काेराेना जांच के नाम पर शहरी पीएचसी में इलाज ठप
काेराेना जांच के नाम पर शहरी पीएचसी में इलाज ठप हाे गया है। सुबह 11 से शाम 7 बजे तक इन पीएचसी में ओपीडी चलाकर मरीजाें का इलाज करना है, लेकिन सभी पीएचसी के चिकित्सक व पारामेडिकल स्टाफ रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड में बने काेराेना जांच कैंप में लाेगाें के सैंपल लेने के नाम पर गायब रहते हैं। दैनिक भास्कर की टीम ने शनिवार काे शहर के तीन पीएचसी का जायजा लिया। दाे पीएचसी में चिकित्सक गायब थे। एक में शाम 4 बजे चिकित्सक इलाज करते मिले।
दाेपहर 12 बजे : चतुर्भुज स्थान शहरी पीएचसी
यहां सिर्फ एक एएनएम बैठी थीं। काेई मरीज नहीं था। पीएचसी प्रभारी डाॅ. मुकेश कुमार, डाटा ऑपरेटर व अन्य स्टाफ गायब थे। सीबीसी जांच मशीन एक वर्ष पहले आई थी। लेकिन, टेक्नीशियन नहीं हाेने से जांच नहीं हाेती है।
दाेपहर 12.30 बजे : अघाेरिया बाजार शहरी पीएचसी
चिकित्सक डाॅ. बीके राॅय नहीं थे। डाटा एंंट्री ऑपरेटर महेश कुमार, जीएनएम संजय कुमार, चतुर्थ वर्गीय कर्मी माला कुमारी और दिनेश नारायण थे। डाटा एंट्री ऑपरेटर और जीएनएम काेराेना कैंप पर जाने काे तैयार थे। प्रभारी ने स्टेशन स्थित कैंप में हाेने की बात बताई। काेई मरीज नहीं था।
ब्रह्मपुरा पीएचसी में डॉक्टर मौजूद, मरीज की कतार भी
यहां पदस्थापित चिकित्सक डाॅ. अरविंद कुमार महिला मरीज हसीमा खातून का इलाज कर रहे थे। इसके बाद भी कई मरीज कतार में थे।
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