जीविका समूह की दीदियां बना रहीं हर्बल सैनिटाइजर, घरों को कर रहीं सैनिटाइज
ग्रामीण क्षेत्रों के लिए जीविका दीदी सृजनशीलता का प्रतीक बनती जा रही है। कोरोना चेन को तोड़ने के लिए लॉकडाउन को लेकर त्रिवेणीगंज विकास खंड की जीविका दीदियों ने ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं के आर्थिक उन्नयन के लिये भी प्रभावी कदम उठा रहे हैं। जिसका जीता जागता उदाहरण है।
कोरोना संक्रमण से बचने के लिए त्रिवेणीगंज की जीविका दीदियों ने ग्रामीण स्तर पर मिलने वाले वनस्पतियों से अब तक 60 लीटर से अधिक हर्बल सैनिटाइजर तैयार किया है। जिसे साफ पानी में मिलाकर घरों व आसपास के वातावरण को सुरक्षित रखने के लिए छिड़काव किया जा रहा है। ऐसा करने से घरों को स्वच्छ एवं कीटाणु रहित बनाया जा सकता है।
पांच ग्राम संगठनों ने मिलकर बनाया 60 लीटर हर्बल सैनिटाइजर, छिड़काव शुरू
बीपीएम अजय ओझा ने बताया कि प्रथम चरण में 5 ग्राम संगठनों द्वारा 60 लीटर से ज्यादा हर्बल सैनिटाइजर का उत्पादन किया गया। ग्राम संगठन की दीदियों ने प्रयोग के तौर पर इस हर्बल सैनिटाइजर का इस्तेमाल किया। लाभकारी होने के कारण कई और ग्राम संगठनों के द्वारा हर्बल सैनिटाइजर का इस्तेमाल किया गया। हिमालय ग्राम संगठन की दीदियों ने बताया कि जीविकोपार्जन विशेषज्ञ अवधेश कुमार ने विशेष अभिरुचि लेते हुए कहा हर्बल सैनिटाइजर के निर्माण को लेकर दीदियों को जागरूक किया है। जीविकोपार्जन विशेषज्ञ अवधेश कुमार ने बताया कि प्रखंड के जदिया पंचायत स्थित हिमालय और अमृत जीविका महिला ग्राम संगठन बभनगामा पंचायत में प्रकाश व लक्ष्मीबाई जीविका महिला संगठन में थलहगढिया उत्तर पंचायत स्थित गंगा माता ग्राम संगठन की अच्छी खासी भूमिका रही।
नीम, अमरूद, शरीफा, पपीता, धतूरा के साथ ही अन्य पत्ते का किया गया प्रयोग
बभनगामा पंचायत की लक्ष्मीबाई ग्राम संगठन की सीता देवी कहती हैं कि हर्बल होम सैनिटाइजर को तैयार करने की प्रक्रिया बेहद आसान है। गांव में उपलब्ध वनस्पति एवं गोमूत्र का इसमें उपयोग किया जाता है। इसमें मुख्य रूप से नीम, अमरूद, शरीफा, पपीता, धतूरा, तुलसी, बेहाया के पत्ते, गाजर घास, कनैल और आक की पत्तियों का प्रयोग किया जाता है। 10 लीटर हर्बल सैनिटाइजर तैयार करने में 2 किलो नीम की पत्ती, 250-300 ग्राम तुलसी का पत्ता, धतूरा, कनैल, अकोन, पपीता, अमरूद और बेहाया की पत्तियां 500-500 ग्राम के साथ-साथ करीब सवा लीटर गोमूत्र का उपयोग किया जाता है। इसके बाद इसे किसी बर्तन में पानी के साथ मिलाकर 48 घंटे लिए छोड़ देते हैं। एक लीटर पानी में करीब 100 ग्राम अर्क मिलाया जाता है।
एक सप्ताह तक रहता है हर्बल होम सैनिटाइजर का प्रभाव
इसका उपयोग घरों में पोछा लगाने व छिड़काव करने से घरों में कोक्रोच, छिपकली, चींटी, मकड़ी एवं घरों में रहने वाले अन्य छोटे-मोटे कीड़े- मकोड़े घर छोड़कर भाग खड़े होते है। साथ ही तुलसी की सुगंध घर में चारो तरफ फैली रहती है। घर में हर्बल होम सैनिटाइजर से पोछा लगाने या इसके छिड़काव करने से इसका प्रभाव एक सप्ताह तक बना रहता है। इतना ही नहीं इससे प्रकृति एवं पर्यावरण पर किसी तरह का असंतुलन भी नहीं होता है। - सीता देवी, लक्ष्मीबाई ग्राम संगठन, बभनगामा पंचायत
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://www.bhaskar.com/local/bihar/bhagalpur/supaul/news/herbal-sanitizers-are-making-livelihood-groups-sanitizing-homes-127268245.html
https://i9.dainikbhaskar.com/thumbnails/680x588/web2images/www.bhaskar.com/2020/05/03/dbcl2721588503111photosup01_1588521132.jpg
0 Response to "जीविका समूह की दीदियां बना रहीं हर्बल सैनिटाइजर, घरों को कर रहीं सैनिटाइज"
Post a Comment