लापरवाही से कोरोना-वे न बन जाए हाईवे, 40 दिन की तपस्या पर फिर सकता है पानी
सरकार के नए निर्देशाें के बाद बाहर से आरहे लाेगाें का घर लाैटना शुरू हाे गया है। स्पेशल ट्रेन चलने के बाद शनिवार से प्रवासी लाेग जिले में लाैटने लगे हैं। जिला प्रशासन ने बाहर से आने वाले सभी लाेगाें काे क्वरेंटाइन सेंटर में रखने का निर्देश दिया है, लेकिन कई लाेग चूक का फायदा उठाकर बाहर से सीधे घर पहुंच जा रहे हैं। हैदराबाद से निकले तीन लाेग साइकिल से हिसुआ पहुंचे सीधे घर चले गए। जिले के बार्डर पर न ताे उन्हें कहीं राेका गया और न ही उन्हें क्वारेंटाइन में जाने के लिए कहा गया है।
सवाल उठता है अगर ऐसी ही व्यवस्था रही ताे काेराेना संक्रमित लाेग सीधे अपने घर, गांव और मुहल्ले पहुंच जाएंगे। इसका नतीजा दूसरे काे भुगतना पडेगा। बता दें किदूसरे राज्याें से लाैटने वाले लाेग मुख्य रूप से दाे नेशनल हाइवे से प्रवेश कर रहे हैं। एनच-82 और एनएच-31। एनएच-31 पर रजाैली स्थित अर्न्तराज्यीय सीमा पर बाहर से आने वाले लाेगाें की जांच हाे रही है, लेकिन एनएच-82 पर बाहर से आने वाले लाेगाेें के ट्रैक करने का काेई इंतजाम नहीं दिख रहा है। जबकि यूपी, दिल्ली, गुजरात, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब आदि प्रदेशाें से आने वाले अधिकतर लाेग इसी हाइवे का इस्तेमाल करते हैं। चाहे वे सड़क से आएं या ट्रेन से। गया हाेकर लाैटते हैं। लेकिन नवादा-गया बाॅर्डर पर काेई स्थाई जांच चाैकी नहीं है। एक बांस का बेरियर है लेकिन वह अक्सर उठा ही रहता है। ऐसे में डर है कि जीटी राेड और कई राज्याें से नवादा काे जाेड़ने वाला यह कहीं काेराेना -वे न बन जाए।
इनकमिंग जारी, आउटगाेइंग बंद
गया-नवादा बार्डर पर तुंगी के पास गया की पुलिस दिन-रात कैंप कर रही है। गया की ओर जाने वाले लाेगाें से पास मांगा जा रहा है। दूसरी तरफ गया से नवादा की ओर आने वाले लाेगाें से काेई पूछताछ नहीं हाे पा रही। हालांकिइस बार्डर पर नवादा पुलिस कभी-कभी रूटीन जांच करती है। यानि अधिकतर समय में यह हाइवे जिले में प्रवेश के लिए पूरी तरह खुला है। बार्डर पर जिले से बाहर जाने के लिए आउटगाेइंग ताे बंद है लेकिन इनकमिंग निर्बाध रूप से जारी है। बार्डर से सटे तुंगी बाजार में भी लाॅकडाउन का प्रभाव नहीं दिखता। अधिकतर दुकानें खुली है और भीड़ भी लग रही है।
हैदराबाद से लाैटे तीन सवार घर पहुंचे
शुक्रवार की शाम करीब 7 बजे तीन साइकिल सवार हैदराबाद से हिसुआपहुंच गए। ये तीनाें में से दाे युवक हिसुआथाने के ही पचाढा गांव के और एक युवक नारदीगंज के रामे गांव के हैं। तीनाें शाम में हिसुआपहुंचे।हिसुआमें साइकिल पंक्चर हाे गई ताे लाेगाें ने मदद कर साइकिल रिपेयर करवाया। तीनाें अपने-अपने घर चले गए। युवकाें ने बताया कि बिहार-यूपी बार्डर पर जांच की गई थी। इसके बाद वे गया के रास्ते हिसुआपहुंचे हैं। उन्हें कहीं भी क्वरेंटाइन हाेने नहीं बाेला गया है। वे अब घर जा रहें हैंं।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://www.bhaskar.com/local/bihar/patna/nawada/news/negligence-does-not-become-a-corona-way-highway-water-may-turn-again-on-40-day-austerity-127267542.html
https://i9.dainikbhaskar.com/thumbnails/680x588/web2images/www.bhaskar.com/2020/05/03/93_1588463699.jpg
0 Response to "लापरवाही से कोरोना-वे न बन जाए हाईवे, 40 दिन की तपस्या पर फिर सकता है पानी"
Post a Comment