मायागंज में जेल से निकले हत्यारोपी को मारी गोली, सुंदरवन झोपड़पट्टी की घटना, दोनों घायलों ने दो हमलावरों की पहचान की
3 नवंबर 2019 को सबौर के ललमटिया बहियार में दीपक यादव की हुई हत्या मामले के मुख्य साजिशकर्ता और आरोपी रमण यादव पर गोली और चाकू से हमला हुआहै। रमण को बचाने गए उसके चचेरे चाचा राजेश यादव उर्फ लूटन को भी अपराधियों ने चाकू मार दिया। घटना रविवार शाम साढ़े सात बजे मायागंज मोहल्ले के सुंदरवन झोपड़पट्टी की है। जख्मी हालत में रमण और उसके चाचा राजेश को परिजनों ने मायागंज अस्पताल में भर्ती कराया है। रमण को पंजरे में गोली लगी है, जो शरीर को भेदते हुए बाहर निकल गई है।
उसके गले को चाकू से काट दिया गया है। डॉक्टरों ने उसकी हालत नाजुक बताई है। जबकि उसके चाचा को गर्दन में चाकू मारा गया है, जो खतरे से बाहर है। दोनों जख्मी घटनास्थल के पास मायागंज मोहल्ले के रहने वाले हैं। हमलावर घुटरा और बबुआ मियां मायागंज निवासी लक्की की हत्या में शामिल थे।
दीपक यादव के दाेस्त हैं दोनों हमलावर, तीन की पहचान नहीं
जख्मी रमण, गोतिया दीपक यादव की हत्या में कुछ माह पहले ही जेल से बाहर आया था। वह नियोजनालय में सिक्योरिटी गार्ड है। जबकि उसका चाचा ड्राइवर है। दीपक की हत्या में रमण का पिता कपिल उर्फ कपिलेश्वर यादव भी नामजद आरोपी था।
दो हमलावरों की पहचान मायागंज मोहल्ले के घुटरा और बबुआ मियां के रूप में हुई है। बाकी 2-3 हमलावरों की पहचान नहीं हो पाई है। ये दोनों हमलावर दीपक यादव के दोस्त हैं। रमण के पिता का कहना है कि दीपक की हत्या का बदला लेने के लिए उसके दोस्तों ने मेरे बेटे को गोली मारी है। घटना की जानकारी पाकर सिटी एसपी सुशांत कुमार सरोज, सिटी डीएसपी राजवंश सिंह, बरारी थानेदार नवनीश कुमार, दारोगा नंद मोहन सिंह, जमादार राम प्रवेश यादव मौके पर पहुंच मामले की जांच की। घटनास्थल से एक टोपी और गमछा मिला है, जो गोलीबारी और चाकूबाजी में दोनों जख्मी का गिर गया था।
बाइक से लौट रहे थे चाचा-भतीजा तो हुआ हमला : जख्मी राजेश यादव ने बताया कि वह अपने भतीजा रमण यादव को बाइक से लेकर रिफ्यूजी कॉलोनी से घर लौट रहा था। रिफ्यूजी कॉलोनी में लगे टावर में रमण के पिता काम करते हैं। वहीं से दोनों लौट रहे थे। सुंदरवन झोपड़पट्टी के पास नाले के पास पहुंचा तो पहले घात लगाए घुटरा, बबुआ मियां और उसके दो-तीन दोस्तों ने हमला कर दिया। सभी हथियार से लैस थे। मेरे सामने रमण को सटा कर गोली मार दिया। बचाने गए तो मुझे भी चाकू मार दिया और नाले में फेंक दिया। हमलावरों ने कुल 3-4 राउंड गोली चलाई। वारदात के बाद सभी हथिया नाला की ओर भाग निकले।
घायलों की कहानी पर पुलिस को यकीन नहीं, पहले सभी साथ-साथ थे : पुलिस को दोनों घायलों की कहानी पर यकीन नहीं है। क्योंकि हमलावर और जख्मी दोनों पहले साथ-साथ थे। जांच में पहुंचे सिटी एसपी और डीएसपी को झोपड़पट्टी के लोगों ने बताया कि सभी एक साथ हथिया नाला की ओर से आए थे। पहले दोनों पक्षों मारपीट हुई और फिर गोलीबारी-चाकूबाजी। पुलिस घायलों के बयान की जांच कर ही है। जबकि घायलों का कहना है कि दीपक की हत्या के बाद उसके सारे दोस्त हमलोगों के दुश्मन बन गए थे। घर पर चढ़ कर रंगदारी भी मांगी थी। हालांकि पुलिस के पास ऐसा कोई शिकायत नहीं की गयी है। पुलिस का शक है कि गोलीबारी का कारण कुछ और है, जिसे छिपाया जा रहा है।
अवैध संबंध में हुई थी दीपक यादव की हत्या :मायागंज निवासी गौपालक सह ट्रक के खलासी दीपक यादव की हत्या महिला रिश्तेदार से अवैध संबंध के कारण हुई थी। अाराेप है कि दीपक के चचेरे भाई रमण यादव (गोलीबारी में जख्मी) ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर दीपक की हत्या की थी। सबौर पुलिस ने इस मामले में चौधरीडीह, लोदीपुर निवासी कुख्यात अपराधी गामा यादव का भाई धामा यादव उर्फ छोटू उसके बहनोई प्रकाश यादव (मिर्जापुर, सबौर), सबौर के चंधेरी गांव निवासी राज कुमार यादव अौर उसके मौसेरे भाई श्रवण यादव को गिरफ्तार किया था। रमण ने कोर्ट में सरेंडर किया था। गिरफ्तार राज कुमार अौर श्रवण मास्टरमाइंड रमण यादव का मौसेरा भाई है। जिस महिला रिश्तेदार से दीपक का अवैध संबंध था, वह रमण की भी संबंधी है।
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