Popular Posts

बाढ़ के बीच नाव में एनडीआरएफ-आशाकर्मी की मदद से जन्मी जलपरी; वहीं अरेराज के सूरज ने जान देकर लहरों में फंसे दो बच्चों को बचाया

बाढ़ के बीच नाव में एनडीआरएफ-आशाकर्मी की मदद से जन्मी जलपरी; वहीं अरेराज के सूरज ने जान देकर लहरों में फंसे दो बच्चों को बचाया

पहली कहारी: बंजरिया: बाढ़ की धार में बच्ची का जन्म! जच्चा-बच्चा दोनों सुरक्षित! बाढ़ में डूबे दो सगे भाइयों का शव लाने के लिए बंजरिया के गोबरी में रविवार को एनडीआरएफ की बोट पहुंची थी, लेकिन उसे छोड़ प्रसव पीड़ा से कराहती महिला को कैंप के लिए लेकर निकली। कैंप के पहले ही बाढ़ की धार में 25 साल की रीमा देवी ने बच्ची को जन्म दिया।

दोनों इसलिए भी सुरक्षित रहे, क्योंकि मदद के लिए साथ थीं आशा कार्यकर्ता शारदा देवी। एनडीआरएफ के एएसआई जितेंद्र कुमार के अलावा बोट पर थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार पासवान भी थे। नाव बीच धार में हिचकोले खाने लगी तो रीमा की प्रसव पीड़ा बेइंतहा बढ़ गई। शारदा देवी ने एनडीआरएफ वालों की मदद लेकर बोट पर ही व्यवस्था की और रीमा ने वहीं एक खूबसूरत-सी बच्ची को जन्म दिया।

दूसरी कहानी: अरेराज के सरेया पंचायत के लोकनाथपुर निवासी जगत प्रसाद का बेटा सूरज कुमार 24 जुलाई को अमर हो गया। उसने बाढ़ में बहते दो बच्चों को जान पर खेलकर बचा लिया। फिर अगले दिन बाद में शव के साथ उसकी वीरता की कहानी ही निकली।
अरेराज के पास गंडक नदी के बांध ओवरफ्लो हो रहा था। इसी पानी में 5-6 बच्चे स्नान करने लगे। बहाव तेज होने से इसमें दो बच्चे कृष्णा (8) और आनंद (10) बह गए। पास ही सूरज (16) बांध की रखवाली कर रहा था। लहरों की परवाह किए बिना वह उसमें कूद गया। दोनों बच्चों को एक-एक कर किनारे लाया। लेकिन जब दूसरे को किनारे पर धकेला तो तेजधार में वह खुद ही बह गया।

बांध बचाने के काम में भी आगे था सूरज

सिरनी हाईस्कूल में 9वीं कक्षा का छात्र गंडक नदी में बाढ़ के आने के बाद से ही लोगों की सहायता में जुटा हुआ था। तटबंध पर खतरा था तो बड़ों के साथ बांध की सुरक्षा में जुटा रहा। मिट्टी की बोरियों को सजाकर बांध को टूटने से बचाया।
विधायक बोले- योद्धा की तरह अंतिम सांस तक लड़ा सूरज
स्थानीय मुखिया प्रतिनिधि बाबर सिंह कहते हैँ कि बाढ़ की शुरुआत से सूरज सहायता कार्य में आगे रह रहा था और आखिर वह मिसाल बनकर ही रहा। गोविंदगंज विधायक राजू तिवारी कहते हैं कि सूरज योद्धा की तरह अपनी अंतिम सांस तक विषम परिस्थितियों से लड़कर जन सेवा करता रहा। वीरता और जन सेवा की ऐसी मिसाल इस उम्र और परिस्थिति में शायद ही दिखती है।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
Jalpari born with the help of NDRF-optimist in a boat amidst floods; At the same time, the sun of Areraj saved two children trapped in the waves.


from Dainik Bhaskar https://www.bhaskar.com/local/bihar/news/jalpari-born-with-the-help-of-ndrf-optimist-in-a-boat-amidst-floods-at-the-same-time-the-sun-of-areraj-saved-two-children-trapped-in-the-waves-127556300.html
https://i9.dainikbhaskar.com/thumbnails/680x588/web2images/www.bhaskar.com/2020/07/27/92_1595805645.jpg

0 Response to "बाढ़ के बीच नाव में एनडीआरएफ-आशाकर्मी की मदद से जन्मी जलपरी; वहीं अरेराज के सूरज ने जान देकर लहरों में फंसे दो बच्चों को बचाया"

Post a Comment