120 किमी लंबा मुंगेर-मिर्जाचाैकी एनएच का नए सिरे से हाेगा निर्माण, अब 10 मीटर चाैड़ा होगा, 20 करोड़ से मरम्मत भी होगी
मुंगेर से मिर्जाचाैकी एनएच-80 का एक सिरे से निर्माण हाेगा। 120 किलाेमीटर लंबे एनएच का निर्माण तीन माह के अंदर शुरू हाेगा। यह कंक्रीट सड़क हाेगी। जरूरत के हिसाब से कहीं टू-लेन ताे कहीं फाेरलेन बनाया जाएगा। इसकी चाैड़ाई करीब दस मीटर हाेगी। इसके लिए सड़क परिवहन मंत्रालय ने 971 करोड़ रुपए की स्वीकृति दे दी है।
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने 3 माह के अंदर काम शुरू करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, प्रति माह रोड की प्रगति रिपोर्ट भी सौंपनी होगी। इसके साथ ही तत्काल इसे दुरुस्त करने के लिए 20 कराेड़ रुपए से इसकी मरम्मत जल्द शुरू की जाएगी। सड़क की मरम्मत बिहार सरकार की पथ निर्माण विभाग करेगी।
अगुवानी पुल के चालू हाेने से वाहनाें का बढ़ेगा भार, इसलिए मंत्रालय ने निर्माण का लिया निर्णय
सड़क परिवहन मंत्रालय के अनुसार इस रोड से रोजाना करीब 25 हजार वाहन गुजरते हैं। यह आसपास क्षेत्र में व्यावसायिक कार्यों के लिए मुख्य मार्ग है। इसी वजह से मंत्रालय ने नया मार्ग बनाने का निर्णय लिया है। यह रोड मुंगेर-भागलपुर-पीरपैंती झारखंड में मिर्जाचौकी को जोड़ेगा। इस रोड के बन जाने से सुल्तानगंज के अगुवानी घाट में बनाए जा रहे ब्रिज से खगड़िया से भी कनेक्टिविटी मिल जाएगी।
वहां से आने वाले करीब 6 हजार वाहन और बढ़ जाएंगे। मिर्चाचौकी पूरे बिहार, नेपाल,पश्चिम बंगाल में पत्थर आपूर्ति का मुख्य मार्ग है। पर्यटन के लिए भी यह रोड महत्वपूर्ण होगा। इसी को ध्यान में रखते हुए मंत्रालय ने इसके निर्माण का निर्णय लिया है।
अभी जर्जर एनएच के कारण भीषण जाम लगता है, राेड बनने से मिलेगी राहत
मुंगेर से भागलपुर होकर कहलगांव से झारखंड के मिर्जाचौकी तक अभी एनएच की हालत जर्जर है। इससे लाेगाें काे आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अक्सर भारी वाहन खराब हाे जाते हैं, जिससे भीषण जाम की स्थिति बनी रहती है। इसके निर्माण से आवागमन में आनेवाली परेशानी दूर हाेगी। साथ ही जाम से भी राहत मिलेगी। मिर्जाचौकी से पूरे बिहार, नेपाल, पश्चिम बंगाल की पत्थर की आपूर्ति का यह प्रमुख मार्ग है।
कहलगांव एनटीपीसी से सहरसा, मधेपुरा, बेगुसराय, पुर्णिया, किशनगंज फ्लाई ऐश लेकर जाने का भी यही मुख्य मार्ग है। पर्यटन की दृष्टि से भी यह मार्ग काफी महत्वपूर्ण है। भागलपुर के विक्रमशिला विश्वविद्यालय जाने वाले लोगों को भी जर्जर एनएच से असुविधा का सामना करना पड़ता है। इसकी मरम्मत हो जाने से लोगों को राहत मिलेगी। इस सड़क के महत्व को ध्यान में रखते हुए मंत्रालय ने इसे सीमेंट कंक्रीट सड़क बनाने का निर्णय लिया है।
जर्जर एनएच के कारण 40 किमी दूर कहलगांव जाने में लग जाते हैं चार घंटे
एनएच के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर मनाेरंजन कुमार पांडेय ने बताया कि 971 कराेड़ की लागत से बननेवाले पुराने मुंगेर-मिर्जाचाैकी एनएच के लिए टेंडर हाेने में अभी तीन माह लगने की संभावना है। लेकिन इसके पहले 20 कराेड़ की लागत से एनएच की मरम्मत की जाएगी, ताकि फिलहाल लाेगाें काे आवागमन में परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।
बता दें कि अभी एनएच की सबसे खराब स्थिति सबाैर से कहलगांव के बीच की है। यह सड़क सालभर पहले ही 41 कराेड़ की लागत से बनी है। लेकिन निर्माण के समय गुणवत्ता की कमी और निगरानी के अभाव में बनने के साथ ही यह सड़क टूटने लगी। अभी कई जगहाें पर जानलेवा गड्ढे बन गए हैं। खराब एनएच-80 के कारण भागलपुर से कहलगांव के बीच 40 किलाेमीटर की दूरी तय करने में तीन से चार घंटे का समय लग जाता है।
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