चंपारण तटबंध को ग्रामीणों की मुस्तैदी ने टूटने से बचाया
प्रखंड क्षेत्र के आसाराम पटखौली में चंपारण तटबंध को ग्रामीणों की सक्रियता की वजह से बचा लिया गया है बांध में सीपेज होने के कारण बांध अचानक धंस गया जिसको देख ग्रामीणों ने विभाग के कर्मियों को सूचित किया। विभाग की शिथिलता की वजह से कोई ठोस कार्रवाई नहीं होते देख ग्रामीण स्वयं सक्रिय हो गए । ग्रामीण बांध टूटने के खतरे से भयभीत दिखे और ग्रामीणों ने त्वरित बांध को बचाने के लिए बोरे में बालू भर कर तटबंध पर रखने लगे जिसे बाद में हुए सीपेज को रोका गया तथा बांध से ओवरफ्लो होकर जो पानी बहने लगा था उसे रोका।
ग्रामीण इसराइल मियां, मोहन माझी , मुख देव माझी , ढोराई मियां, रफीक मियां, सतार मियां सहित दर्जनों ग्रामीणों ने बताया कि यदि चंपारण तटबंध पर हम सब सक्रिय होकर मिट्टी भराई नहीं करते तो नदी अपना रुख अब तक बदल दी रहती और हजारों परिवार इसके चपेट में आ जाते । उनका कहना था कि विभाग की घोर लापरवाही की वजह से ऐसा हो रहा है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि अपने थोड़े से फायदे के लिए जानबूझ कर विभागीय पदाधिकारी एवं संवेदक बांध की देखभाल सही तरीके से नहीं कर रहे हैं।
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