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हम लॉक थे तो अनलॉक हो खुश था पर्यावरण, एक बार फिर, जैसे-जैसे हम अनलॉक हुए, लॉक होती गई शुद्ध हवा

हम लॉक थे तो अनलॉक हो खुश था पर्यावरण, एक बार फिर, जैसे-जैसे हम अनलॉक हुए, लॉक होती गई शुद्ध हवा

हम लॉक थे तो पर्यावरण अनलॉक हो खुश था। सांस के रोगियों को खुली हवा का आनंद मिल रहा था। रोगों से लड़ने की हमारी प्रतिरोधक क्षमता अच्छी हो गई थी। लेकिन, जैसे-जैसे राहत मिलती गई, प्रदूषण बढ़ता गया। अब बड़ा डर कि कहीं नवंबर 2019 से जनवरी 2020के बीच जिस तरह पटना ने कई दिनों प्रदूषण में दिल्ली समेत देश के सभी शहरों को पीछे कर दिया था, उसी राह पर दोबारा न चल पड़े। गुरुवार को बारिश के कारण जहरीली हवा दब भी गई, तो भी पटना का एयर क्वालिटी इंडेक्स 102 पर रहा।

इसे संतोषजनक से ऊपर थोड़ा प्रदूषित माना जाता है। पिछले कई वर्षों से लगातार प्रदूषण के मामले में देश के टॉप 10 शहरों में शुमार रहने वाले पटना ने इस साल 28 अप्रैल की सुबह शुद्ध हवा में सांस ली थी। बिल्कुल शुद्ध! लॉकडाउन में सख्ती और कोरोना के खौफ के कारण लोग बाहर नहीं निकल रहे थे, जिसके कारण 28 अप्रैल की सुबह एक्यूआई 40 से 46 के बीच मापा गया था। प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के अध्यक्ष डॉ. अशोक कुमार घोष कहते हैं कि एयर क्वालिटी इंडेक्स का 50 तक रहना सबसे अच्छी स्थिति है।

आज की पीढ़ी ने इसी एक दिन पटना में शुद्ध हवा में सांस ली। लॉकडाउन में आमतौर पर संतोषजनक और थोड़े प्रदूषण की स्थिति बनी रही। लॉकडाउन में जब जिस समय सख्ती बढ़ रही थी और वाहनों का परिचालन कम हो रहा था, प्रदूषण का स्तर संतोषजनक भी रहा। अमूमन जब एक्यूआई 50 से 100 के बीच रहे तो संतोषजनक और 100 से 150 के बीच रहे तो थोड़ा प्रदूषण माना जाता है।

कोरोना से लड़ने की शक्ति भी दे रही थी शुद्ध हवा
सीनियर फिजिशियन डॉ. राजीव रंजन के अनुसार यह रिसर्च में सत्यापित है कि कोरोना पॉल्यूशन पार्टिकल्स को माध्यम बनाता है। यानी, एक्यूआई के कम होने से कोरोना के खिलाफ लड़ना आसान होता है। गाड़ियां नहीं चल रही थीं तो एक्यूआई बढ़ाने वाले कारक कमजोर थे। जहरीली गैस सल्फर डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन डाइऑक्साइड और धूल कण आरएसपीएम (रेस्पाइरेबल सस्पेंडेड पार्टिकुलेट मैटर) व एसपीएम (सस्पेंडेड पार्टिकुलेट मैटर) का उत्सर्जन नहीं हो रहा था। इसके अलावा जेनरेटर और फैक्टरियों के बंद रहने से भी कोरोना के खिलाफ पर्यावरण ही पहली लड़ाई लड़ रहा था।



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The environment was happy to be unlocked when we were locked, once again, as we unlocked, the air was locked.


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