दोबारा टेंडर में पुरानी सातों एजेंसियां ही नए गांधी सेतु के लिए चुनी गईं, दो ने चीनी पार्टनर को छोड़ा
केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने समानांतर नये गांधी सेतु का रिटेंडर खोल दिया है। पहले टेंडर में चयनित सातों एजेंसियों ही फिर से चयनित हुई हैं। मंत्रालय के निर्देश पर दो भारतीय एजेंसियों ने चीनी पार्टनरों को छोड़ अब भारतीय पार्टनर बना लिया है। उन्हें चीनी पार्टनर बदलते हुए रिटेंडर में शामिल होने को कहा गया था।
चीन से विवाद होने के बाद केन्द्र ने फिर से रिटेंडर किया था। 14.50 किलोमीटर लंबे इस नये सेतु सह एप्रोच की लागत 2927 करोड़ रुपये है जिसमें सिर्फ पुल और एप्रोच निर्माण पर 2412 करोड़ रुपये खर्च होने हैं। नवनिर्मित लोहे वाले वर्तमान गांधी सेतु के उद्घाटन अवसर पर गडकरी ने अगस्त में ही एजेंसी चुनने का निर्देश दिया जिसके बाद रीटेंडर खोल अब एजेंसी चुनने की कार्रवाई शुरू की गई है।
ये हैं 7 निर्माण एजेंसियां जो री-टेंडर में चयनित हुईं हैं
टाटा पावर प्रोजेक्ट-जीएलएम (जेवी), गैमन-ट्रांस रेल (जेवी), एलएंडटी, एफकॉन्स, एसपी सिंगला, दिलीप बिल्डकॉन-एचसीसी (जेवी) और अशोक बिल्डकॉन-इवरेस्कॉन (जेवी)।
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