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श्राद्ध कर्म में भाेज के आयोजन से शोकाकुल परिवार पर पड़ता है बोझ, इसका बहिष्कार होना चाहिए

श्राद्ध कर्म में भाेज के आयोजन से शोकाकुल परिवार पर पड़ता है बोझ, इसका बहिष्कार होना चाहिए

दैनिक भास्कर द्वारा मृत्यु भोज को मन से त्यागने का आह्वान व संतों की अपील का लोगों ने स्वागत करते हुए अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। लोगों ने इस सामाजिक बदलाव के लिए अपनी सहमति व्यक्त की। इससे इसके खिलाफ समाज में माहौल बनने लगे हैं। लोग इसके खिलाफ आगे आने की बात करने लगे हैं। लोगों ने समाज में इस कुप्रथा से हो रही हानि व प्रभाव पर खुल कर अपनी भावना रखी है। इस क्रम में महंत राजीव रंजन दास ने कहा कि परिजन की मृत्यु पर सभी लोग शोकाकुल रहते हैं। ऐसे में सामाजिक भोज का दायित्व उठाने से आर्थिक हानि के साथ ही मानसिक उत्पीड़न होता है। समाज की यह कुप्रथा एक क्रूर मजाक ही कहा जा सकता है। मैं इस प्रकार की सभी कुप्रथा के विरोध में हूं। दैनिक भास्कर की यह पहल सराहनीय है। हमें भी अब इस प्रथा को जड़ से हटाने के लिए एकजुट होने की जरूरत है।

1.पिता की भावना का कद्र कर नहीं किया मृत्युभोज

बाजपट्‌टी के महमदा निवासी व उच्च विद्यालय के प्राचार्य राम एकबाल सिंह ने अपने परिवार को मृत्यु भोज नहीं करने की बात कही थी। उनकी भावना का कद्र करते हुए उनके पुत्र अधिवक्ता दयाशंकर उर्फ मुन्ना ने मृत्यु भोज से पूर्णतया परहेज किया।

2. पिता की आज्ञा का पालन कर नहीं किया मृत्युभोज

डुमरा के विनोद बिहारी लाल कर्ण ने अपने निधन पर परिवार के लोगों को सादगी के साथ कार्य करने का आग्रह किया था। उनके पुत्र डॉ. आनंद प्रकाश वर्मा ने उनकी भावना को सामने रखते हुए सामाजिक मृत्युभोज से परहेज किया।

3.पिता के निधन पर सिर्फ श्राद्ध कर्म संस्कार किया

रेवासी निवासी त्रिवेणी प्रसाद सिंह एक समृद्ध किसान व समाजसेवी थे। उन्होंने ने भी परिवार के लोगों को मृत्यु भोज से परहेज करने की हिदायत दी थी। उनकी भावना का कद्र करते हुए उनके परिवार के लोगों ने सिर्फ श्राद्ध कर्म संस्कार किया।

वॉट्सएप करें

यदि समाज और संगठन इस कुप्रथा को पूरी तरह बंद करने के लिए सहमत हैं तो पदाधिकारी समाज की सहमति हमें वॉट्सएप पर भेज सकते हैं। हम आपकी सहमति को प्रकाशित करेंगे जिससे अन्य लोगों को भी प्रेरणा मिल सके। जो पदाधिकारी नहीं हैं वे भी अपनी राय दे सकते हैं। मृत्यु भोज में शामिल नहीं होने का निर्णय लेने वाले भी सिर्फ सहमत लिखकर आप हमें 9934428193 पर वॉट्सएप भेज सकते हैं।



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