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2400 एकड़ में गन्ने-मक्के की फसलें डूबीं,बारिश के कारण बांधों पर रेनकट, 3 जगह बांध पर दबाव

2400 एकड़ में गन्ने-मक्के की फसलें डूबीं,बारिश के कारण बांधों पर रेनकट, 3 जगह बांध पर दबाव

छह प्रखंडों से होकर गुजरने वाली गंडक नदी की धारा विकराल रूप ले रही है। बाल्मीकि नगर डैम से पानी का डिस्चार्ज बढ़ने के साथ ही दियारे में तेजी से बाढ़ का पानी फैलने लगा है। इससे करीब 2400 एकड़ में गन्ने व मक्के की फसलें जलमग्न हा़े गई है।

पांच प्रखंडों की18 गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं वहीं दियारे की 12 सड़कों पर बाढ़ का पानी बह रहा है। इससे ग्रामीणों में खौफ समाने लगा है। इस बार नदी की धारा दक्षिण दिशा की ओर होने से तटबंधों पर तीन जगह दबाव बन रहा है, वहीं जिले का आखिरी गांव प्यारे पुर नदी के निशाने पर आ गया है। तटवर्ती इलाके का हाल हम आपको दिखा रहे हैं।

बाढ़ में डूब रहीं फसलें
गन्नांचल का यह म्हारी दियारा है। यहां करीब 400 एकड़ में गन्ने की फसल बाढ़ में डूब गई है। इसी तरह बैुकंठपुर, सिधवलिया, बरौली, मांझा और सदर प्रखंड में करीब 2400 एकड़ गन्ने व मक्के की फसलें जलमग्न हो गई है।
निशाने पर प्यारेपुर
यह जिले के पूर्वांचल का आखिरी गांव प्यारे पुर है। नदी के तट पर बसे इस गांव के बाद सारण जिले की सीमा शुरू हो जाती है। करीब 300 घरों की बस्ती वाला यह गांव अब नदी के निशाने पर आ गया है। लोगों में बाढ़ व कटाव का डर है।
रेनकट ... 72 किमी में 300 से ज्यादा गड्ढे
जिले में पिछले पांच दिनों में औसत से ज्यादा बारिश हुई है। इससे यूपी सीमा के हिरली दान से लेकर सारण सीमा के आशा खैरा तक सारण व जमींदारी बांधों पर 300 से ज्यादा नए गड्ढे हो गए हैं। हालांकि विभाग सैंड से ट्रीटमेंट किया जा रहा है।

बाढ़ की तैयारी
मूंजा गांव के ग्रामीण संभावित बाढ़ को लेकर अलर्ट हो गए हैं। बाढ़ के पानी में घिरने के बाद आवाजाही में परेशानी ना हा़े इसके लिए ग्रामीण नाव तैयार करने में जुट गए हैं। सुदामा सहनी ने बताया कि गांव के लोग प्रशासन में भरोसे नहीं है।
97,000 छूटा पानी
बाल्मीकिनगर बराज से प्रतिदिन करीब एक लाख क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किए जाने के बाद नदी की शांत पड़ी धारा उबलने लगी है। सोमवार की सुबह 10 बजे बराज से नदी के डाउनस्ट्रीम में 97 हजार क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया है। लगातार ज्यादा डिस्चार्ज होने से पिछले चौबीस घंटों के दौरान नदी के जलस्तर में 15 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई है। हालांकि मूं जा में अभी गंडक नदी खतरे के निशान से 20 सेंटीमीटर नीचे बह रही है। दियारा वासियों की माने तो नदी से पानी ओवरफ्लो करने की स्थिति में इन्हें तटबंधों पर पलायन करना पड़ सकता है।

इन गांवों पर मंडरा रहा संकट
बैकुंठपुर और सिंधवालिया प्रखंडों के 18 गांवों पर बाढ़ का संकट मंडरा रहा है। गंडक नदी के निचले हिस्से में बसे सिंधवालिया प्रखंड के अमरपुरा, बंजरिया, टंडसपुर, डुमरिया, कटहरिया, बैकुंठपुर प्रखंड के दीपऊं,पकड़ी, म्हारी दियारा, बहरामपुर, सीतलपुर, सलेमपुर, पकहां,खोम्हारीपुर, प्यारेपुर, बिनटोली, आशा खैरा, महम्मदपुर, नरवार, अधमपुर गांवों के लोग एक बार फिर बाढ़ की आशंका से सहमे नजर आ रहे हैं।
अभी कोई खतरा नही,तैयारी पूरी है
नदी के जलस्तर में आंशिक वृद्धि हुई है। इससे निचले हिस्से में बसे परिवारों अभी खतरा नहीं है। बाढ़ नियंत्रण विभाग के अधिकारियों को तटबंधों पर तैनात किया गया है। जलस्तर ज्यादा बढ़ने पर निचले हिस्से में बसे लोगों को शरण स्थली में भेजा जाएगा। -उपेंद्र कुमार पाल, सदर एसडीएम

रेनकट की कराई जा रही मरम्मत
सारण मुख्य तटबंध,जमीनदारी बांध व राजस्व चरखियों पर मरम्मत का कार्य बाढ़ नियंत्रण विभाग द्वारा कराया जा रहा है। रैन कट स्थल को चिन्हित कर मिट्टी के बैग डाले जा रहे हैं। जहां-जहां पानी का दबाव है वहां मिट्टी के बैग व बोल्डर का प्रयोग किया जाता है। बाढ़ नियंत्रण विभाग के सहायक अभियंता राकेश कुमार चौधरी ने बताया कि तटबंध पर इंजीनियरों की टीम 24 घंटे तैनात की गई है।



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Sugarcane crops submerged in 2400 acres, raincut on dams due to rain, dam pressure on 3rd place


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