‘महिलाओं के सशक्तीकरण करने के बजाय उनसे एक से दो हजार रुपए में काम करा कर उनका शोषण किया जा रहा है’
स्थानीय थाना क्षेत्र के सागर पंचायत अंतर्गत महारानी गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय के समीप रविवार को जीविका कैडर संघ ने अपनी दस सूत्री मांगों को लेकर राज्य सरकार के विरोध में प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की।
इस प्रदर्शन का नेतृत्व सागर पंचायत की जीविका मित्र अंजू कुमारी ने किया। उपस्थित जीविका सदस्यों को संबोधित करते उन्होंने कहा कि पूरे बिहार में विगत 32 दिनों से जीविका दीदियों की हड़ताल जारी है। हमारे संघ की 10 सूत्री मांगों को सरकार ने नहीं माना तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
जीविका कैडर संघ की 10 सूत्री मांगों को मान ले सरकार, अन्यथा तेज होगा आंदोलन : अंजू कुमारी
अंजू कुमारी ने कहा कि जीविका परियोजना में महिलाओं के सशक्तीकरण करने के बजाय महिलाओं से एक-दो हजार में काम करवा कर उनका शोषण किया जा रहा है। इस वैश्विक महामारी कोरोना काल में भी सरकार द्वारा जीविका के कर्मियों, कैडरों और दीदियों के साथ सौतेला व्यवहार किया गया। नीतीश कुमार के कार्यक्रमों में जीविका दीदियों का सिर्फ भीड़ लगवाना महिला सशक्तीकरण नहीं है। बल्कि काम का वाजिब दाम भी मिलना चाहिए। 10 सूत्री मांगों में सभी कैडरों को नियुक्ति पत्र, पहचान पत्र व ड्रेस उपलब्ध कराने, कंट्रीब्यूशन सिस्टम पर रोक लगाने, यात्रा भत्ता देने, बीमा का लाभ देने आदि की मांग शामिल है। प्रदर्शन में सामाजिक कार्यकर्ता सुनील कुमार गिरि, किरण कुमारी, रानी कुमारी, फुल कुमारी, प्रीति देवी, मुन्नी देवी सहित आदि मौजूद थी।
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