सीओ ने कमला के दोनों तटबंध के बीच में बसे पंचायतों को किया अलर्ट
लगातार भारी वर्षा व नेपाल के जल अधिग्रहण क्षेत्र में भारी वर्षा से अधवारा समूह की नदियों का जलस्तर खतरें के निशान से ऊपर बह रही है। कमला, सुगर्वे, सुपेन नदी खतरें के निशान से ऊपर बह रही है। दूसरी ओर मुसलाधार वर्षा के कारण खेत खलिहान में पानी भर जाने के कारण बाढ़ की स्थिति बन गई है। सीओ विष्णुदेव सिंह ने कमला नदी के दोनों तटबंध के बीच में बसे लोगों को हाई अलर्ट घोषित कर दिया है। वहीं, दोनों तटबंध से सटे गांव के लोग बाढ़ की आशंका को लेकर रतजग्गा शुरू कर दिए है। नदी की बदलती धारा ने तो उनके धड़कन को और भी बढ़ा दिया है। शुक्रवार की सुबह से ही नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा।
पेट्रोलिंग जारी : सीओ
सीओ विष्णुदेव सिंह ने बताया कि तटबंधों पर पेट्रोलिंग की जा रही है। दोनों तटबंध के बीच में बसे लोगों व दोनों किनारे बसे गांवों में हाई अलर्ट घोषित कर दिए गए है। प्रशासन की ओर से हर संभव प्रयास किया जा रहा ताकि लोगों को किसी समस्या से जूझना न पड़े।
2004, 2007, 2019 में टूटा था तटबंध
प्रखंड क्षेत्र में कमला नदी 21 किमी, सूगरवे नदी 22 किमी, सूपेन धार की लंबाई भी 18 किमी है। सुगरवे नदी में अचानक बाढ़ आने से पलार, ठठरी, थरुआही, जलसेन आदि गांवों में पानी फैलने लगा है। प्रखंड के महरैल कमला नदी के दक्षिणी व देवहार गांव उत्तरी सीमा है। गंगद्वार, मैलाम, देवहार शिवा, रखवारी, हरड़ी, हरना, कर्णपूर, महरैल बाढ़ प्रभावित पंचायते है। गंगद्वार व मैलाम पश्चिमी तटबंध के पार के गांव है। वहीं महरैल कर्णपुर, हरना, हरड़ी, शिवा, रखवारी, देवहार पंचायते कमला बलान के पूर्वी तटबंध से लगी पंचायते है। भदुआर, विठौनी, महरैल आदि बिंदुओं पर भारी दबाव रहता है। वर्ष 1987 के प्रलयकारी बाढ़ के बाद 2004, 2007, 2019 में तटबंध टुटा था। भदुआर में धारा तटबंध से कुछ ही दुरी पर है। पिछले वर्ष भी रखवारी गांव के समीप पूर्वी तटबंध टूटा गया था। लोगो को काफी जानमाल की नुकसान हुआ था।
सीमावर्ती इलाके में बाढ़ का कहर
इंडो-नेपाल बॉर्डर पर बहने वाली जमुनी व बैंलोती नदी में जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का कहर शुरू हो गया है। शनिवार को हरलाखी प्रखंड के अंतर्गत दर्जनों गांव के खेतों में बाढ़ का पानी घुस गया। जिससे किसानों के धान का फसल डूब गया है। रानीपट्टी, इटहरवा, हरिणे सहित अन्य गांव के किसान की बेचैनी बाढ़ ने बढ़ा दी है। नेपाल के पहाड़ी इलाके में लगातार मुसलाधार बारिश से नदियों में बढ़े जलस्तर से एक-दो जगह बाढ़ का पानी डायवर्सन सड़क पर चढ़ जाने से आवागमन भी प्रभावित हो गया है। सबसे ज्यादा बाढ़ का पानी हरिणे गांव के लोगों की बेचैनी बढ़ा दी है। सैकड़ो एकड़ में लगे धान के फसल में पानी घुस गया है। प् पिछले साल भी बाढ़ से हुए तबाही के बावजूद भी प्रशासन की लापरवाही के कारण किसानों को क्षति हुए फसल का मुआवजा नही मिल पाया था।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://www.bhaskar.com/local/bihar/muzaffarpur/andhrathadhi/news/co-alerts-the-panchayats-situated-between-the-two-embankments-of-kamla-127501835.html
https://i9.dainikbhaskar.com/thumbnails/680x588/web2images/www.bhaskar.com/2020/07/11/11madhubani-07_1594487276.jpg
0 Response to "सीओ ने कमला के दोनों तटबंध के बीच में बसे पंचायतों को किया अलर्ट"
Post a Comment