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महानंदा खतरे के निशान से ऊपर, कनकई में 30 घर बह गए, 150 घरों पर कटाव का खतरा

महानंदा खतरे के निशान से ऊपर, कनकई में 30 घर बह गए, 150 घरों पर कटाव का खतरा

नेपाल की तराई और सीमांचल क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश से आमजन परेशान हैं। बायसी के डेंगराहा घाट में अभी भी महानंदा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर है। कनकई नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव जारी है। कनकई नदी का कहर बायसी प्रखंड के ताराबाड़ी समेत अन्य पंचायतों में जारी है। कनकई नदी से हो रहे कटाव के कारण से ताराबाड़ी पंचायत के अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा है। आधे से ज्यादा पंचायत कनकई नदी से हो रहे कटाव के प्रभावित है। पंचायत के चनकी गांव में लगातार पक्के-कच्चे मकान नदी के पेट में समा रहे हैं।

पिछले दो-तीन महीने के अंदर लगभग 50 मीटर से ज्यादा जमीन का कटाव हो चुका है। 30 से ज्यादा घर नदी में कटाव के चपेट में आ चुके हैं। 150 से ज्यादा घरों पर कटाव का ख़तरा मंडराने लगा है। नदी से करीब 50 मीटर की दूरी पर स्थित मो. शाहिद का पक्का मकान भी कट कर नदी में विलीन हो गया है। मो. शाहिद बताते हैं कि उनका एक घर पहले ही नदी में समा गया है। एक घर फिर से कटाव की जद में आ चुका है। शाहिद के घर के बगल स्थित मो. हसीबुल, मो. शमशाद, मो. हैजुल, तराफन निशा का घर था, वह भी नदी में कटाव की चपेट में आ गया।

चौनी, खपड़ा, ग्वालगांव, मथरापुर, बनगामा, लेलुका, गोटफर, फुलभाषा गांव का आवागमन हुआ बाधित

ताराबाड़ी पंचायत के चनकी में कनकई नदी के कटाव की जद में आया पक्का मकान।

चारों ओर पानी, सड़क किनारे कट रही जिंदगी

नदियों के बढ़े जलस्तर के कारण से चारों तरफ सिर्फ पानी ही पानी नजर आ रहा है, जिनके घर नदी के बहाव में कट चुके हैं, वे बायसी से अमौर रौटा जाने वाली सडक़ किनारे झुग्गी घर बनाकर शरण लिए हुए हैं। उनके सामने भोजन की समस्या खड़ी हो गई है। माल-मवेशियों व बकरी को चारा खिलाने के लिए भी कुछ नहीं है। नजर उठाकर देखते हैं। स्थानीय डीलर ने बताया कि यहां के कार्डधारकों को राशन देने के लिए प्रखंड मुख्यालय से अनाज लाने में तीन गुणा अधिक किराया लग रहा है। गांव तक राशन लाने के लिए तीन से चार बार नाव पर फेर बदल करना पड़ता है। इस कारण लोगों को काफी परेशानी होती।

मुजफ्फरपुर : महमदपुर में तिरहुत नहर का पश्चिमी बांध भी टूटा

सोमवार को दूसरे दिन भी बूढ़ी गंडक नदी के पानी का अत्यधिक दबाव होने से महमदपुर में तिरहुत नहर का पश्चिमी बांध टूट गया। इस स्थान पर अत्यधिक कटाव के कारण रविवार की देर रात ही यह 95 प्रतिशत कट चुका था। इसके कारण मुजफ्फरपुर-पूसा मार्ग पर कई स्थानाें पर पानी चढ़ गया है। हालांकि, अभी तक इसके कारण मुजफ्फरपुर शहरी क्षेत्र पर कोई खतरा नहीं है। दूसरी ओर जिले से गुजरने वाली गंडक और बूढ़ी गंडक नदी के जलस्तर में जहां कमी आयी है, वहीं बागमती का जलस्तर स्थिर है। हालांकि, मीनापुर में पानी का दबाव बना हुआ है।

सुपौल : कोसी से कटाव में बह गई फसल, अब तक 100 से अिधक घर बाढ़ के पानी में हो गए हैं विलीन

काेसी नदी के जलस्तर में आई गिरावट के बाद तटबंध के भीतर गावों में भीषण कटाव जारी है। जिससे जिले के बाढ़ प्रभावित 5 प्रखडों के 18 पंचायत पूर्ण रूप से प्रभावित एवं 8 आंशिक रूप से प्रभावित हैं। इन पंचायतों के 81 हजार 198 लोग बाढ़ से पीड़ित हैं। कोसी तटबंध के भीतर बसे गांवों के लोगों को नदी के जलस्तर में आई कमी से कुछ हद तक राहत तो मिली है। इसी के साथ अब कोसी नदी के कटाव की चपेट में आकर लोगों के घर एवं खेत-खलिहान पानी में समाने लगे हैं।

गोपालगंज : गंडक का जलस्तर गिरा, 110 गांवों में घट रहा पानी

24 घंटे में गंडक के जलस्तर में फिर से 8 सेंमी की कमी आई है। यानी चार दिनों में 56 सेंमी वाटर लेवल कम हुआ है। इससे जिले के प्रखंडों के करीब 6 लाख की आबादी पिछले 7 दिनों से बाढ़ की त्रासदी झेल रही है। अब उनकी हालत संभलने के कगार पर है। मांझा, बरौली व सिधवलिया के 100 गांवों में बाढ़ का पानी तेजी से उतर रहा है। बांध और सड़क पर शरण लिए 40 गांवों के लोग अपने घरों को लौट गए हैं। नेपाल में बारिश कम होने और कई जगह टूटे हुए तटबंधों की मरम्मत होने से स्थिति अब कंट्रोल में आ रही है। हालांकि बैकुंठपुर प्रखंड में बाढ़ की तबाही अभी कम नहीं हुई है।

दरभंगा : धाैंस नदी का पूर्वी महराजी बांध तीन दिनाें में तीसरी बार टूटा, लोगों में दहशत का माहौल

जिले में बाढ़ का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। तटबंधाें व बांधाें के टूटने का सिलसिला जारी है। इसके साथ ही बाढ़ प्रभावित क्षेत्राें की संख्या में इजाफा हाे रहा है। कमताैल थाने की करजापट्टी पंचायत के बिरने गांव में बीते रविवार की रात लगातार तीसरे दिन अधवारा समूह की धौंस नदी का पूर्वी महाराजी बांध 20 फ़ीट में टूट गया। तटबंध टूटने के डर से लाेग ऊंचे स्थानाें की ओर जाने लगे हैं। शिवधारा से महमदपुर जाने वाली सड़क पर अधवारा समूह की नदी का पानी लगभग सौ फीट की दूरी में साेमवार से बह रहा है।

सीवान : धमई-सरयू बेकाबू 500 घरों में घुस गया पानी

भगवानपुर प्रखंड में धमई नदी ने अपना रौद्र रूप अख्तियार कर लिया है। सोमवार को भगवानपुर प्रखंड में धमई नदी के किनारे बसे 5 पंचायत के 25 गांव में धमई नदी का पानी घुस गया और करीब 500 से अधिक घरों को अपनी चपेट में ले लिया इन घरों में अब 4 फीट से अधिक पानी प्रवेश कर गया है और लोग परेशान हैं। जिले के दक्षिणा खंड में सरयू नदी बेकाबू होती जा रही है। पिछले 24 घंटों में सरयू नदी का जलस्तर गंगपुर सिसवन में 26 सेंटीमीटर व दरौली में 18 सेंटीमीटर बढा है। सैलाब के पानी में हो रहे उफान के चलते सरयू लाल निशान से ऊपर बह रही है।

सारण : डॉक्टर व दो लोग तेज धार में बहे, डूबने से 7 की मौत

गंडक नदी के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। बराज से हर दिन औसतन दो लाख क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हो रहा है। जिस कारण जलस्तर में वृद्धि जारी है। जिस कारण सारण जिले के सात प्रखंड के 168 गांव की तीन लाख आबादी बाढ़ से प्रभावित है। सोमवार को मकेर प्रखंड के सर्वोदय बाजार के पास सड़क पर तेज बहाव में पैदल जा रहे एक होम्योपैथ डॉक्टर व एक युवक तथा कंपाउंडर बह गए।

युवक चंदन को किसी तरह से बचाया जा सका। डॉक्टर व कंपाउंडर की तलाश जारी है। एनडीआरएफ की टीम बचाव में लगी हुई है। देर शाम तक पता नहीं चल सका था। जिले में तरैया, जलालपुर,पानापुर समेत मकेर में सात लोगों की डूबने से मौत है।

समस्तीपुर : बूढ़ी गंडक के जलस्तर में गिरावट, 5 सेमी घटा पानी, रिसाव काे लेकर लाेग भयभीत

बूढ़ी गंडक नदी का जलस्तर अब घटने लगा है। बीते 24 घंटे में नदी के जलस्तर में 5 सेंटीमीटर की मामूली गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि इस दौरान नदी के लगातार स्थिर रहने से उसके घटने की प्रवृति बने रहने की संभावना जताई जा रही है। बताया जाता है कि बीते 24 घंटे 48.60 मीटर पर स्थिर रहने के के बाद नदी का जलस्तर गिरावट के बाद 48.55 मीटर हो गया है। हालांकि यह गिरावट उच्चतम जलस्तर से अभी भी महज 33 सेंटीमीटर नीचे मौजूद है।



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Mahananda rises above danger mark, 30 houses washed away in Kankai, 150 homes threatened with erosion


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