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हृषिकेश ने दादा की याद में और आरपी राय ने पिता की इच्छा के अनुसार महाविद्यालय बनाकर समाज में पेश की मिशाल

हृषिकेश ने दादा की याद में और आरपी राय ने पिता की इच्छा के अनुसार महाविद्यालय बनाकर समाज में पेश की मिशाल

मृत्यु भोज के नाम पर होने वाले दिखावे से दूर हमारे समाज में ऐसे कुछ लोग हुए हैं जिन्होंने सामाजिक कार्यों में पैसे खर्च किए हैं। शिक्षा से महरूम समुदाय के लिए स्कूल या कॉलेज और पुस्तकालय खुलवाने में योगदान देने वाले परिवारों की आज भी सराहना होती है। यदि पूर्वज की आत्मा की शांति के लिए ऐसा ही सामाजिक काम किया जाए तो भोज में एक शाम खाना खिलाने या खाने से कहीं बेहतर किसी सामूहिक संकट से निजात दिलाना होगा। इस काम में पूरे समुदाय को भागीदार बनना चाहिए।

1.पौत्र ने दादा की याद में बनाया महाविद्यालय

जिला के विभूतिपुर प्रखंड के स्वतंत्रता सेनानी राम निरीक्षण सिंह का निधन 29 जून 1968 ई. में हो गया था। इनके बारे में बताया जाता है कि वे हमेशा समाज के लिए सोचते रहते थे। उनके पौत्र हृषीकेश कुमार ने बताया कि दादा जी कहते थे कि मेरे निधन के बाद श्राद्ध भोज नहीं ऐसा काम करना है कि समाज का कल्याण हो। इसके बाद उनके नाम पर काशीपुर इलाके में वर्ष 1968 में आरएनआर महाविद्यालय की स्थापना की।

2.ब्रह्मदेव राय शर्मा के नाम से पूसा में कॉलेज बनाया

पूसा प्रखंड के मलिकौर गांव के स्वतंत्रता सेनानी ब्रह्मदेव राय शर्मा का निधन 05 फरवरी 1983 को हो गया था। उनके पुत्र बिरसा कृषि विवि रांची के भूतपूर्व कुलपति डॉ. आरपी.राय शर्मा ने बताया कि पिताजी हमेशा समाज के लिए लड़ाई लड़ते रहते थे। उनकी इच्छा थी कि युवतियों को लिए शिक्षा के लिए एक कॉलेज खोलना है। कुछ जमीन खरीद कर और सरकार के सहयोग से पूसा में ही ब्रह्मदेव राय शर्मा महिला कॉलेज बनवाया।

3.6 एकड़ जमीन स्कूल के नाम कर दी

समस्तीपुर जिला के हसनपुर प्रखंड के पटसा गांव में जुलाई 1961 में कल्लर चौधरी का निधन 80 साल की उम्र में हो गया था। उस समय उनके परिवार के लोगों ने श्राद्धकर्म करने के बाद ब्राह्मणों को दान करने के बदले 6 एकड़ जमीन स्कूल के नाम से दान कर दी। साथ ही उस जमीन में आर्थिक सहायता प्रदान कर भवन भी बनवाया।

वॉट्सएप करें

यदि समाज और संगठन इस कुप्रथा को पूरी तरह बंद करने के लिए सहमत हैं तो पदाधिकारी समाज की सहमति हमें वॉट्सएप पर भेज सकते हैं। हम आपकी सहमति को प्रकाशित करेंगे जिससे अन्य लोगों को भी प्रेरणा मिल सके। जो पदाधिकारी नहीं हैं वे भी अपनी राय दे सकते हैं। मृत्यु भोज में शामिल नहीं होने का निर्णय लेने वाले भी सिर्फ सहमत लिखकर आप हमें 9934428193 पर वॉट्सएप भेज सकते हैं।



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