शिक्षक का क्वार्टर क्लर्क को दिया, प्राॅक्टर बोेले- वरीय अधिकारियाें का था दबाव
टीएमबीयू में पहले अधिकारी गुपचुप तरीके से गड़बड़ी करते थे, अब गड़बड़ी कर स्वीकारते हैं और गलत करने का कारण भी बताते हैं। ऐसा ही मामला मारवाड़ी काॅलेज में सामने आया है। कॉलेज के शिक्षक डाॅ. सुनील कुमार काे आवंटित क्वार्टर पीजी जूलाजी के हेड क्लर्क काे दे दिया गया। शिक्षक की गलती यह थी कि उन्हाेंने क्वार्टर काे रहने लायक बनाने का आग्रह किया था।
बस, इसे माैके के रूप में लेते हुए क्वार्टर हेड क्लर्क काे दे दिया गया, जबकि क्वार्टर शिक्षक रैंक के लिए ही तय है। डाॅ. सुनील कुमार ने कहा कि उन्हाेंने क्वार्टर के लिए आवेदन दिया था। उन्हें क्वार्टर आवंटित किया गया और निर्देश दिया गया कि 15 दिनाें में क्वार्टर में चले जाएं नहीं ताे आवंटन रद्द हाे जाएगा। जब वे क्वार्टर में रहने गए ताे वह बेतरतीब हालत में था।
उन्हाेंने इसकी मरम्मत कराने का आग्रह किया। इस बीच विश्वविद्यालय इंजीनियरिंग शाखा के लाेग वहां गए और मरम्मत का एस्टीमेट बनाया। इसके बाद उन्हें काेई जानकारी नहीं दी गई और क्वार्टर दूसरे काे दे दिया गया। बाद में प्राॅक्टर ने कह दिया कि क्वार्टर ठीक था, लेकिन शिक्षक रहने नहीं आए। डाॅ. सुनील कुमार का कहना है कि क्वार्टर ठीक था ताे इंजीनियरिंग शाखा ने मरम्मत का एस्टीमेट किसलिए बनाया था।
हालांकि उन्हाेंने फिर प्रभारी वीसी काे आवेदन दिया है। दूसरी तरफ प्राॅक्टर डाॅ. रामसेवक सिंह ने कहा कि हेड क्लर्क काे आवंटित करने के लिए एक अधिकारी दबाव बना रहे थे। बाद में प्रभारी वीसी ने क्लर्क काे क्वार्टर आवंटित करने का निर्देश दिया।
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