजे बत्ती गुल हो गई। कई इलाकोंम में तीन से पांच घंटे तक बिजली गायब रही। तेज बारिश से पहले सबौर, सुल्तानगंज ग्रिड को ब्रेकडाउन कर दिया गया। दोनों ग्रिड एक घंटा बंद रहा।

इससे पूरे शहर में एक घंटा ब्लैक आउट रहा। मायागंज फीडर के लाइन में पेड़ की टहनी टच करने के कारण कई इलाकों में 5 घंटे बत्ती गुल हो गई। तिलकामांझी, लालबाग, पुलिस लाइन, नौलखाकोठी, नवाब बाग सहित कई एरिया में पावर कट होने से लाेग परेशान हुए।

नगर निगम की लापरवाही से शहर में जमा हुआ पानी

बाजार से लेकर भोलानाथ पुल, सैंडिस कम्पाउंड के सामने की सड़क पर लोगों की आवाजाही मुश्किल हो गई। निगम अपने जोनल ऑफिस को भी नहीं बचा सका। सिकंदरपुर स्थित जाेनल ऑफिस में घुटने भर पानी जमा हुआ तो गाड़ियाें के पहिए डूब गए।

पार्षद सदानंद चाैरसिया ने बताया, हमने स्थायी समिति की बैठक में इस मुद्दे काे उठाया था कि सड़कें उंची हाे रही हैं पर जाेनल ऑफिस की जमीन डाउन हाे रही है। इससे पानी लगातार भर रहा है। अफसराें ने भराेसा दिया और भूल गए। सबसे बुरी हालत भाेलानाथ पुल के नीचे, लाेहापट्टी, कलाली गली, सीएमएस स्कूल के सामने समेत दक्षिणी क्षेत्र के शीतला स्थान चाैक, सैंडिस के सामने भोलानाथ पुल के पास परेशानी हुई।



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निगम के जोनल कार्यालय में घुसा पानी।


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