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ग्यारह साल से सुलग रहा मौजमपट्टी गांव आपसी वर्चस्व में गरजती रहती हैं बंदूकें

ग्यारह साल से सुलग रहा मौजमपट्टी गांव आपसी वर्चस्व में गरजती रहती हैं बंदूकें

नारायण ठाकुर विजय,रघुवंशनगर ओपी क्षेत्र के मौजमपट्टी गांव में वर्चस्व को लेकर आपसी रंजिश में बंदूकें गरजती रही है। प्रतिशोध की आग में लोग मौत के घाट उतारे जाते रहे हैं। इसकी शुरुआत 5 नवंबर 2009 को तब हुई थी, जब बालो यादव को बुच्चन गैंग ने गोलियों से छलनी कर मौत की नींद सुला दिया था। इस मामले में बुच्चन यादव समेत तीन को सजा भी हुई थी।

बाद में बुच्चन यादव समेत अन्य को हाईकोर्ट से बेल मिल गई थी। उसी समय से बालो यादव के बेटे भूषण यादव और बुच्चन यादव में आपसी रंजिश चल रही है। बुधवार को हुए डबल मर्डर केस को 12 फरवरी 2019 को सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान हुई बमबारी व उसके बाद हुए गैंगवार से जोड़कर देखा जा रहा है।


इस घटना में जहां बुच्चन यादव गंभीर रूप से घायल हो गया था,वहीं एक महिला अरुण यादव की पत्नी रानी देवी की गोली लगने से मौत हो गई थी। मामले में पुलिस द्वारा 4 अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पहला एफआईआर पुलिस द्वारा आयोजकों पर, दूसरा एफआईआर पुलिस द्वारा हीरा लाल मंडल व सुनीता देवी पर, तीसरा एफआईआर अरुण यादव द्वारा साहिल सौरभ, उसके चेचेरे भाई व एक अन्य पर एवं चौथा एफआईआर साहिल सौरभ द्वारा राजद के तत्कालीन जिलाध्यक्ष पूर्व विधायक दिलीप यादव सहित 13 अन्य के विरुद्ध दर्ज करवाया गया था। अरुण कुमार यादव इसी मामले में गवाह था, जिसे विरोधी पक्ष द्वारा गवाही देने से मनाही की गई थी।

डबल मर्डर के बाद पुलिस छावनी बना मौजमपट्‌टी गांव, चप्पे-चप्पे पर पुलिस

डबल मर्डर के बाद मौजमपट्‌टी गांव पुलिस छावनी में तब्दील हो गया है। इस दोहरे हत्याकांड से यहां के ग्रामीण काफी दहशत में हैं। कोई कुछ भी बोलने से परहेज कर रहे हैं। बताया जाता है कि पत्नी हत्याकांड में ऑटो चालक अरुण यादव की मंगलवार को गवाही हुई थी। विपक्षियों के द्वारा अरुण यादव को गवाही देने से मना किया गया था। बुधवार को अरूण यादव रोज की तरह अपने ऑटो से सवारी लेकर बिहारीगंज जा रहा था कि इसी दौरान मौजमपट्‌टी के आगे राजघाट नहर के पुलिया पार करते ही हथियार से लैस आधा दर्जन अपराधियों ने उसे घेर लिया और ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। अपराधियों ने उसके सीने में तीन गोलियां मारी। उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

बुच्चन यादव के बेटे पर दर्ज कराई थी प्राथमिकी

जेल में ही बीमार पड़ने पर अस्पताल में इलाज के दौरान बुच्चन यादव की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद इसी गांव के समीप बथनाहा में भी गोलीबारी हुई थी जिसमें पुलिस ने एक मास्केट भी बरामद किया था। वहीं, 3 जनवरी 2020 को बालो यादव के घर पर अंधाधुंध गोलीबारी हुई थी। मामले में स्व.बालो यादव की पत्नी अरुणा देवी द्वारा बुच्चन यादव के बेटे साहिल सौरभ सहित 4 को नामजद तथा 15-20 अज्ञात के विरुद्ध केस दर्ज की गई थी।

दो पक्षों में आपसी रंजिश में हुई दो हत्याएं, जारी है जांच

दो पक्षों में आपसी रंजिश के कारण दो लोगों की हत्या हुई है। इस मामले में कुछ लोगों का नाम सामने आया है। धमदाहा के एसडीपीओ के नेतृत्व में छापेमारी की जा रही है। दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। दोनों पक्षों द्वारा पहले भी ऐसी घटनाओं को अंजाम दिया गया है। पुलिस द्वारा पूरी तरह नजर रखी जा रही है। -दयाशंकर, एसपी।



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