लॉकडाउन के कारण शादी समारोह रुकने से 95 फीसदी दिहाड़ी मजदूरों की आजीविका पर संकट
लॉकडाउन की वजह से जिले में शादी, मुंडन, गृह प्रवेश, उपनायन समेत अन्य शुभ संस्कारों पर भी व्यापक असर पड़ा है। कोरोना संकट ने शादियों पर होने वाले करोड़ों व्यापार पर को भी लॉकडाउन कर दिया है। जिसमें कपड़ा ज्वेलरी, फर्नीचर, इलेक्ट्रानिक्स, जैसे बड़े कारोबार में व्यवसाईयों को तो नुकसान उठाना ही पड़ा है। कुछ सेक्टर ऐसे भी जिन्हें अनदेखी की जा रही है। जिसमें हजारों की संख्या में छोटे कामगार व मजदूर वर्ग के लोग जुड़े हैं।
जो शादी समारोह में खानपान, फोटोग्राफी, लाइट एंड साउंड, सजावट, बैंड डीजे सेक्टर में बतौर सहायक कार्य करने वाले लोग हैं, जिनके रोजगार पर भी प्रतिकूल असर पड़ा है। गौरतलब है कि इन धंधों में 95 फीसदी दिहाड़ी काम करने वाले मजदूर हैं। इस सीजन में जून तक जो शादी समेत अन्य शुभ संस्कारों के जो मुहूर्त बचे हैं उनमें कोई भी शुभ संस्कार हो पाना मुश्किल दिख रहा है। जबकि इसके बाद नवंबर 2020 से मार्च 2021 तक मात्र छह शादी के 6 मुहूर्त हैं, इसे लेकर भी कोई निश्चित नहीं है।
फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी वालों की माली हालत खराब
लॉकडाउन की वजह से फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कारोबार से जुड़े लोगों को भी काफी नुकसान उठाना पड़ा है। फोटोग्राफी व्यवसाय से जुड़े प्रदीप कुमार साह बताते है कि जिले में केवल इस कारोबार से जुड़े करीब 300 अधिक लोग हैं। जिसमें हर आयोजन में जरूरत के हिसाब से तीन से चार स्टॉफ कार्य करते हैं। जिले में एक शादी समारोह के सीजन में करीब पांच करोड़ रुपए का कारोबार होता है। इसके अलावा फोटो व वीडियो एडिटिंग का काम भी होता है। श्री साह ने बताया कि इस कारोबार में केवल सिस्टम को अपडेट करने के लिए लाखों रुपए के उपकरण खरीदने पड़ते हैं। इसके साथ ही एक शादी समारोह में सहायक स्टॉफ के तौर पर कार्य करने वाले करीब 1200 लोगों के हाथ का काम भी छिन गया है।
टेंट व लाइट से 15 करोड़ का कारोबार प्रभावित
शादी समारोह में टेंट और लाइट से जुड़े कारोबार पर भी ग्रहण लगा है। शादी समरोह के मौके पर बारातियों के स्वागत में लड़की वालों की तरफ से बेहद ही आकर्षक तरीके से पांडाल का निर्माण किया जाता है। जिसमें लाइट व साज-सज्जा की व्यवस्था भी की जाती है। लोग अपनी हैसियत के हिसाब से पांडालों का निर्माण करवाते हैं। इस व्यवसाय से जुड़े विश्वकर्मा टेंट हाउस के मालिक मनोज कुमार सिंह का कहना है कि लॉकडाउन की वजह से अप्रैल का लग्न तो बर्बाद हो ही गया है। जून में भी कारोबार की संभावना कम ही दिखती है। बताया कि लॉकडाउन के दौरान इस 15 करोड़ के कारोबार प्रभावित हुए हैं। बताया कि अभी काम ठप है, लेकिन मजदूरों को बैठाकर मजदूरी देनी पड़ रही है।
अप्रैल में एक भी शुभ संस्कार नहीं हुआ संपन्न
लॉकडाउन की वजह से शादी समेत अन्य शुभ संस्कारों का आयोजन बंद है। आचार्य हरिवंश राय बच्चन ने बताया कि अप्रैल माह शादी के कुल छह मुहूर्त, मुंडन संस्कार के 3, उपनायन के 2 और गृह प्रवेश के दो मुहूर्त थे। लेकिन लॉकडाउन के कारण एक भी शुभ संस्कार संपन्न नहीं हुआ। बताया कि शादी विवाह संपन्न कराने के लिए सैकड़ों पंडित की आवश्यकता भी होती है। जबकि इन संस्कारों को संपन्न कराने के लिए जिले में करीब 300 विद्वान आचार्य और पंडित हैं। जो इन शुभ संस्कारों को संपन्न कराते हैं।
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