दुकानें खुलीं, ट्रेनें चलने लगीं, मगर मंदिर, मस्जिद, चर्च और गुरुद्वारा अब भी लॉक; स्थानीय अर्थतंत्र पर भी पड़ रहा धार्मिक स्थलों की बंदी का असर
लॉकडाउन-4 भी अब खत्म हाेने वाला है। दुकानें और शाॅपिंग काॅम्प्लेक्स खुल गए हैं। भगवान बद्रीनाथ के कपाट खुल गए हैं। लेकिन, बिहार में अभी तक धार्मिक स्थल लॉकडाउन में ही हैं। महावीर मंदिर समेत शहर के प्रमुख मस्जिदों, चर्च और गुरुद्वारा के व्यवस्थापकाें की राय है कि सरकार कोई ऐसी गाइडलाइन तय करे, जिसमें लोग सोशल डिस्टेंसिंग के साथ दर्शन कर सकें।
महावीर मंदिर: ऑनलाइन बुकिंग से मिले इजाजत,300 साल में कभी बंद नहीं हुए पट
पटना का महावीर मंदिर 300 साल पुराना है। महावीर मंदिर के सचिव आचार्य किशोर कुणाल ने कहा कि इतने वर्षों में कभी भी मंदिर दर्शन के लिए बंद नहीं हुआ। इससे श्रद्धालुओं की दिनचर्या पर भी असर पड़ रहा है। प्रशासन चाहे तो ऑनलाइन बुकिंग से दर्शन-पूजन की व्यवस्था भी हो सकती है। तिरूपति के 55 कारीगर बेकार बैठे हैं। नैवेद्यम लड्डू की होम डिलिवरी की जा सकती है।
मस्जिद: मशविरा के बाद सरकार से करेंगे गुजारिश,119 साल से जमात में होती रही नमाज
मस्जिदाें में धार्मिक गतिविधियों और जमात की इजाजत मांगने पर विचार आपस में बैठकर किया जाएगा। जामा मस्जिद, पटना जंकशन के नाएब पेश इमाम कारी मुहीबुल्लाह इरफानी ने बताया कि सन 1901 से मस्जिद में जमात में नमाज पढ़ी जाती रही है। 119 साल में पहली बार जमात पर रोक लगी है। हम सरकारी आदेश का पालन कर रहे हैं। हम आपस में मशविरा कर सरकार से अपनी मांग रखेंगे। इबादत से इंसान को जहनी ताकत मिलती है।
गुरुद्वारा: बड़े आयोजन नहीं तो मत्था टेकने की अनुमति मिले,184 साल में नहीं टूटी संगत की परंपरा
पंजाबी बिरादरी के पूर्व अध्यक्ष गुरुदयाल सिंह ने कहा कि गुरुद्वारा में आमलोगों के लिए अब व्यवस्था शुरू होनी चाहिए। लोग आएंगे और मत्था टेकेंगे तो उन्हें आध्यात्मिक शांति मिलेगी। तख्त श्री हरिमंदिर जी पटना साहिब के जत्थेदार ज्ञानी रणजीत सिंह ने कहा कि 1836 के बाद पहली बार ऐसा हुआ कि संगत दरबार साहिब मेें नहीं पहुंच पा रही है। उद्योग-धंधे की तरह ही तख्त साहिब में नियमों के तहत आम संगत के दर्शन के लिए सरकार गाइडलाइन जारी करे।
कुर्जी चर्च: आयोजनों में साेशल डिस्टेंसिंग का हाेगा पूरा पालन,165 साल में पहली बार रोक
अल्पसंख्यक ईसाई संघ के सचिव एसके लॉरेंस ने बताया कि 1855 से कुर्जी चर्च है। तब से आज तक कभी यहां धार्मिक आयोजन बंंद नहीं हुए। लॉकडाउन में प्रार्थना, मिस्सा पूजा समेत हर तरह के धार्मिक आयोजन बंद हैं। आठ हजार लोग चर्च से जुड़े हुए हैं। मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा व चर्च भी खुलना चाहिए। इसके लिए सरकार के आदेश का इंतजार है। गाइडलाइन जारी होगी तो सोशल डिस्टेंस का पालन करेंगे।
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