नारकीय जीवन जीने को विवश हैं जगदीशपुर गांव के ग्रामीण
बिहार सरकार ग्रामीण स्तर पर विकास के चाहे कितने भी दावे कर ले, लेकिन जमीनी हकीकत आज भी कुछ अलग ही कहानी बयां करती है। बरबीघा प्रखंड के जगदीशपुर गांव का महादलित टोला के लोग भी विकास से वंचित होने के साथ-साथ नारकीय जीवन जीने को विवश है। मुख्य रूप से नली और गली से वंचित होने के कारण कीचड़ भरे रास्तों से पिछले कई वर्षों से लोगों का आना-जाना लगा हुआ है। विकास के दावे करने वाले वर्तमान विधायक से लेकर सांसद तथा स्थानीय मुखिया का भी इस ओर कभी ध्यान नहीं गया। स्थानीय निवासी बबलू पासवान, रीना देवी, पिंकी देवी आदि ने बताया कि पक्की गली नहीं होने के कारण बरसात के दिनों में घुटने भर पानी से होकर आना-जाना पड़ता है।
वहीं, नाली का निर्माण नहीं होने से रास्ते पर सालों भर कीचड़ ही कीचड़ रहता है जिससे आने-जाने में काफी परेशानी होती है। उन्होंने बताया कि विधायक ने चुनाव के समय इसे बनवाने की बात कही थी, लेकिन चुनाव के बाद उन्होंने कभी दर्शन भी नहीं दिया। चुनाव से पूर्व उनके द्वारा गांव के कुछ हिस्सों में ढलाई का कार्य करवाया जा रहा है लेकिन महादलित टोले की समस्या पर उनकी नजर नहीं गई। उन लोगों ने आरोप लगाया कि हर नेता सिर्फ दलितों को ठगने का काम कर रहा है उनके दुख और दर्द से किसी को कुछ लेना देना नहीं है। बरबीघा विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के विधायक सुदर्शन कुमार द्वारा ग्रामीण स्तर पर विकास की बात तो की जाती है लेकिन सच्चाई यह है कि जगदीशपुर गांव में विधायक ने पिछले 5 सालों से कदम भी नहीं रखा है।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://www.bhaskar.com/local/bihar/patna/barbigha/news/villagers-of-jagdishpur-village-are-compelled-to-live-a-hellish-life-127714410.html
https://i9.dainikbhaskar.com/thumbnails/680x588/web2images/www.bhaskar.com/2020/09/13/91_1599954211.jpg
0 Response to "नारकीय जीवन जीने को विवश हैं जगदीशपुर गांव के ग्रामीण"
Post a Comment