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सिर्फ ड्यूटी नहीं, सेवाभाव से सेतु बन बिछड़ों को मिला रहे अपनों से

सिर्फ ड्यूटी नहीं, सेवाभाव से सेतु बन बिछड़ों को मिला रहे अपनों से

नालंदा पुलिस के डीआईयू टीम में तैनात आरक्षी मुकेश कश्यप ऑल इंडिया मिसिंग ग्रुप का नोडल अफसर बन भटकों को घर पहुंचाने में सराहनीय भूमिका निभा रहे हैं। वह इसे सिर्फ ड्यूटी नहीं बल्कि सेवा भाव की संजीदगी के साथ निभा रहे हैं। यही कारण है कि उन्हें कई सफलता मिली है। ग्रुप वैसे लोगों की तलाश करता है जो ट्रेसलेस रहते हैं। देशभर में फैले नेटवर्क के सहयोग से टीम लापता लोगों की तलाश सहजता से कर लेती है। ग्रुप के सभी मेम्बर काफी संजीदगी से भटकों की तलाश करते हैं। ग्रुप में कई आईपीएस शामिल हैं। देशभर के एक्टिव पुलिस कर्मियों को नोडल बनाया गया है। जिसमें नालंदा के आरक्षी भी शामिल हैं।
मानसिक रोगियों पर विशेष नजर ग्रुप में वैसे लापता के मैसेज शेयर किए जाते हैं जो अनट्रेस रहते हैं। वैसे मानसिक रोगी, जिनके पास मोबाइल नहीं होता। घर से निकल भटक जाते हैं। यात्रा के दौरान भटके लोग। ऐसे ट्रेसलेस लोगों पर ग्रुप की विशेष नजर होती है। ग्रुप पर लापता की फोटो और डिटेल शेयर कर उसकी तलाश तेज की जाती है।

नेशनल साइबर सेल ने दिया है सम्मान
आरक्षी मुकेश रोहतास जिला के विक्रमगंज थाना क्षेत्र के बलुआही गांव निवासी हैं। ब्लाइंड केसों के खुलासे में तकनीकी सहयोग के लिए आरक्षी को नेशनल साइबर सेल सम्मान दे चुका है। आरक्षी बताते हैं कि भटके लोगों के पास किसी तरह का साधन नहीं होता। जैसे-तैसे बसर करते हैं। ऐसे लोगों को अपनों से मिलाकर आत्मिक संतुष्टि मिलती है।

1 मां-बेटे को अपनों से मिलाया मुकेश ने
दरभंगा के बेनीपुर निवासी गजेंद्र सहनी की 24 वर्षीया पत्नी कविता देवी अपने मासूम बेटे के साथ 12 सितंबर को घर से भटक गई। जिसके बाद महिला किसी तरह मुंबई पहुंची। जहां कई दिन फुटपाथ पर रहने के बाद स्थानीय पुलिस ने उसे लेडिज हॉस्टल के सुपुर्द कर दिया। करीब माहभर बाद ऑल इंडिया मिसिंग ग्रुप के सहयोग से मां-बेटे घर पहुंच गए।

2 अपनों से मिलकर छलक आईं नरेश प्रसाद की आंखें
दीपनगर थाना क्षेत्र के महानंदपुर गांव निवासी 72 वर्षीय बुजुर्ग नरेश प्रसाद मानसिक रोगी हैं। 19 सितंबर को यह घर से भटक गए। परिवार के लोग इनकी तलाश में जुटे थे। करीब एक माह बाद आरक्षी मुकेश कश्यप के सहयोग से बुजुर्ग ग्वालियर से बरामद कर लिए गए। भटके बुजुर्ग जब परिवार से मिले तो उनकी आंखों के आंसू नहीं रूक रहे थे। शायद यह खुशी के आंसू थे।

मासूम बेटे के साथ बबिता देवी
मासूम बेटे के साथ बबिता देवी

3 किशोरी को पंजाब से किया बरामद
सहरसा निवासी 14 वर्षीया किशोरी बब्ली कुमारी 10 अगस्त को घर से भटक गई। किशोरी भटकते हुए ट्रेन से पंजाब के होशियारपुर पहुंच गए। सप्ताह भर बाद मिसिंग ग्रुप के प्रयास से किशोरी सकुशल बरामद कर ली गई।

4 भटक कर बुजुर्ग महिला पहुंच गईं मुंबई
कैमूर जिला के भभुआ निवासी मुहर्रम खलिफा की 60 वर्षीया पत्नी नूरजहां 28 सितंबर को घर से भटककर मुंबई पहुंच गई। परिवार के लोग उसकी तलाश में जुटे थे। मिसिंग ग्रुप के प्रयास से महिला को मुंबई से बरामद किया गया।



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पुत्र से गले मिलते बिछड़े नरेश प्रसाद।


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