चौसा के आठ पंचायतों में फैला बाढ़ का पानी, लोग ऊंचे स्थान पर ले रहे शरण
कोसी नदी के जलस्तर में पिछले पांच दिन से लगातार वृद्धि हो रही है। इससे प्रखंड क्षेत्र के फुलौत सहित आधा दर्जन पंचायत के कई गांवों में बाढ़ की स्थिति विकराल होते जा रही है। फुलौत पूर्वी एवं पश्चिमी पंचायत सहित निचले इलाके के लोग मवेशियों के साथ ऊंचे स्थान पर शरण लेने लगे हैं। बाढ़ से प्रभावित होने वाले लौआलगान पूर्वी एवं पश्चिमी, चौसा पश्चिमी, चिरौरी, मोरसंडा, पैना, फुलौत पूर्वी एवं पश्चिमी पंचायत के निचले इलाके के दर्जनों गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। जिप सदस्य अनिकेत कुमार मेहता ने प्रशासन से पीड़ित लोगों के बीच राहत सामग्री वितरण करने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि कई पंचायत के हिस्सों में धान की फसल डूब गई है। दूसरी ओर, चौसा-फुलौत सड़क पर भी पानी का दबाव बढ़ते जा रहा है। धनेशपुर और चिरौरी फरदा पारी पुल से हल्का ऊपर पानी बहने लगा है। यह सड़क किसी भी समय बाधित हो सकती है। सीओ आशुतोष कुमार ने बताया कि दो दिन से बाढ़ की स्थिति गंभीर होते जा रही है। आवागमन बहाल करने के लिए नाव का परिचालन कराया जा रहा है।
मुरौत शिव मंदिर टोला के कई घरों में घुसा बाढ़ का पानी :
आलमनगर | कोसी बराज से लगातार छोड़े जा रहे पानी के कारण प्रखंड क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति विकराल होते जा रही है। प्रखंड क्षेत्र के आठ पंचायत में पानी फैलते जा रहा है। वहीं प्रखंड मुख्यालय से कई गांव का सड़क संपर्क भंग हो गया है। इसके साथ ही हजारों एकड़ में लगी धान की फसल डूब गई है। प्रखंड के रतवारा, खापुर, गंगापुर, बड़गांव, इटहरी, कुंजोड़ी, आलमनगर दक्षिणी, आलमनगर पूर्वी पंचायत में बाढ़ का पानी फैल गया है। वहीं रतवारा पंचायत के मुरोत के शिव मंदिर टोला और छतौना बासा के लगभग दो दर्जन घरों में पानी घुस गया है। लोग सूखे स्थानों पर पॉलीथिन से बचाव करने की कोशिश कर रहे हैं। मुरौत के शिव मंदिर टोला के शंकरदेव, दाहो मल्लिक, सुभाष सिंह, जामुन ऋषिदेव, हीरो शर्मा, विनीत सिंह, दिनेश सिंह व नरेश सिंह आदि ने बताया कि पानी की रफ्तार बढ़ते जा रही है। अब आंगन एवं घरों में प्रवेश कर गया है। शिव मंदिर टोला के सुभाष सिंह ने बताया कि आवागमन के लिए अब नाव ही हम लोगों का सहारा है। सीओ मनोरंजन कुमार मधुकर ने बताया कि बाढ़ को लेकर फिलहाल आवागमन के लिए 33 नाव का परिचालन कराया जा रहा है। लोगों से सावधानी बरतने की अपील की जा रही है।
कुसहा त्रासदी के दौरान बना डायवर्सन जानलेवा
बिहारीगंज | बिहारीगंज के बिशनपुर में एसएच-91 पर निर्माणाधीन पुल के समीप बने डायवर्सन जानलेवा बन गया है। सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढे हर दिन हादसे को आमंत्रण दे रहा है। इस डायवर्सन का निर्माण वर्ष 2008 में कुसहा त्रासदी के दौरान किया गया था। उस समय बाढ़ आने के कारण उक्त स्थल पर पुल टूटकर पानी के तेज बहाव में विलीन हो गया था। इस कारण उक्त स्थल पर एक बड़ा सा गड्ढा बना था। उसे ही बाद में ह्यूम पाइप डालकर डायवर्सन का निर्माण कर उसे चलने लायक बनाया गया था। अब डायवर्सन से सटे गैमन इंडिया द्वारा एक पुल का निर्माण किया जा रहा है। डायवर्सन होकर वाहनों का परिचालन होता है। सड़क पर बड़ा गड्ढा बन जाने से हर दिन जाम की समस्या उत्पन्न होती है। गड्ढे में पानी जमा रहने से वाहन चालक अपना संतुलन खो देते हैं और आए दिन दुर्घटना हाेते रहती है। डायवर्सन को दुरुस्त नहीं किया जाना किसी न किसी प्रकार से कार्य के प्रति लापरवाही को उजागर करता है। एसडीएम एसजेड हसन ने कहा कि वे कंपनी के अभियंता से बात कर समस्या का समाधान कराएंगे।
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