दरभंगा का गांव कुशेश्वरस्थान पूर्वी टापू बना; इसी तरह आसपास के इलाके में 19,400 वोटर के लिए बने 27 बूथ पानी से घिरे हैं
31 October, 2020
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यह है दरभंगा का सबसे पिछड़ा और बाढ़ प्रभावित क्षेत्र कुशेश्वरस्थान पूर्वी। सुघराइन गांव से आने-जाने के लिए साल में 5 महीने लोगों को नाव, कोसी के पानी और कीचड़ से गुजरना पड़ता है। यहां 3 नवंबर काे मतदान है। हर चुनाव में नेताजी सड़क का वादा करते हैं और फिर इनकी उम्मीदों को तैरने के लिए छाेड़ देते हैं।
यहां 2,50,595 मतदाताओं के लिए 115 मतदान केंद्र हैं। 27 बूथ पानी से घिरे हैं। 19,400 वोटरों को वाेट डालने के लिए नाव, पानी या कीचड़ से जाना पड़ेगा। लोग कहते हैं चुनाव में जाे भी यहां आया, सड़क बनाने का वादा किया और वाेट लेकर भूल गया। फिर हम तैरकर उन्हें वाेट क्याें दें? उधर, बीडीओ अशोक कुमार जिज्ञाशु ने कहा कुशेश्वरस्थान पूर्वी के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में नदियों में या रास्तों पर पानी रहेगा तो 77 नाव की व्यवस्था की है।
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