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21 घंटे सप्लाई का ब्योरा दिए बिना वसूल रही पूरा फिक्स चार्ज, बिजली कंपनी कर रही विद्युत विनियामक आयोग के फैसले की अनदेखी

21 घंटे सप्लाई का ब्योरा दिए बिना वसूल रही पूरा फिक्स चार्ज, बिजली कंपनी कर रही विद्युत विनियामक आयोग के फैसले की अनदेखी

हिंदी में एक कहावत बहुत प्रचलित है मीठा-मीठा गप-गप और कड़वा-कड़वा थू-थू। बिजली कंपनी के साथ यह कहावत बिलकुल चरितार्थ हो रही है। विद्युत विनियामक आयोग के दो फैसलों में एक को लागू करने में बिजली कंपनी जहां तत्पर दिख रही है वहीं दूसरे फैसले को नजरअंदाज कर रही है। आयोग के एक फैसले के मुताबिक, बिजली कंपनी को स्वीकृत लोड से अधिक लोड खपत पर जुर्माना वसूलने सकती है।

जबकि, दूसरे के मुताबिक, पूरा फिक्स चार्ज तभी वसूला जाएगा जब 24 घंटे में कम से कम 21 घंटे बिजली सप्लाई हुई हो। बिजली कंपनी ने पहले फैसले के मुताबिक जुर्माना वसूलना तो शुरू कर दिया है लेकिन वह उपभोक्ताओं को यह नहीं बता रही है कि उसने प्रतिदिन 21 घंटे की सप्लाई दी या नहीं। और अगर नहीं दी तो उस अनुपात में बिजली के फिक्स चार्ज में कितने प्रतिशत की कटौती की गई?

बिजली सप्लाई के अनुपात में कम होना है फिक्स चार्ज
बिहार देश का पहला राज्य है जहां 21 घंटे से कम बिजली सप्लाई देने पर फिक्स चार्ज में कटौती का फैसला लागू किया गया है। इस फैसले के मुताबिक, 30 दिन का महीना है तो 630 घंटे, 31 दिन का महीना है तो 651 घंटे बिजली देनी है। इससे कम बिजली सप्लाई करने पर फिक्स चार्ज बिजली सप्लाई के अनुपात में कम हो जाएगा।

बड़ा सवाल : बिजली बिल में मीटर रीडिंग के साथ सप्लाई के घंटों का जिक्र क्यों नहीं

बिहार विद्युत विनियामक आयोग के अन्य फैसले के साथ 1 अप्रैल से 21 घंटे बिजली सप्लाई करने पर पूरा फिक्स चार्ज वसूलने वाला फैसला लागू है। केवल स्ट्रीट लाइट और कृषि कनेक्शन के उपभोक्ताओं पर यह लागू नहीं किया गया है। लेकिन, ऑन स्पॉट मीटर रीडिंग कर होने वाली बिलिंग में इसका जिक्र नहीं है। उपभोक्ताओं को यह नहीं बताया जा रहा है कि आपको कितने घंटे बिजली दी गयी है। जबकि, उपभोक्ताओं के घरों में लगे मीटर में कितने घंटे बिजली सप्लाई मिली, इसका रिकार्ड है।

इस संबंध में पूछे जाने पर बिजली कंपनी मुख्यालय के एक वरीय अधिकारी ने कहा कि राज्य में ऐसा कोई इलाका नहीं है जहां 21 घंटे से कम एवरेज बिजली सप्लाई हो रही है। हमलोगों का लक्ष्य 24 घंटे बिजली सप्लाई देने का है। ऐसा मामला और शिकायत मिलेगा तो देखा जाएगा। बिलिंग में कितने घंटे बिजली सप्लाई दी गयी है। यह कोई विषय नहीं है।
इधर, वसूली हो गई शुरू
स्वीकृत लोड से अधिक खपत करने पर बिजली कंपनी ने जुर्माना वसूलना शुरू कर दिया है। 3 किलोवाट का लोड स्वीकृत कराए हैं और 5 किलोवाट बिजली खपत कर रहे हैं तो आपको 3 किलोवाट लोड का 40 रुपए प्रति किलोवाट के हिसाब से 120 रुपए और 2 किलोवाट लोड के दुगुना दर से यानी 80 रुपए प्रति किलोवाट के हिसाब से 160 रुपए देना होगा। यानी कुल चार्ज 280 रुपए लगेगा। इसके अलावे यदि 500 यूनिट बिजली खपत हुई तो 300 यूनिट का चार्ज नॉर्मल रेट पर और 200 यूनिट का चार्ज दोगुने रेट पर भुगतान करना है।



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बिहार देश का पहला राज्य है जहां 21 घंटे से कम बिजली सप्लाई देने पर फिक्स चार्ज में कटौती का फैसला लागू किया गया है।


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