परंपरागत शिक्षा को भूलकर टेक्नोलॉजी के जरिए शिक्षा व्यवस्था बदलने की जरूरत: डॉ. एके बख्शी
गौतम बुद्ध महिला महाविद्यालय में मंगलवार को राष्ट्रीय वेबिनार का आयोजन किया गया। इस दौरान एक्सटेंसिव एक्सेप्टेंस टू ई-लर्निंग, ई-कंटेंट एंड आईसीटी टूल्स इन बिहार: ए पॉजिटिव आउटकम ऑफ कोविड-19 लॉकडाउन विषय पर वक्ताओं ने अपने विचार रखे। गुरु अंगद देव टीचिंग लर्निंग सेंटर ऑफ एमएचआरडी के चेयरमैन सह पीडीएम यूनिवर्सिटी बहादुरगढ़ हरियाणा के कुलपति डॉ. ए. के. बख्शी ने ई-लर्निंग-शिक्षण की जटिलताओं और दैनिक चुनौतियों को उजागर करते हुए कहा कि ई लर्निंग के महत्त्व को जानना, पहचानना और सुलझाना होगा।
उन्होंने कहा कि आज हम सूचना-क्रांति की चौथी पीढ़ी में प्रवेश कर रहे हैं, लेकिन अभी भी हम विद्यार्थियों को ऑनलाइन टीचिंग के माध्यम से शिक्षा देने में काफी पीछे हैं। डॉ. बख्शी ने कहा कि एक शिक्षक से जुड़ने की आवश्यकता प्रत्येक छात्र को होती है। ई-लर्निंग शिक्षा सर्वसुलभ और सर्वग्राह्य है। इसके माध्यम से हमें नई- नई जानकारी हासिल करनी चाहिए। ऑनलाइन शिक्षा कहीं भी प्राप्त की जा सकती है। इसके अलावा तमाम नई जानकारियां भी हासिल की जा सकती है।
बेहतर टीचिंग लर्निंग के अभाव में उचित मार्गदर्शन नहीं दे पाते शिक्षक
डॉ. बख्शी ने परंपरागत शिक्षा को कटघरे में लाते हुए कहा कि शिक्षकों में बेहतर टीचिंग लर्निंग के अभाव में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ उचित मार्गदर्शन नहीं दे पाते हैं। नतीजा है कि उन्हें शिक्षण में अनेकों बाधाएं भी आती है। अब पुरानी व परंपरागत शिक्षा प्रणालियों को भूलकर टेक्नोलॉजी के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था बदलनी होगी।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि 1930 में सी वी रमन को भौतिकी विज्ञान में नोबेल प्राइज मिला था। आज हमारी आबादी एक अरब 25 करोड़ है। 90 वर्ष बीत जाने के बावजूद भी देश को एक भी भारतीय वैज्ञानिक नहीं मिल सका। उन्होंने तकनीकी शिक्षा पर जोर देते हुए बताया कि आने वाले कुछ वर्षों में शिक्षा का प्रारूप बदल जाएगा।
ई-कन्टेंट और ई-लर्निंग का बढ़ गया है महत्व
एमयू के कुलपति-सह- कार्यक्रम के मुख्य संरक्षक डॉ. राजेन्द्र प्रसाद ने कहा कि कोरोना-संकट के समय ई-कन्टेंट और ई-लर्निंग का महत्व काफी बढ़ गया है और आने वाले समय में इसकी प्रासंगिकता और भी बढ़ जाएगी। उन्होंने शिक्षकों से समय का सदुपयोग करते हुए और भी उत्क्रमित ई-कन्टेट बनाने की बात कही।
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