अधिक बारिश के कारण खेतों से सड़क की ओर बढ़ने लगा पानी, बाढ़ के खतरे से खौफजदा हैं जिले के लोग
जिले में पिछले एक दो माह में बारिश अधिक हुई जिसके कारण खेतों, पोखरों व अन्य जलाशयों में पानी अधिक हो गया है। इस क्रम में बारिश का पानी खेतों से सड़कों की ओर बढ़ने लगा है। जिसके कारण किसानों व अन्य ग्रामीणों की चिंता बढ़ी हुई है। कुछ ऐसा ही हाल कोरानसराय के समीप मठिला-बक्सर रोड में देखने को मिल रहा है। बारिश का पानी अब गांव की ओर बढ़ने लगा है। सदर प्रखंड के नई बाजार, गोपालनगर चकिया समेत कई गांव के लोगों ने इलाके में हुए जलजमाव को से परेशान है।
लोगों का कहना था कि पंचायत के अधिकांश गांव में बारिश का पानी घुस गया है। सरकार की तरफ से अब तक निकासी की कोई व्यवस्था नहीं की गई है कई बार अधिकारियों को इसकी सूचना दी गई, लेकिन आज तक एक भी अधिकारी ने इसका जायजा नहीं लिया। लोगों ने इसके लिए सीधे राजपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक सन्तोष कुमार निराला पर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि सदर विधायक संजय कुमार तिवारी उर्फ मुन्ना तिवारी का यह स्थानीय गांव है। जिसके कारण वह कोई भी काम नहीं होने देते।
प्रभावित इलाकों में रहने वाली गर्भवती महिलाओं को किया जा रहा चिह्नित, कुपोषित बच्चों की भी सूची तैयार
सूबे के कई जिलों में बाढ़ का प्रभाव बढ़ रहा है। ऐसे में जिले में संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। वैश्विक महामारी कोरोना सकंट के बीच बाढ़ को लेकर सरकार व प्रशासन चिंतित है। बाढ़ आपदा के दौरान प्रबंधन एंव त्वरित राहत की तैयारियों में सरकार ने आईसीडीएस विभाग की भी भूमिका तय की है।
जिसके तहत कोरोनकाल में बाढ़ की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए प्रभावित इलाकों के प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्रों पर बाढ़ आपदा प्रबंधन के साथ कोरोना वायरस संक्रमण के खतरों से बचने की तैयारियां करने का निर्देश दिया गया है। सभी आंगनबाड़ी केंद्रों के पोषक क्षेत्रों में उन क्षेत्रों की पहचान की जाएगी, जहां पर कोरोना वायरस से संक्रमित लोग पाए गए हैं। क्योंकि उन पोषक क्षेत्रों में सेवाएं प्रदान करते समय विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता होगी। क्षेत्र भ्रमण के दौरान सभी कुपोषित और अति कुपोषित बच्चों की पहचान कर आपदा पूर्व तैयारी के क्रम उनकी सूची तैयार करने के भी निर्देश दिए गए हैं ताकि, आपदा के दौरान उन पर विशेष निगरानी रखी जा सके।
बाढ़ पूर्व तैयारियों में जुटा स्वास्थ्य विभाग
जिला स्वास्थ्य विभाग बाढ़ से उत्पन्न होनेवाली स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से निबटने के लिए युद्धस्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। लोगों का इलाज एवं लोगों तक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए चिह्नित इलाकों के लिए अलग-अलग मेडिकल टीमें गठित की जा रही हैं। सीएस डॉ. जितेंद्र नाथ ने बताया कि बाढ़ के दौरान संभावित बीमारियों के इलाज के लिए पूर्व के अनुभवों के आधार पर ओआरएस, पांच प्रतिशत ग्लूकोज स्लाइन, एनएस, जरुरी दवाएं, ट्रांसफ्यूजन सेट, कॉटन एवं स्प्रीट का का भंडारण किया जा रहा है। साथ ही सर्पदंश, कुता एवं सियार काटने आदि के उपचार के एंटी रेविज वैक्सिन आदि जरूरी दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। साथ ही, नवजात शिशुओं के लिए नियमित टीकाकरण की व्यवस्था, डिलेवरी किट एवं मैटरनिटी हट की भी व्यवस्था की जा रही है।
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