स्वास्थ्य विभाग ने राज्य के चारों कोरोना जांच केंद्र के लिए अलग-अलग जिले अौर अस्पताल तय किए
07 April, 2020
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कोरोना वायरस संक्रमण की जांच के किसी एक केंद्र पर अधिक भीड़ या दबाव न बढ़ जाए इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने राज्य के चारों जांच केंद्र के लिए अलग-अलग जिला निर्धारित कर दिया है। जिले के मेडिकल कॉलेज,अस्पताल या अन्य संस्थानों में संदिग्ध संक्रमित मरीजों से लिए गए सैंपल जांच के लिए निर्धारित जांच केंद्र पर भी भेजे जाएंगे। राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यकारी निदेशक मनोज कुमार ने इस आशय का निर्देश संबंधित अस्पताल और मेडिकल कॉलेजों को दिया है। राज्य में कोरोना संक्रमण जांच के लिए चार केंद्रों की अनुमति इंडियन मेडिकल काउंसिल एंड रिसर्च द्वारा दिया गया है। जिसमें आरएमआरआई ,इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (आईजीआईएमएस), पटना मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल (पीएमसीएच) और दरभंगा मेडिकल कॉलेज हास्पिटल (डीएमसीएच) है। आरएमआरआई नोडल एजेंसी का भी काम करेगा। उधर, पीएमसीएच के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में जो व्यवस्था है उसमें एक दिन में 45 सैंपल की हो जांच हो सकेगी। अधिक सैंपल की जांच के लिए 12 रिसर्च साइंटिस्ट की जरूरत होगी। अभी विभाग में सिर्फ दो ही रिसर्च साइंटिस्ट हैं। ज्यादा जांच के लिए एक और रियल टाइम पीसीआर मशीन की जरूरत है। एक शिफ्ट में सैंपल जांच करने में कम से सात घंटे का समय लग रहा है। तीन शिफ्ट में मशीन चलाने के लिए कम से कम 12 रिसर्च साइंटिस्ट चाहिए, जो एनअाईवी पुणे से ट्रेंड हों। इसकी पुष्टि विभाग के हेड डॉ. एसएन सिंह भी करते हैं। मंगलवार को पीएमसीएच में तीन सैंपल की जांच की गई। तीनों की रिपोर्ट निगेटिव अाई।
सैंपल के लिए वीटीएम 2300 जिले को व 1200 मेडिकल कॉलेज को दिए
पटना | कोरोना संक्रमण के सैंपल लेने के लिए जरूरी जिले का आवंटन जिला व मेडिकल कॉलेज अस्पतालों के लिए कर दिया गया। 23 सौ वीटीएम जिलों के लिए और 12 सौ मेडिकल कॉलेज अस्पतालों के लिए किया गया है। राज्य स्वास्थ्य समिति ने वीटीएम बीएमएसआईसीएल से सभी को प्राप्त करने का निर्देश दिया है। अभी तक जिलों को 7755 वीटीएम की आपूर्ति गई है। वहीं मेडिकल कॉलेज अस्पताल को 2858 वीटीएम दिए गए थे।जिसमें सबसे अधिक 790 वीटीएम गोपालगंज को दिया गया है। जबकि 470 गया और 450 पटना जिला को दिया गया है। 23 सौ वीटीएम में तकरीबन सभी जिलों का 50 की संख्या में आवंटित किए गए हैं। वहीं राज्य के सभी मेडिकल कॉलेज को 150 के करीब आवंटित किए गए हैं।
भागलपुर और गया मेडिकल कॉलेज अस्पताल में अब सिर्फ कोरोना मरीजों का इलाज
पटना| सरकार ने राज्य के दो और मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल को कोरोना के लिए डेडिकेटेड हॉस्पिटल घोषित किया है। पहला जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल (जेएलएनएमसीएच) भागलपुर और दूसरा अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल (एएनएमएमसीएच) गया। वहीं पटना का नालंदा मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल पहले से ही घोषित है। स्वास्थ्य विभाग के अवर सचिव कौशल किशोर की ओर से दोनों मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल के प्राचार्य व अधीक्षक जारी निर्देश में कहा गया है कि इससे कोरोना संक्रमण के लिए विकसित किया जाए।
निजी अस्पतालों में ओपीडी और इमरजेंसी सेवा रहेगी बहाल
पटना | डीएम कुमार रवि ने आयुष्मान भारत से संबद्ध 40 निजी अस्पतालों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। इसमें अस्पतालों को ओपीडी व इमरजेंसी सेवा बहाल रखने का निर्देश दिया। उधर, सिविल सर्जन डॉ. आरके चौधरी ने भी निजी अस्पतालों को सीमित अोपीडी चलाने का आदेश दिया है, ताकि लाॅकडाउन के दौरान मरीजों को परेशानी न हो। उन्हाेंने इस दाैरान सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के लिए भी कहा।
आईजीआईएमएस : अटैच जिले
यहां कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद, जहानाबाद, बक्सर ,भोजपुर, अरवल, नवादा व सारण जिला में लिए गए संदिग्ध मरीजों के सैंपल की जांच होगी।
डीएमसीएच : अटैच किए गए जिले
मधुबनी व एमएमसी मेडिकल कॉलेज मधुबनी, दरभंगा व डीएमसीएच ,सुपौल, सहरसा, मधेपुरा व मेडिकल कॉलेज, अररिया, किशनगंज व एमजीएम मेडिकल कॉलेज ,पूर्णिया व कटिहार व केसीएम मेडिकल कॉलेज में में लिए गए सैंपल की जांच होगी।
पीएमसीएच: अटैच हुए जिले व संस्थान
पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (पीएमसीच) में नालंदा, वीआईआईएमएस पावापुरी, वैशाली, गया, एएनएमसीएच गया,पीएमसीएच
और एनएमसीएच के साथ-साथ पटना जिला के अन्य अस्पतालों में लिए गए सैंपलों की जांच होगी।
प्रत्यय अमृत बोले-लॉकडाउन पर निर्णय आगे के हालात पर
राज्य सरकार कोरोना के मद्देनजर बचाव के हर उपाय के साथ ही लॉकडाउन पर कड़ाई से अमल करने के लिए लगातार मॉनिटरिंग कर रही है। राज्य में 23 मार्च से लॉकडाउन लागू है। आपदा विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार स्वयं हालात पर नजर रखे हुए हैं। आगे जिस तरह के हालात रहेंगे इस आधार पर निर्णय लिए जाएंगे।
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3278 स्कूल क्वारेंटाइन सेंटर बनाए गए, यहां 32 हजार लोग
आपदा प्रबंधन विभाग ने कहा कि शुक्रवार को राज्य के 3278 स्कूल क्वारेंटाइन सेंटर में 32 हजार लोगों को रखा गया है। रविवार तक यह संख्या 27 हजार थी। प्रवासी आराम से रहे इसके लिए वहां रहने और खाने की भी व्यवस्था की गई है। वहीं शहरों में चलाये जा रहे 149 आपदा राहत केन्द्रों में सोमवार को 17 हजार लोगों को भोजन कराया गया।
आरएमआरआई : अटैच किए गए जिले-संस्थान
आरएमआरआई में दोनों चंपारण व मेडिकल कॉलेज बेतिया, गोपालगंज,सीवान, सीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर व एसकेएमसीएच ,समस्तीपुर,बेगूसराय्, भागलपुर व जेएलएनएमसीएच ,बांका, मुंगेर, जमुई्, लखीशराय,शेखपुरा व खगड़िया जिला में लिए गए सैंपल की जांच होगी।
पटना का आरएमआरआई होगा नोडल एजेंसी
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