नल-जल के लिए करीब साठ करोड़ खर्च होने के बाद भी नहीं मिल रहा है स्वच्छ पानी
बड़हरिया प्रखंड में करीब 60 करोड़ खर्च होने के बाद भी बड़हरिया की 30 पंचायतों में सभी लोगों को नहीं मिल रहा है नल जल का स्वच्छ पानी। बड़हरिया प्रखंड के 30 पंचायतों में 405 वार्ड क्रियान्वयन समितियों में करीब साठ करोड़ भेजे जा चुके हैं लेकिन अब तक खर्च करने के बावजूद भी सारे पंचायतों के सारे वार्डो में नल जल का स्वच्छ पानी नसीब नहीं हो रहा है। ऐसा लगता है कि रुपया जमीन में गाड़ दिया गया हो या पानी में बहा दिया गया हो। कुल मिलाकर भ्रष्टाचारियों के हाथों और पैसों का वारा न्यारा हो चुका है।सनद रहे कि बड़हरिया प्रखंड जिले का सबसे बड़ा प्रखंड है जहां 30 पंचायत हैं 30 पंचायतों में 405 वार्ड सदस्य हैं। और बड़हरिया प्रखंड में कुल 139 राजस्व ग्राम है और इस राजस्व ग्राम के पीछे औसतन 4 सहायक ग्राम है ऐसी बात नहीं है कि सारे जगहों पर जल नल का पानी मुहैया नहीं है लगभग 31% जगहों पर नारियल का पानी मिल रहा है लेकिन 70% जगहों पर आज भी नल जल के पानी के लिए लोग तरस रहे हैं। ऐसी कोई बात नहीं है कि काम नहीं हुआ है कागजों में काम पूरा हो चुका है करीब 1 साल पहले सात निश्चय योजना के तहत नल का पानी पहुंचाने के लिए काम समाप्त की जा चुका है ।काम समाप्त किए जाने के बाद भी काम में लापरवाही का आलम देखिए कि अब तक गड्ढे खोदे जा रहे हैं पाइप बिछाए जा रहे हैं लेकिन सिर्फ पाइप और गड्ढे खोदने से नल का पानी मुहैया नहीं हो सकता। जब तक कि अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की इच्छाशक्ति ना हो कुछ जगहों पर तो ऐसे ही खबर मिल रही है कि मुखिया और वार्ड सदस्यों के बीच झगड़ा इस कदर व्याप्त है इतना मिशन के लेन-देन में आज तक काम पूरा ही नहीं हुआ और जहां पूरा हुआ तो कमीशन खोरी इस कदर बड़ी की कि कागज में ही काम को पूरा करके छोड़ दिया गया और हिम्मत की दाद देनी पड़ेगी कि अधिकारियों और कर्मचारियों ने जनप्रतिनिधियों को साथ मिलकर रुपए का वारा न्यारा भी कर दिया।इस।सबंध में बड़हरिया प्रखंड विकास पदाधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना के तहत जल नलयोजना में गड़बड़ी को जांच कराई जा रही है।अगर भ्रष्टाचार के तहत कही गड़बड़ी पाई जाती है तो निश्चित तौर पर करवाई की जाएगी और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई निश्चित तौर पर की जाएगी।
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