माेतिहारी में बूढ़ी गंडक का पीपरा बैरिया रिंग बांध टूटा, एक हजार लोग हुए बेघर
माेतिहारी के चकिया प्रखंड की महुआवा पंचायत अंतर्गत बैरिया बंजरिया गांव स्थित बूढ़ी गंडक नदी का रिंग बांध गुरुवार की अहले सुबह टूट गया। इस रिंग बांध के टूटने से 1000 लोग बेघर हो गए। बाढ़ प्रभावित लोग मुख्य बांध पर प्लास्टिक का घर बनाकर या खुले आकाश के नीचे रहने को मजबूर हो गए हैं। एनएच 104 एवं एएच 42 तक बाढ़ का पानी फैलने का खतरा है। स्थानीय लाेगाें ने बताया कि लगभग 2500 बोरी में रेत व मिट्टी भरकर नीचे ही रखा रह गया लेकिन विभागीय जेई की उदासीनता के कारण बांध पर नहीं रखा जा सका।
बूढ़ी गंडक नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। 10 दिन पूर्व 21 जुलाई को नदी के जलस्तर ने इस वर्ष पहली बार खतरे के निशान 45.73 मीटर को पार किया था। उसके बाद से अब तक प्रतिदिन औसतन 25 सेंटीमीटर की दर से जारी बढ़ोतरी से नदी का जलस्तर गुरुवार दोपहर तक 2.56 मीटर तक बढ़कर 48.29 मीटर हो गया। दूसरी ओर लगातार बढ़ रहे जलस्तर से जहां बांध पर दबाव बढ़ता ही जा रहा है।
गोपालगंज: बैराज से छोड़ा गया 2.18 लाख क्यूसेक पानी
चार प्रखंडों के करीब 6 लाख की आबादी पिछले 7 दिनों से बाढ़ की त्रासदी झेल रही है। अभी गंडक नदी उफान पर और 8 सेमी नदी का जलस्तर बढ़ गया है। वहीं वाल्मीकि नगर बैराज से 2.18 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। बुधवार से ही बाढ़ प्रभावित इलाके में पानी का स्तर और बढ़ने लगा है। गुरुवार को भी वाटर लेवल में 8 सेमी का इजाफा का होने से लो लैंड एरिया के गांवों की स्थिति भयावह हो गई है। 100 मुख्य व 300 से ज्यादा गंवई सड़क पर 3 से 4 फीट बाढ़ का पानी बह रहा है। हाईवे की बात करें तो एसएच-101, एसएच-90, एसएच-47 पर भी 2 से 4 फूट पानी बह रहा है। 300 से ज्यादा घर बाढ़ में बह गए हैं।
सीतामढ़ी: एक दर्जन गांव में घुसा बाढ़ का पानी
लगातार हो रही बारिश के कारण जहां रातो व ऑक्सी नदी में आई उफान के कारण सुरसंड स्थित भिट्ठामोड़ एसएसबी चेक पोस्ट, भिट्ठा ओपी कार्यालय समेत एक दर्जन से अधिक गांव में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। सीतामढ़ी-भिट्ठामोड़ एनएच 104 पर भिट्ठामोड़ चौक पर चार फीट पानी का बहाव जारी है। इस कारण आवागमन ठप हो गया है।
छपरा: कई एकड़ में लगी फसल डूब गई
गंडक के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी जारी है। सारण के अब पांच प्रखंडों के अलावा अन्य प्रखंडों में भी पानी फैलना शुरू हो गया है। वाल्मिकीनगर बराज से गुरुवार को दो लाख 23 हजार क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया है। इससे मशरक, तरैया व अमनौर के प्रखंडों में बाढ़ आ गई है। अब पानी गड़खा, दरियापुर में पानी फैल गया है। इससे गड़खा, दरियापुर व दिघवारा के चंवर में हजारों एकड़ में लगी फसल डूबीं गई हैं।
सीवान: घराें में घुस चुका है बाढ़ का पानी
दाहा नदी ने पिछले 20 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। बारिश से लबालब हुई दाहा नदी का जलस्तर इतना बढ़ गया है कि सीवान जिला मुख्यालय में नदी क्षेत्र के दोनों तरफ की सड़काें पर पानी जमा है। घरों में भी पानी घुसा हुआ है। सिसवन ब्लॉक में लगभग सभी सड़कों पर नदी का पानी है। लगातार बारिश के बाद से पानी से लबालब हो गई दाहा नदी ने सिसवन ब्लॉक के सभी सड़कों को डुबो दिया है।
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