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बिहार लौटने की मारामारी के बीच 20 हजार बिहारियों को तेलंगाना ने बुलाया

बिहार लौटने की मारामारी के बीच 20 हजार बिहारियों को तेलंगाना ने बुलाया

लॉकडाउन में श्रमिकों की घर वापसी के बीच उनका बिहार से बाहर जाने का क्रम भी शुरू हो गया है। खगड़िया से 222 मजदूरों को लेकर पहली ट्रेन शुक्रवार को हैदराबाद से सटे लिंगमपल्ली स्टेशन पहुंची। यह ट्रेन गुरुवार सुबह 3.45 बजे खगड़िया से रवाना हुई थी। यह वही ट्रेन थी जो सिकंदराबाद से मजदूरों को लेकर आई थी।
लिंगमपल्ली स्टेशन पर स्क्रीनिंग के बाद श्रमिकों को नलगोंडा, मिरयालगुडा, करीमनगर, जगतियाल, पेड्‌डापल्ली, सुल्तानाबाद, मनचेरियल और सिद्दीपेट जिलों की मिलों तक भेजा गया। मजदूरों के लिए ट्रेन का इंतजाम तेलंगाना सरकार ने किया था। वहां की राइस मिलों में खगड़िया के कुशल श्रमिकों की खास मांग है। तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने कहा कि बिहार से बड़ी संख्या में श्रमिक आना चाहते हैं और हम 20,000 मजदूरों को लेने को तैयार है। राव ने बीते माह बिहार सरकार से मजदूरों को भेजने का अनुरोध किया था। तेलंगाना की राइस मिलों में 90% श्रमिक बिहार के हैं और सभी होली में घर लौटे थे।
खगड़िया के जिलाधिकारी बोले- मजदूर राजी हुए तो उन्हें भेजा
मजदूरों की रवानगी पर डीएम आलोक रंजन घोष ने बताया कि तेलंगाना सरकार ने बिहार सरकार से मजदूरों को वापस काम पर भेजने का आग्रह किया था। देर रात शाॅर्ट नोटिस पर सूचना मिली तो तेलंगाना सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई मजदूरों की सूची में शामिल मजदूरों से संपर्क साधा गया। उनलोगों ने काम पर वापस जाने की इच्छा जताई। इसके बाद सभी को श्रमिक स्पेशल ट्रेन से वापस भेजा गया। बिहार से जाने वाली यह पहली श्रमिक ट्रेन है।

कर्नाटक ने मजदूरों की वापसी रोकी तो मचा था बवाल
कर्नाटक के रियल स्टेट और निर्माण क्षेत्र के दिग्गजों संग बैठक के बाद वहां की सरकार ने प्रवासी मजदूरों की घर वापसी से इनकार कर दिया था। हो-हल्ला मचा तो सीएम येदियुरप्पा उन्हें भेजने को राजी हो गए। शुक्रवार को वहां से बिहार के लिए ट्रेनें खुलने की सूचना है। कर्नाटक सरकार ने राज्य को सूचना दे दी है। यहां बता दें कि मजदूरों की वापसी पर रोक की बात सामने आने के पूर्व कर्नाटक से दो ट्रेनें बिहारआ चुकी है।

राजद ने दागे सवाल, कोरोना संक्रमित राज्य में क्यों भेजा?
राजद ने मजदूरों के भेजने पर सवाल उठाए हैं। पार्टी के जिलाध्यक्ष कुमार रंजन ने कहा कि आखिर कोरोना पीड़ित तेलंगाना में मजदूरों को ट्रेन से क्यों भेजा गया। जिला प्रशासन को भेजे गये मजदूरों का ब्योरा सार्वजनिक करना चाहिए था। लॉकडाउन के बावजूद मजदूर स्टेशन कैसे पहुंचे। आखिर भेजे गए मजदूरों के टिकट का आरक्षण कब हुआ और किसने कराया। आश्चर्य है कि केंद्रीय मंत्री ने यह जानकारी मीडिया में दी।



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मजदूरों की रवानगी पर डीएम आलोक रंजन घोष ने बताया कि तेलंगाना सरकार ने बिहार सरकार से मजदूरों को वापस काम पर भेजने का आग्रह किया था।


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