बड़े दिखने वाले सवालों के हल के लिए सेकंड ऑप्शन जरूर आजमाएं
आखिरकार तमाम अटकलों के बावजूद जेईई मेन परीक्षा शुरू हो ही गई। कोरोना संकट के इस दौर में सेंटर तक पहुंचने में काफी मुश्किलें जरूर आईं, बावजूद इसके स्टूडेंट्स अपनी पूरी ताकत और तैयारी के साथ परीक्षा-भवन के भीतर गए। कुछ तो अकेले ही आए थे लेकिन, अधिकतर बच्चों के साथ उनके अभिभावक भी थे। उधर परीक्षा चल रही थी और बाहर अभिभावक जल्दी से समय बीत जाने का इंतजार कर रहे थे।
परीक्षा समाप्ति के बाद मैंने भी कुछ बच्चों से बात की। अच्छा लगा बातचीत करके। बहुत कुछ सीखने और समझने को मिला। सोचा कि आप लोगों से भी शेयर कर दूं ताकि आगे होने वाली परीक्षाओं में आप कुछ खास बातों का ध्यान रख सकें। जिससे आपको बहुत लाभ और सुकून मिलेगा।
सबसे पहले मैंने यह जानने का प्रयास किया कि बच्चों को गांव से यहां पहुंचने में क्या-क्या मुश्किलें आईं। बच्चों की बातों को सुनकर अच्छा लगा। उन्होंने बताया कि वे लोग एक-दो दिन पहले से ही उस शहर में पहुंच गए जहां उनका सेंटर था। हां, शहर में ठहरने की थोड़ी दिक्कत तो जरूर हुई लेकिन, परीक्षा-भवन तक पहुंचना सुनिश्चित हो गया। दिए हुए समय से एक घंटा पहले ही सेंटर पर भी पहुंच गए।
फिर मेरा दूसरा सवाल था कि आपको लगातार तीन घंटें तक मास्क लगाकर परीक्षा देने में कोई दिक्कत तो महसूस नहीं हुई। तब कई बच्चों ने बहुत उत्साहवर्धक जवाब दिया। उन्होंने बताया कि जब उन्हें पता चला कि अब परीक्षा होगी ही, तब उन्होंने घर पर ही मास्क लगाकर रहना शुरू कर दिया। ज्यादा से ज्यादा समय तक घर में ही मास्क लगाए रहते थे ताकि मास्क लगाए रहने का अभ्यास बन जाए।
यह प्रैक्टिस लगभग 15 दिनों तक की। यही नहीं कई बच्चों ने तो मास्क लगाकर कम्प्यूटर के सामने बैठकर मॉक टेस्ट देकर अभ्यास भी किया। जिसका उन्हें बहुत लाभ मिला। कुछ बच्चों ने इससे भी आगे की बातें बताईं। उन्होंने कहा कि उन लोगों ने मास्क लगाकर मॉक टेस्ट देते वक्त फैन तक ऑफ कर दिया था। जिससे गर्मीं में भी परीक्षा देने का अभ्यास बना रहे।
आज इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए नहीं बल्कि आर्किटेक्चर में दाखिले के लिए परीक्षा आयोजित की गयी थी। तीन घंटे तक चलने वाली इस परीक्षा में कुल 75 सवाल पूछे गए। 25 सवाल मैथेमैटिक्स से पूछे गए थे और बाकी 50 रीजनिंग से। ज्यादातर बच्चों का कहना था कि मैथेमैटिक्स के सवाल तो आसान थे लेकिन, काफी लेंदी थे। बहुत कैलकुलेशन करने पड़े।
जहां तक मेरी समझ है कि अगर कोई सवाल आपको लेंदी लगता है तब आप एक बार फिर जरूर सोचें कि क्या कोई दूसरा तरीका हो सकता है सवाल हल करने का। कभी-कभी ऐसा होता है कि सवाल देखने में कैलकुलस का लगता है लेकिन, उसका समाधान एलजेब्रा से आसानी से निकाला जा सकता है। ऐसा भी होता है कि एलजेब्रा का सवाल ट्रिग्नोमेट्री से ज्यादा आसानी से हल हो जाता है। फिर भी किसी लेंदी दिखने वाले सवाल को हल करने में बहुत समय लग रहा हो तब आप उसे छोड़ भी सकते हैं।
अन्य दूसरे सवालों को हल करने का प्रयास करें। यह संभव हो सकता है कि उसी समय में आप दो या तीन दूसरे सवालों को हल कर दे। इसलिए जरूरी है कि शुरू में ही एक बार सारे सवालों को देख लें और फिर आसान लगने वाले सवालों से ही शुरुआत करें। धीरे-धीरे कठिन सवालों की ओर बढ़ें। सबसे अंत में लेंदी सवालों को हल करने का प्रयास करें।
अभी 6 सितंबर तक जेईई मेन परीक्षा चलेगी। फिर उसके बाद नीट की भी परीक्षा है। अगर आप इन बातों को ध्यान में रखकर आगे बढेंगें तब फायदा जरूर होगा।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://www.bhaskar.com/local/bihar/news/do-try-the-second-option-to-solve-big-looking-questions-127676785.html
https://i9.dainikbhaskar.com/thumbnails/680x588/web2images/www.bhaskar.com/2020/09/02/anand-kumar_1599000966.jpg
0 Response to "बड़े दिखने वाले सवालों के हल के लिए सेकंड ऑप्शन जरूर आजमाएं"
Post a Comment