बाराहाट अस्पताल में समय पर एम्बुलेंस नहीं मिलने पर प्रसूता की मौत, परिजनों का हंगामा
बाराहाट अस्पताल में सोमवार देर शाम एक प्रसूता की प्रसव के बाद मौत हो गयी। इस घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने रात में ही बाराहाट अस्पताल पहुंचकर चिकित्सक, नर्स पर लापरवाही करने व समय पर एम्बुलेंस नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। बाराहाट अस्पताल के लिये ऐसा मामला कोई नहीं बात नहीं है, करीब एक पखवारा पूर्व दो प्रसूता के परिजनों ने डयूटी पर मौजूद दो एएनएम पर पैसा मांगने और पैसा नहीं देने पर मरीजों के साथ अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया था। इस मामले का जांच अभी पूरा भी नहीं हुआ है कि दूसरा फिर लापरवाही का गंभीर मामला यहां सामने आ गया जिसमें एक प्रसूता की मौत हो गयी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बाराहाट थाना क्षेत्र के चौबेडीह गांव निवासी रंजीत कुमार चौहान की 19 वर्षीय पत्नी दीपा कुमारी को प्रसव पीड़ा के बाद सोमवार दिन के 10 बजे रेफरल अस्पताल बाराहाट में भर्ती किया गया। संध्या 6.45 बजे महिला ने बच्चे को जन्म दिया। प्रसव के आधा घंटे के बाद महिला की स्थिति गंभीर होने लगी।
घंटों इंतजार के बाद मिली एंबुलेंस, रास्ते में ही गई जान
उस समय सुबह के शिफ्ट की दो एएनएम मुद्रिका कुमारी और कुसुमलता कुमारी, जिसकी डयूटी सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक थी, अपने घर चली गयी। उसके बाद रात्रि ड्यूटी करने दूसरी एएनएम आ गई। इस बीच महिला की स्थिति गंभीर होता देख डयूटी पर मौजूद आयुष चिकित्सक डा. मो. अमीद उद्दीन ने आनन फानन में उसे सदर अस्पताल बांका रेफर कर दिया। महिला को बांका रेफर करने के बाद महिला के परिजन सदर अस्पताल में एम्बुलेंस के लिये घंटों इंतजार किए। इस बीच महिला की स्थिति गंभीर होती गई। एम्बुलेंस आने के बाद उसे बांका अस्पताल परिजन लेकर आ ही रहे थे कि रास्ते में हीं महिला ने दम तोड़ दिया। घटना के बाद परिजन बाराहाट अस्पताल लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा किया।
एक एंबुलेंस खराब, दूसरा क्वारेंटाइन में, मंगाने में हुई देर
एक एम्बुलेंस खराब है जबकि दूसरा एम्बुलेंस क्वारेंटाइन सेंटर में था। वहां से मंगाने में विलंब हो गया। एम्बुलेंस मंगाकर मरीज को बांका भेजा गया लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गयी
- डॉ. नीलाम्बर नीलय, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, बाराहाट।
यह मामले मेरे संज्ञान में नहीं है। रात में भी एम्बुलेंस मांग किये जाने पर उपलब्ध कराया जाता है। अगर जरूरत होता है तो समीप के पीएचसी से एम्बुलेंस मंगाया जाता है। वर्तमान में पूरे जिले भर में 24 एम्बुलेंस उपलब्ध है
- समीर सिंह, जिला समन्वयक, एम्बुलेंस सेवा ।
इस संबंध में जब बांका के सिविल सर्जन डा. सुधीर कुमार महतो से उनका पक्ष जानने के लिये फोन किया गया तो उन्होंने मोबाइल रीसिव नहीं किया।
आयुष और एएनएम के भरोसे रहता है अस्पताल
बाराहाट अस्पताल में दो महिला चिकित्सक डा. संगीता मेहता और डा. रेशमी सीमा पदस्थापित है। इनलोगों का रोस्टर में नाम रहने के बावजूद रात में डयूटी से गायब रहती है और बाराहाट अस्पताल आयुष चिकित्सक और नर्स के भरोसे रात में रहता है। ऐसी स्थिति में रात में आने वाले मरीज को जान हथेली पर लेकर इनसे इलाज कराना पड़ता है। लापरवाही के कारण मरीज की जान जाती है।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://www.bhaskar.com/local/bihar/bhagalpur/barahat/news/maternal-death-due-to-lack-of-timely-ambulance-in-barahat-hospital-family-uproar-127393998.html
https://i9.dainikbhaskar.com/thumbnails/680x588/web2images/www.bhaskar.com/2020/06/10/app080602img-20200609-wa0097_1591743677.jpg
0 Response to "बाराहाट अस्पताल में समय पर एम्बुलेंस नहीं मिलने पर प्रसूता की मौत, परिजनों का हंगामा"
Post a Comment