Popular Posts

उपकरण के अभाव में नहीं हो रही आरटीपीसीआर तकनीक से जांच

उपकरण के अभाव में नहीं हो रही आरटीपीसीआर तकनीक से जांच

स्वास्थ्य विभाग ने सदर अस्पताल में बहुत पहले ही आरटी पीसीआर तकनीकी से जांच कराने के लिए लैब की व्यवस्था करने की घोषणा की थी। यह लैब 15 से 20 दिनों में चालू होना था। जगह उपलब्ध कराकर फर्नीचर की व्यवस्था कर दी गई है। उपकरण नहीं आने तथा कर्मचारियों को प्रशिक्षित नहीं किए जाने के कारण यह मामला लटका हुआ है। जिले में पिछले 24 घंटे के अंदर हुई कोविड-19 जांच में 11 व्यक्ति कोरोना से संक्रमित मिले हैं। पटना आरएमआरआई से आई आरटीपीसीआर जांच रिपोर्ट में सभी 290 व्यक्तियों की रिपोर्ट निगेटिव आई है। यह सैंपल 7 अक्टूबर को भेजे गए थे। बताया गया कि रैपिड एंटीजन किट से जांच में बहुत ही कम क्वालिटी मामले मिल रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग को चाहिए कि किट की जगह ट्रू नेट या आरटी पीसीआर जांच प्रक्रिया के तहत पूल टेस्ट कराए। वर्तमान कोरोना का संक्रमण लक्षणात्मक नहीं होने के कारण किट से जांच में रिपोर्ट निगेटिव आ रही है।

अबतक 3923 लोग हो चुके हैं संक्रमित, 3762 मरीज हुए स्वस्थ
सदर अस्पताल के ट्रू नेट लैब में जांच के दौरान सीवान सदर प्रखंड के 03 व्यक्ति सहित 05 व्यक्ति कोरोना से संक्रमित मिले हैं। अन्य दो व्यक्ति बड़हरिया प्रखंड के रहने वाले हैं। शनिवार को 3515 व्यक्तियों की जांच रैपिड एंटीजन किट से इसमें 06 व्यक्ति कोरोना से संक्रमित मिले। इस दौरान 123 सैंपल टू नेट तथा 332 सैंपल आरटी पीसीआर जांच के लिए लिया गया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा आरटी पीसीआर जांच के लिए 300 तथा ट्रू नेट जांच के लिए 175 सैंपल का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। जिले में अब तक 2 लाख 07 हजार 513 सैंपलों की जांच हो चुकी है। इसमें 3923 व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव मिले हंै। इसमें से करीब 3762 व्यक्ति कोरोना से जंग जीत चुके हैं। करीब 27 कोरोना से संक्रमित लोगों की मौत भी हो चुकी है। जिले में अभी 134व्यक्ति कोरोना के एक्टिव मरीज है।

शत-प्रतिशत लोगों की नहीं हो पा रही जांच
जिले में निगेटिव पाए जा रहे लोगों के शतप्रतिशत आरटीपीसीआर जांच नहीं हो रही है। इससे कोरोना वायरस का संक्रमण पूरी तरह से फैलने से नहीं रुक रहा है। नियमावली है कि रैपिड एंटीजन किट से जितने भी लोगों की जांच होगी, उसमें निगेटिव पाए जाने पर आरटीपीसीआर जांच करानी है। लेकिन कुछ सैंपल की जांच कराई जा रही है। इस वजह से कोरोना वायरस सभी लोगों में पता नहीं चलता रहा है। सरोज 3000 से ज्यादा सीट से जांच हो रही है लेकिन इसमें सिर्फ 300 से 400 लोगों का ही जांच आरटीपीसीआर द्वारा कराई जा रही है।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
RTPCR technology is not being tested due to lack of equipment


from Dainik Bhaskar https://www.bhaskar.com/local/bihar/patna/siwan/news/rtpcr-technology-is-not-being-tested-due-to-lack-of-equipment-127799231.html
https://i9.dainikbhaskar.com/thumbnails/680x588/web2images/www.bhaskar.com/2020/10/10/2_1602345730.jpg

0 Response to "उपकरण के अभाव में नहीं हो रही आरटीपीसीआर तकनीक से जांच"

Post a Comment