बिहार हमेशा से जनआंदोलनों की जमीन, आज अगस्त क्रांति को नए संदर्भों में देखने की जरूरत
अगस्त क्रांति उस साम्राज्य के खिलाफ जंग थी, जिसके राज में कभी सूरज नहीं डूबता था। जनता राज कायम करने के लिए जब आम आदमी जागा तो पांच साल के भीतर ही अंग्रेजों को बोरिया-बिस्तर बांधन पड़ा। आज आमो-खास को वैसी ही लड़ाई, वैश्विक महामारी कोराना के खिलाफ भी लड़नी होगी। जागना ही जंग जीतने का सूत्र है...
सचिवालय गोलीकांड
11 अगस्त 1942 को सचिवालय पर झंडा फहराने दिन के दो बजे निकले छात्रों के हुजूम पर पटना के तत्कालीन डीएम डब्लू जी आर्चर के आदेश पर शाम 4.57 बजे गोली चली। 4 छात्रों की मौत मौके पर ही हो गई। तीन की अस्पताल में मौत हुई। गोली लगने से घायल एक छात्र की मौत एक दिन बाद हुई जिसका नाम आजतक अज्ञात है। सात शहीदों की याद में आजादी के बाद विधानसभा के सामने शहीद स्मारक बना। आठवें अज्ञात शहीद का जिक्र प्रो.बलदेव नारायण की पुस्तक ‘अगस्त क्रांति’ में है जो बिहार राज्य अभिलेखागार सेे प्रकाशित है।
8 अगस्त को गांधी जी के भाषण का अंश
... अहिंसा को मानते हुए हर आदमी जो चाहे करने के लिए आजाद है। वह हर तरफ जिच पैदा करे, हड़ताल करावे...। सत्याग्रहियों को कार्यक्षेत्र में पिल पड़ना चाहिए, जीने के लिए नहीं, मरने के लिए। जभी लोग निकल पड़ते हैं, ढूंढकर मौत का सामना करने के लिए तभी उनकी कौम मौत से बची रहती है, हमलोग करेंगे वा मरेंगे।
कोरोना के संदर्भ में गांधी जी के इसी भाषण को यूं पढें....
... मानवता को बचाने के लिए हर आदमी जो चाहे करने के लिए आजाद है। वह हर तरफ महामारी के प्रति जागरूकता पैदा करे...और उपलब्ध साधनों से काम ले। हर किसी को अपने-अपने कार्यक्षेत्र में पिल पड़ना चाहिए, जीने के लिए नहीं, लोगों को जिलाने के लिए। जभी लोग निकल पड़ते हैं, ढूंढकर मौत को हराने के लिए तभी उनकी कौम मौत से बची रहती है, हमलोग लड़ेंगे और जीतेंगे।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://www.bhaskar.com/local/bihar/news/bihar-has-always-been-the-land-of-peoples-movements-today-august-revolution-needs-to-be-seen-in-new-contexts-127600108.html
https://i9.dainikbhaskar.com/thumbnails/680x588/web2images/www.bhaskar.com/2020/08/09/92_1596927226.jpg
0 Response to "बिहार हमेशा से जनआंदोलनों की जमीन, आज अगस्त क्रांति को नए संदर्भों में देखने की जरूरत"
Post a Comment