Popular Posts

छात्रों से पैसे ऐंठ कर मेडिकल-इंजीनियरिंग में एडमिशन और नौकरी दिलाने का लेते थे ठेका, सभी आईआईटी और एनआईटी से पासआउट

छात्रों से पैसे ऐंठ कर मेडिकल-इंजीनियरिंग में एडमिशन और नौकरी दिलाने का लेते थे ठेका, सभी आईआईटी और एनआईटी से पासआउट

नीट, जेईईई, मैनेजमेंट सहित देशभर की कई प्रवेश परीक्षाओं में धांधली के बड़े रैकेट और गिरोह का खुलासा हुआ है। इस गिरोह में कोई आईआईटी खड़कपुर तो कोई एनआईटी भोपाल और पटना का पासआउट है। गिरोह के छह शातिर बोरिंग रोड स्थित विंध्याचल अपार्टमेंट के एक फ्लैट से पकड़े गए। एडमिशन कराने और नौकरी दिलाने वाले शातिरों से पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासा हुए हैं।

फिलहाल यह गिरोह मनीपाल विवि की होने वाली परीक्षाओं में धांधली की तैयारी में लगा था। एसएसपी उपेंद्र शर्मा ने कहा कि शातिरों की तलाश कई राज्यों की पुलिस को है। अतुल वत्स गिरोह का सरगना है। उसकी तलाश चल रही है। शातिरों से एप्पल के चार लैपटॉप, एक सीपीयू, 10 महंगे मोबाइल, 5 पेन ड्राइव, 2 हार्ड डिस्क, 2 पासबुक, 8 चेकबुक, 6 लाख के दो चेक, 8 लाख की हर्ले डेविडसन बाइक, एटीएम कार्ड, 10 छात्रों के मूल प्रमाणपत्र मिले हैं।

उज्ज्वल बिहार का सरगना, पहली बार पुलिस की गिरफ्त में आया

पुलिस ने उज्ज्वल कश्यप, रमेश, नीतेश, प्रशांत, सौरभ और रोहित को गिरफ्तार किया है। उज्ज्वल कश्यप बिहार-झारखंड का सरगना है। हालांकि इस गिरोह का मास्टरमाइंड अतुल वत्स है। अतुल वत्स अक्सर दिल्ली में रहता है और उसके खिलाफ कई राज्यों में केस दर्ज हैं। उज्ज्वल पहली बार पुलिस के हत्थे चढ़ा है।

दाखिले और नौकरी के लिए एक अभ्यर्थी से 30 लाख तक की करता था उगाही

  • नीट: ‌‌‌20-30 लाख‌
  • एआईईई: 20-25 लाख
  • एएनएम: 2-3 लाख
  • दारोगा: 8-10 लाख
  • सिपाही: 5-6 लाख

बिहार की दारोगा, सिपाही और नर्स की बहाली के नाम पर भी ठगे पैसे
जब्त दस्तावेज और पूछताछ में हुए खुलासे की मानें तो गिरोह बिहार-झारखंड सरकार की नौकरियों में भी धांधली करवाता था। बिहार पुलिस में दारोगा, सिपाही व एएनएम में भर्ती का ठेका लेता था। विधानसभा में होने वाली बहाली के नाम पर भी गिरोह ने पैसे उठाए थे।शातिरों ने पुलिस से कहा कि वे नेवी, कोल इंडिया और एयर फोर्स की बहाली का भी ठेका लेते थे।
जालसाजी कैसे-स्क्रिन मिररिंग, एनी डेस्क है शातिरों का लेटेस्ट हथियार
अच्छे काॅलेजों के स्टूडेंट को लाखों का प्रलोभन देकर सॉल्वर के रूप में परीक्षाओं में बिठाते हैं। ऑनलाइन परीक्षा सेंटर मैनेज करते हैं। जिस सिस्टम पर उसका कैंडीडेट बैठता है, उसका डमी सिस्टम बाहर सॉलवर देते हैं। इसके लिए स्क्रीन मिररिंग या एनी डेस्क जैसे सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करते हैं। जैसे ही कैंडीडेट के स्क्रिन पर पेपर आया, हूबहू सॉल्वर को भी दिखता है।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
They used to take money from students and get admission in medical engineering and get a contract, passout from all IITs and NITs


from Dainik Bhaskar https://www.bhaskar.com/local/bihar/patna/news/they-used-to-take-money-from-students-and-get-admission-in-medical-engineering-and-get-a-contract-passout-from-all-iits-and-nits-127603218.html
https://i9.dainikbhaskar.com/thumbnails/680x588/web2images/www.bhaskar.com/2020/08/10/crime_1597013205.jpg

0 Response to "छात्रों से पैसे ऐंठ कर मेडिकल-इंजीनियरिंग में एडमिशन और नौकरी दिलाने का लेते थे ठेका, सभी आईआईटी और एनआईटी से पासआउट"

Post a Comment