आईसीएमआर के पास आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए काेई गाइडलाइन नहीं इसलिए ट्रिपल आईटी के काेराेना जांच साॅफ्टवेयर काे नहीं मिल रही है मान्यता
ट्रिपल आईटी भागलपुर के कोरोना जांच करने वाले डिजिटल एक्सरे सॉफ्टवेयर काे इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) ने अब तक मान्यता नहीं दी है। दरअसल आईसीएमआर के पास आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से काेराना संक्रमण की टेस्टिंग के लिए काेई मानक और गाइडलाइन नहीं है।
यह केवल बायाेलाॅजिकल टेस्टिंग काे ही मान्यता देता है। इसके लिए वह डब्ल्यूएचओ के मानक काे मानता है। आरटीपीसीआर टेस्टिंग काे डब्ल्यूएचओ ने गाेल्ड स्टैंडर्ड माना है। इसकी सफलता दर 98 प्रतिशत है और यह बायाेलाॅजिकल टेस्टिंग पर आधारित है। इसलिए अभी इससे सबसे अधिक सही माना गया है।
ट्रिपल आइटी के बनाए गए साॅफ्टवेयर की सफलता दर 94 प्रतिशत है और यह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर आधारित इमेज टेस्टिंग है। माैजूदा गाइडलाइन के अनुसार अगर इस साॅफ्टवेयर की सफलता दर भी 98 फीसदी हाे जाए ताे बायाेलाॅजिकल गाइडलाइन के तहत इसे भी मान्यता मिल सकती है। ऐसे में अब जब तक आईसीएमआर इसके लिए गाइडलाइन नहीं बनाएगा, तब तक इस साॅफ्टवेयर काे मान्यता नहीं मिल पाएगी। ट्रिपल आईटी के निदेशक प्रो. अरविंद चौबे ने बताया कि सॉफ्टवेयर की रिपोर्ट आईसीएमआर को भी भेजी है, लेकिन गाइडलाइन नहीं रहने के कारण इसे मान्यता नहीं मिल रही है। जब तक साफ्टवेयर काे लेकर गाइडलाइन नहीं बनेगी, आम आदमी के लिए इसे इस्तेमाल में नहीं लाया जा सकेगा। केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी चाैबे ने भी साॅफ्टवेयर काे मान्यता दिलवाने के लिए आईसीएमआर के अधिकारियाें के साथ बैठक की थी। अब हम गाइडलाइन आने का ही इंतजार कर रहे हैं।
साॅफ्टवेयर से चार मिनट में हाे सकता है 1000 सैंपल का टेस्ट
इस साॅफ्टवेयर में सिर्फ चार मिनट में ही 1000 काेराेना का सैंपल टेस्ट किया जा सकता है। इससे टेस्ट कराने में 100 रुपए ही लगेंगे। इस साॅफ्टवेयर की खासियत है कि जितनी अधिक संख्या में डिजिटल एक्सरे का इमेज डाला जाएगा उतनी ही अधिक तेजी से रिपाेर्ट आएगी। ट्रिपल अाईटी के इस साॅफ्टवेयर का टेस्ट पटना एम्स अाैर दिल्ली के राम मनाेहर लाेहिया अस्पताल में हाे चुका है। इसकी 94 प्रतिशत रिपाेर्ट सही पाई गई है। एमएचआरडी ने भी इस साॅफ्टवेयर की तारीफ की है।
एनटीपीसी के दाे कर्मचारी समेत 17 संक्रमित
भागलपुर/कहलगांव | जिले में बुधवार को काेराेना के 17 नए पेशेंट मिले। एनटीपीसी के जीवन ज्योति अस्पताल में बुधवार को 45 लोगों की कोरोना जांच की गई। इनमें पांच की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। कहलगांव अनुमंडलीय अस्पताल के प्रभारी डीएस डॉ. विवेकानंद दास ने बताया कि संक्रमितों में एनटीपीसी के दो कर्मचारी और तीन उनके परिजन शामिल हैं। सभी को होम क्वारेंटाइन किया गया है। सिविल सर्जन डाॅ. विजय कुमार सिंह ने बताया कि धीरे-धीरे मरीजों की संख्या में कमी आ रही है। लोग सिर्फ सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें तो मरीजों की संख्या धीरे-धीरे खत्म हो जाएगी। लोग सार्वजनिक स्थलों पर मास्क जरूर पहनें। शक होने पर एंटीजन जांच करा लें। यह शिविर शहर के कई जगहों पर है और सदर अस्पताल से लेकर पीएचसी तक है।
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