प्रवासी श्रमिकों का जाॅब कार्ड बनने से योजनाओं के क्रियान्वयन में आई है तेजी, मनरेगा से श्रमिकों को दिलाया जा रहा है राेजगार
लॉकडाउन के कारण जिले में दूसरे प्रदेशों से प्रतिदिन प्रवासी मजदूरों का आना जारी है। ये सभी प्रवासी श्रमिक बेरोजगार हो चुके हैं। ऐसे में सरकार द्वारा इन्हें रोजगार उपलब्ध कराने के मकसद से मनरेगा योजना अंर्तगत कार्यों में लगाया जा रहा है। वहीं, रोजगार की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए जिले के विभिन्न प्रखंड स्थित क्वारेंटाइन सेंटर पर क्वारेंटाइन किए गए प्रवासियों का जॉबकार्ड बनना भी शुरू हो गया है। इससे लॉकडाउन के बीच मनरेगा का कार्य शुरू होने से मजदूरों की जिंदगी वापस पटरी पर लौटने लगी है। इस योजना का लाभ लेने का काम मजदूरों की इच्छा पर छोड़ा गया है। जॉब कार्ड बनाने की जिम्मेवारी संबंधित प्रखंड के मनरेगा कार्यक्रम पदाधिकारी की है। जॉबकार्ड लेने वाले सभी श्रमिकों को क्वारेंटाइन के 14 दिन की अवधि समाप्त होने के बाद कार्य में लगाया जाएगा। मनरेगा कार्य शुरू होने से प्रवासी श्रमिकों को उनके ही गांव में काम मिलने लगा है। इससे मजदूरों के परिजनों मे खुशी की लहर है। श्रमिकों को मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना के अंर्तगत होने वाले कार्यों में लगाया जा रहा है।
मनरेगा के तहत 250 प्रवासी मजदूरों को मिला काम
पुरनहिया प्रखंड क्षेत्र के विभीन्न क्वारेंटाइन सेंटर पर रह रहे मजदूरों को प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी द्वारा लगातार जॉब कार्ड उपलब्ध कराया जा रहा है। जॉब कार्डधारी श्रमिकों को 14 दिन की होम क्वारेंटाइन की अवधि पूरा होने पर काम में लगाया जा रहा है। उन्हें पंचायत में चल रहे मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना के तहत नल-जल, पक्की नाली-गली योजना और जल जीवन हरियाली योजना के कार्यों में काम मिलने लगा है। इस संबंध में मनरेगा कार्यक्रम पदाधिकारी अनंत कुमार शर्मा ने बताया कि अबतक करीब 250 मजदूरों को विभिन्न पंचायतों में स्वच्छता, पोखड़ उड़ाही, सड़क मरम्मत, जलस्रोत, शौचालय निर्माण व सोख्ता निर्माण आदि कार्यों में लगाया गया है। ये सभी कार्य पूर्व से लंबित थे। इसके अंतर्गत प्रवासी मजदूरों को 90 दिनों तक काम दिया जाएगा।
138 प्रवासी श्रमिकों ने जॉब कार्ड के लिए दिया है आवेदन
सुरसंड| प्रखंड के दिवारी मतौना पंचायत के मनेश्वर स्थान स्थित क्वारेंटाइन सेंटर पर रविवार को 52 श्रमिकों को जॉब कार्ड बनाकर उन्हें सुपुर्द कर दिया गया। इस संबंध में प्रखंड मनरेगा कार्यक्रम पदाधिकारी रणधीर कुमार ने बताया कि क्वारेंटाइन सेंटर पर कुल 177 प्रवासी ठहरे हुए हैं। इसमें 20 प्रवासी दूसरे प्रखंड के हैं। वहीं 19 नाबालिग हैं। बाकी बचे 138 श्रमिकों ने स्वेच्छा से जॉब कार्ड के लिए आवेदन दिया है जिनका आवेदन स्वीकार कर लिया गया है। इसमें 52 श्रमिकों का जॉब कार्ड बनाकर उन्हें तत्काल सौंप दिया गया। वहीं बाकी बचे मजदूराें का जॉब कार्ड बनाकर सोमवार को सौंपा जाएगा। इन सभी मजदूरों को क्वारेंटाइन की अवधि पूरा होते ही पंचायत में मनरेगा कार्य योजनाओं में लगा दिया जाएगा। मौके पर पंचायत तकनीकी सहायक विनोद कुमार, पंचायत रोजगार सेवक धीरेंद्र कुमार, पप्पू कुमार, आलोक कुमार व इंद्रविजय कुमार समेत अन्य कर्मी मौजूद थे।
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