विश्वविद्यालय कर्मियों को भी पेंशन योजना में 10 की जगह 14% अंशदान देगी सरकार
उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने बताया कि पूर्व से लागू नई अंशदायी पेंशन योजना में केंद्र के अनुरूप राज्य के विश्वविद्यालय कर्मियों के लिए भी राज्यकर्मियों की तरह 10 की जगह 14 फीसदी का अंशदान राज्य सरकार देगी। इसका लाभ 1 सितंबर, 2005 और उसके बाद राज्य के विश्वविद्यालयों में नियुक्त 3 हजार शिक्षकों व एक हजार शिक्षकेतर कर्मियों को मिलेगा।
राज्य सरकार ने 01 जुलाई, 2019 के प्रभाव से अपने अंशदान को 10 से बढ़ाकर 14 फीसदी कर दिया है। माेदी ने कहा कि पहले जहां विश्वविद्यालय कर्मियों के मासिक वेतन से मूल वेतन और मंहगाई भत्ते के योग की 10 फीसदी राशि अंशदान के रूप में कटती थी, वहीं उतनी ही राशि नियोक्ता के रूप में विश्वविद्यालय द्वारा अंशदान दिया जाता था। इसे बढ़ाकर 14 फीसदी करने की अनुमति वित्त विभाग ने दे दी है।
पेंशन निधि या निवेश पैटर्न का विकल्प चुनने की मिलेगी सुविधा
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि नई पेंशन योजना के तहत राज्यकर्मियों की तरह विश्वविद्यालय कर्मियों को भी पेंशन निधि या निवेश पैटर्न का विकल्प चुनने की सुविधा रहेगी। वे वर्ष में एक बार अपने विकल्प को बदल सकेंगे। जो कर्मी न्यूनतम जोखिम राशि के साथ निर्धारित प्रतिफल के विकल्प का चयन करेंगे, उन्हें सरकारी प्रतिभूतियों में 100% निवेश का विकल्प दिया जाएगा।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://www.bhaskar.com/local/bihar/news/university-employees-will-also-contribute-14-in-pension-scheme-instead-of-10-127683864.html
https://i9.dainikbhaskar.com/thumbnails/680x588/web2images/www.bhaskar.com/2020/09/04/orig_sushil-modi-1_1599174405.jpg
0 Response to "विश्वविद्यालय कर्मियों को भी पेंशन योजना में 10 की जगह 14% अंशदान देगी सरकार"
Post a Comment