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मुख्यमंत्री बोले- दबाव वाले तटबंधों पर हाई अलर्ट मोड में रहें इंजीनियर, बाढ़ प्रभावितों को रहने-खाने-पीने की उचित व्यवस्था करें

मुख्यमंत्री बोले- दबाव वाले तटबंधों पर हाई अलर्ट मोड में रहें इंजीनियर, बाढ़ प्रभावितों को रहने-खाने-पीने की उचित व्यवस्था करें

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य में बाढ़ की वजह से दबाव वाले तटबंधों पर जल संसाधन विभाग के इंजीनियर हाई अलर्ट मोड में रहने का आदेश दिया है। मुख्यमंत्री ने सोमवार से जल संसाधन विभाग के सचिव संजीव हंस को कहा कि तटबंधों के निकट मेटेरियल्स की पर्याप्त उपलब्धता रहनी चाहिए ताकि किसी भी प्रतिकूल परिस्थिति में आपातकालीन मरम्मत की जा सके। दबाव वाले तटबंधों पर प्रतिदिन 24 घंटे लगातार पेट्रोलिंग होती रहनी चाहिए ताकि बांधों की नियमित निगरानी हो सके।

इसमें किसी तरह की कोताही नहीं होनी चाहिए। बाढ़ प्रभावित इलाकों में जीआर वितरण डीबीटी के माध्यम से किया जाए ताकि सभी बाढ़ प्रभावित लोगों को इसका लाभ मिल सके। इसके लिए धन की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने आपदा सचिव प्रत्यय अमृत से कहा कि बाढ़ प्रभावित जिलों में सुरक्षित निकालकर लाए जा रहे लोगों को अच्छे राहत कैंपों में बेहतर व्यवस्था के साथ रखा जाए। पर्याप्त संख्या में कम्यूनिटी किचेन हो। आवश्यकतानुसार कम्यूनिटी किचेन और राहत केन्द्रों की संख्या बढ़ायी जाए। राहत केन्द्र में रहने वाले लोगों को मुफ्त मास्क, शुद्ध पेयजल, अच्छा भोजन उपलब्ध हो।

3.30 लाख और लोग बाढ़ के पानी से घिरे

24 घंटे के दौरान 11 जिलों की 140 नई पंचायतों तक बाढ़ का पानी फैल गया है। इससे 3.30 लाख और लोग प्रभावित हुए है। आपदा प्रबंधन विभाग के अपर सचिव एम.रामचंद्रु डू ने बताया कि 93 प्रखंडों की 765 पंचायतों में 16.10 लाख आबादी प्रभावित हुई है। एनडीआरएफ-एसडीआरएफ ने 1,67,005 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। शनिवार से प्रभावित लोगों के लिए गोपालगंज, दरभंगा और पश्चिम चंपारण में हेलीकॉप्टर के माध्यम से फूड पैकेट्स गिराए जा रहे हैं।

बाढ़ से 64 स्थानों पर सड़क और पुलिये टूटे
बाढ़ में सूबे की सड़कें क्षतितग्रस्त हुई हैं। पथ निर्माण विभाग ने सोमवार को इसकी पूरी सूची जारी की है। बाढ़ प्रभावित जिलों में कई महत्वपूर्ण सड़कें टूटी हैं। रिपोर्ट के अनुसार 64 स्थानों पर सड़क, पुलिये टूटे हैं। 28 सड़कों पर आवागमन बाधित हुआ है जबकि 12 सड़कों पर आवागमन सुचारू करने के लिए डायवर्सन बनाया गया है। इसी तरह 65 सड़कों के ऊपर से पानी ओवरटाप करके बह रहा है, यहां यातायात बाधित नहीं हुआ है।

गंडक के बाद अधवारा के जलस्तर का रिकाॅर्ड

सोमवार की सुबह अधवारा नदी अपने रिकाॅर्ड स्तर पर पहुंच गई। नदी खतरे के निशान से 1.13 मीटर ऊपर बह रही हैै। सोमवार को नदी अपने पहले के सर्वोच्च जलस्तर से 49 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गई। अधवारा नदी के जलस्तर ने सोमवार को दरभंगा के बिशुनपुर में 48.53 मीटर के स्तर को छू लिया। यह नदी का अबतक का सर्वोच्च जलस्तर है। इसके पहले नदी का सर्वोच्च जलस्तर 48.04 मीटर था। नदी का खतरे का निशान 47.40 मीटर है।



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Chief Minister said - Engineers in high alert mode on pressure embankments, make proper arrangements for living and drinking of flood affected people


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