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क्वारेंटाइन सेंटर में छत की परत गिरने से आराम कर रहे 8 मजदूर हुए चोटिल

क्वारेंटाइन सेंटर में छत की परत गिरने से आराम कर रहे 8 मजदूर हुए चोटिल

प्रखंड मुख्यालय से करीब पांच किलोमीटर दूर राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय जवाहिरपुर में बने कवारेंटाइन सेंटर पर परित्यक्त भवन की छत की परत गिरने से अफरा तफरी मच गई। प्रवासियो में ब्यास साह, राजू कुशवाहा, सतीश कुशवाहा, सुधीर कुमार ने बताया कि अचानक छत की परत गिर गई जिससे सभी सहम गए। हालांकि इसमें काेई हताहत नहीं हुआ है। कुछ मजदूरों को हल्की चोटें आई हैं। इस मामले में जब उपस्थित नोडल पदाधिकारी युसूफ धोबी से बातचीत की गयी तो उन्होंने बताया कि प्रवासी मजदूरो के लिए अलग कमरे तैयार किए गए है। कुछ प्रवासी मजदूर हवादार जगह देखकर सात से आठ की संख्या में वहां जाकर सो रहे थे। वह भवन पहले से ही परित्यक्त घोषित भवन है। उसकी परत गिर गई जिससे मजदूरों को मामूली चोटें आई है।
48 घंटों में 400 से अधिक प्रवासी पहुंचे लौरिया प्रखंड में बीडीओ अजित कुमार प्रसाद ने बताया कि पिछले 48 घंटो में प्रखंड मुख्यालय में लगभग 400 प्रवासी मजदूर पहुचे है। वहीं जब से प्रवासियों को कवारेंटाइन किया जा रहा तब से अब तक 3700 सौ प्रवासियों की मेडिकल टीम द्वारा जांच कर प्रखंड व पंचायत स्तर पर बने कवारेंटाइन सेंटर में भेजा गया है। वहीं इस संबंध में सामाजिक कार्यकर्त्ता रामविनय ने बताया की क्वारेंटाइन सेंटर पर बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव है। इसे अविलंव दुर करना चाहिए।
भवन परित्यक्त घोषित है, जानकारी नहीं दी गई
मजदूरों ने आरोप लगाया कि उस भवन में जाने की मनाही से संबंधित कोई जानकारी पहले से नहीं दी गयी थी। जानकारी के आभाव में मजदूर हवादार भवन देखकर उसमें आराम करने चले गए थे जहां पर यह हादसा हुआ। वहां पर उपस्थित सभी प्रवासी मजदूरों ने बताया कि बुनियादी सुविधा के अभाव में उनका निर्धारित भवन में रहना मुश्किल हो रहा है इसलिए वे इधर उधर जाकर आराम कर रहे हैं। पीने के लिए स्वच्छ पानी की व्यवस्था नही है। गांव के किसी घर से पानी मंगवाते है अथवा सोशल डिस्टेसिंग के साथ स्वयं जाकर लाते हैं। शौचालय की सुविधा नहीं होने के कारण शौच के लिए नदी किनारे जाना पड़ता है। वहीं, सुबह में प्रवासीयो को नास्ते में चूड़ा, मीठा मिलता है।

मजदूरों को इस परित्यक्त भवन में नहीं जाना चाहिए। इस भवन में कई माह पूर्व से पठन पाठन भी नहीं होता है।
-युसूफ धोबी, नोडल पदाधिकारी, क्वारेंटाइन सेंटर उमवि, जवाहिरपुर

भवन परित्यक्त था इसलिए उसकी छत गिरी है। मामले की जांच कराई जा रही है। मजदूराें की सुरक्षा के मामले में काेई समझौेता नहीं किया जाएगा।
-अजीत कुमार प्रसाद ,बीडीओ लौरिया



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बुनियादी सुविधाओं के अभाव में प्रदर्शन करते प्रवासी मजदूर।
परित्यक्त भवन का टूटी हुई छत।


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