Popular Posts

चार दिन की लगातार बारिश से नदियों के जलस्तर में डेढ़ से तीन फीट की वृद्धि

चार दिन की लगातार बारिश से नदियों के जलस्तर में डेढ़ से तीन फीट की वृद्धि

पिछले चार दिनों से इलाके मेंरुक-रुक कर हो रही बारिश और कोसी बराज से पानी छोड़े जाने के कारण आलमनगर और चौसा की नदियों का जलस्तर काफी बढ़ गया है। ग्रामीणों की माने तो इलाके में डेढ़ से लेकर तीन फीट तक पानी बढ़ा है। इस कारण से अब इस दोनों प्रखंडों की निचले इलाके की लगभग एक लाख की आबादी किसी न किसी रूप में प्रभावित होने लगी है।
नदियों से बाहर भी जलकुंभी का बहाव होने लगा है। इससे अंदाज लगाया जा रहा है कि जलस्तर बढ़ने से छोटी-छोटी नदियां, नाले, गब्बी भी पानी से भरने लगे हैं। रविवार को चौसा क्षेत्र के सैकड़ों पशुपालक अपने-अपने मवेशी लेकर ऊंचे स्थानों पर जाते देखे गए। जलस्तर में लगातार वृद्धि को देखते हुए चौसा प्रखंड के विभिन्न स्थानों पर 14 नाव की सरकारी स्तर से व्यवस्था की गई है। जबकि आलमनगर क्षेत्र में भी आध दर्जन नाव चिह्नित की गई है। इसी तरह ग्वालपाड़ा से गुजरने वाली सुरसर नदी का जलस्तर भी बढ़ रहा है, इससे कई जगहों पर हल्का कटाव शुरू हो गया है। हालांकि अभी स्थिति खतरनाक नहीं हुई है।

तियर तोला स्कूल में घुसा बाढ़ का पानी
बाढ़ के कारण आधा दर्जन पंचायतों में धान की फसल प्रभावित होने की संभावना जताई जा रही है। फुलौत पश्चिमी पंचायत के तियर टोला मध्य विद्यालय प्रांगण में बाढ़ का पानी प्रवेश कर चुका है। सपनी मुसहरी के छोटे लाल मेहता, लाली शर्मा, रीता देवी, संजय सिंह व उमेश यादव आदि ने बताया कि प्रशासन के द्वारा अधिक मात्रा में नाव की सुविधा नहीं रहने के कारण हम लोगों को आने- जाने में नाविकों को 10 रुपए देना पड़ता है। खासकर पशुओं के लिए चारे का संकट भी उत्पन्न हो गया है। जान जोखिम में डालकर लोग कोसी नदी के उस पार नाव से चारा लाने जाने को विवश हैं। नदी किनारे के अधिकांश लोग जुगाड़ शौचालय बनाकर शौच के लिए जाते हैं। जिप सदस्य अनिकेत कुमार मेहता, मुखिया बबलू ऋषिदेव एवं समाज सेवी ओमप्रकाश शर्मा ने कहा कि बाढ़ प्रभावित किसानों के बीच अबतक प्रशासन द्वारा कोई सुविधा बहाल नहीं की गई है।

आलमनगर के बाढ़ क्षेत्र में चलाई जा रही है पांच नाव
आलमनगर |
प्रखंड के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में भी स्थिति खराब होते जा रही है। एक सप्ताह पूर्व ही भरही नदी पर बने डायवर्सन के डूब जाने से आवागमन की समस्या उत्पन्न हो गई है। रतवारा पंचायत के छतौना बासा, रतवारा स्कूल टोला, ललिया पुनर्वास सहित खापुर के कपसिया बासा, चौढ़ली बासा, भवानीपुर बासा सहित कई गांवों का आवागमन बाधित है। शनिवार को करीब डेढ़ फीट पानी बढ़ने से भवानीपुर बासा में बने डायवर्सन के ऊपर से पानी बहने लगा है। सीओ मनोरंजन कुमार मधुकर ने बताया कि कोसी के जलस्तर में वृद्धि के कारण यह स्थिति हुई है। तत्काल 5 नाव की व्यवस्था की गई है।

चौसा प्रखंड की आधा दर्जन पंचायतें बाढ़ से प्रभावित
अभी चौसा प्रखंड क्षेत्र के आधा दर्जन पंचायत के हिस्सों में बाढ़ का पानी फैला है। जबकि नदी के आस-पास सटे बस्ती में भी पानी घुस गया है। इस कारण से लोग सामान को ऊंचे स्थानों पर सुरक्षित कर रहे हैं। फुलौत पूर्वी एवं पश्चिमी पंचायत सहित कई गांव के लोगों के बीच आवागन की समस्या को देखते प्रशासन की तरफ से आधा दर्जन से अधिक जगहों पर नाव का परिचालन बहाल किया गया है। फुलौत पूर्वी एवं पश्चिमी पंचायत के सपनी मुसहरी, झंडापुर बासा, घसकपुर, पनदही बासा, कारे बासा, अमनी, करेलिया, बड़ीखाल, मोरसंडा, श्रीपुर बासा, पर्वता, चिरौरी, लौआलगान पूर्वी एवं पश्चमी पंचायत के हिस्सों में पानी फैल गया है। इससे ग्रामीणों काे मवेशियों के लिए चारे की किल्लत उत्पन्न हो गई है।

बाढ़ को लेकर प्रशासन है सजग
बाढ़ को लेकर प्रशासन पूरी तरह सजग है। निचले इलाके के लोगों को आवागमन के लिए चौसा प्रखंड में अलग-अलग स्थानों पर सरकारी स्तर से 14 नाव की व्यवस्था की गई है। जरूरत पड़ने पर और नाव मुहैया कराई जाएगी।
एसजेड हसन, एसडीएम, उदाकिशुनगंज



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
चौसा के तियर टोला बस्ती में घुसा बाढ़ का पानी, जिसकी वजह से लोगों की परेशानी बढ़ गई है।


from Dainik Bhaskar https://www.bhaskar.com/local/bihar/bhagalpur/chausa/news/four-and-a-half-days-of-continuous-rain-increased-the-water-level-of-rivers-by-one-and-a-half-to-three-feet-127504839.html
https://i9.dainikbhaskar.com/thumbnails/680x588/web2images/www.bhaskar.com/2020/07/12/1_1594569675.jpg

0 Response to "चार दिन की लगातार बारिश से नदियों के जलस्तर में डेढ़ से तीन फीट की वृद्धि"

Post a Comment