अभिभावकों ने कहा-सरकार हमें कोरोना रोकने को लेकर आश्वस्त करे तभी हम बच्चों को भेजेंगे स्कूल, डीईओ बाेले-अभी तक नहीं मिला है विभागीय पत्र
लॉकडाउन में करीब पांच माह से अधिक समय से जिले के सरकारी व प्राइवेट स्कूल बंद है। इस बीच कुछ जगहों पर शर्तों के साथ स्कूल खोले जाने के आदेश से जिले में भी यह चर्चा का विषय बनते जा रहा है। लेकिन यहां अभी सरकार या स्थानीय प्रशासन से कोई गाइडलाइन नहीं जारी की गई है। इसलिए ऊहापोह की स्थिति है। वहीं डीईओ जगतपति चौधरी ने कहा कि अपने स्तर से स्कूलों को खोलने की तैयारी जारी है पर सरकार के निर्देश का इंतजार है। विदित हो कि निजी स्कूल संचालक स्कूल खोलने के संभावित आदेश की प्रत्याशा में तैयारी भी कर रहे हैं। दूसरी ओर, इस सुगबुगाहट के बाद अभिभावक भी गुणा-भाग में जुट गए हैं। अभिभावकों में खासकर बच्चों की मां का कहना है कि स्कूल खुलने से कोरोना संक्रमण फैलने का खतरा सबसे ज्यादा होगा और इसकी जद में छोटे-छोटे बच्चे भी आएंगे। शहर में रोजाना ही संक्रमण के मामले सामने आ रहे हैं। इन हालात में स्कूल खोलने का फैसला बिल्कुल सोच समझकर लिया जाना चाहिए। दूसरी ओर, जिले के लगभग 500 निजी स्कूल और कोचिंग के बंद रहने से इसके संचालक, शिक्षक समेत सभी तरह के कर्मचारी आर्थिक तंगी के भी शिकार हो चुके हैं।
पूरी तरह से असमंजस की स्थिति है : अर्चना
मस्जिद चौक निवासी इजहार हुसैन कहते हैं कि स्कूली बच्चे टेस्टिंग के लिए नहीं हैं। अगर स्कूल खुलता है तो भी वे बच्चों को नहीं भेजना चाहते हैं। आश्वस्त होना चाहते हैं कि कोरोना को लेकर स्थिति कंट्रोल में है या नहीं। सिंहेश्वर की अर्चना वत्स कहती हैं कि असमंजस की स्थिति है। बच्चों की पढ़ाई भी बाधित हो रही है, तो दूसरी ओर हर दिन किसी न किसी के संक्रमित होने की सूचना मिलती है। जयपालपट्टी निवासी रचना रश्मि कहती हैं कि आखिर कैसे सरकार बिना स्थिति कंट्रोल किए स्कूल खोलने का आदेश दे देगी। अभिभावक अनिल कुमार गुप्ता का कहना है कि छोटे या बड़े बच्चों को स्कूल में मास्क पहनाकर रखना, कोई चीज छूने पर साबुन या सैनिटाइजर का प्रयोग करना, फिजिकल डिस्टेंसिंग के अनुपालन कराने की चिंता सताती रहेगी। राकेश कुमार का कहना है कि सरकार एक्सपेरिमेंट बेसिस पर स्कूल न खोले। स्कूल में अगर कोरोना का कोई केस सामने आएगा तो तत्काल स्कूलों को बंद करा दिया जाएगा। लेकिन उस बीच का फीस का मामला खड़ा हो जाएगा।
स्कूल में बच्चों के सुरक्षा की रहेगी व्यापक व्यवस्था
हमलोगों ने थर्मल स्कैनर, मास्क, ग्लब्स के अलावा सैनिटाइजर का पूरा इंतजाम किया है। स्कूल में सुरक्षा की व्यापक व्यवस्था रहेगी। ताकि छात्र-छात्राओं को किसी तरह की परेशानी न होने पाए।
- अमन प्रकाश, प्रबंधक, केपीएस
जारी गाइडलाइन का किया जाएगा पालन होगा
सरकार की गाइडलाइन का पूरा पालन किया जाएगा। वैसे स्कूल खोलना जरूरी है। ऑनलाइन क्लास के बीच सत्र आधे से ज्यादा निकला है। ऐसे में क्लास को पटरी पर लाना विद्यालय प्रबंधन के लिए बड़ी चुनौती होगी।
-डॉ. वंदना घोष, प्राचार्य, हॉली क्रॉस
स्कूल खोलने के लिए अपने स्तर से है तैयारी
स्कूल खोलने को लेकर सरकार के निर्देश का इंतजार किया जा रहा है। अभी तक विभागीय पत्र नहीं मिला है। वैसे इसको लेकर अपने स्तर से तैयारी जारी है। आदेश मिलने पर सुरक्षा मानकों का पूरा ध्यान रखा जाएगा।
जगतपति चौधरी, डीईओ, मधेपुरा
लगातार मास्क पहनने से हो सकती है बीमारी
लगातार मास्क पहनने से बच्चों के शरीर में ऑक्सीजन की कमी हो सकती है। अगर बच्चे स्कूल में खेलते हैं तो उनके शरीर को ऑक्सीजन की ज्यादा जरूरत होगी। मास्क को हटाएंगे, तो संक्रमण की आशंका बढ़ जाएगी।
डॉ. डीपी गुप्ता, उपाधीक्षक, सदर अस्पताल, मधेपुरा
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