वोटरों को जागरूक करने के लिए चुनाव आयोग सुना रहा सबा-फराह की कहानी
मतदाताओं को आकर्षित करने के लिए चुनाव आयोग रोचक कहानियां सुना रहा है। देश के अलग-अलग हिस्सों से जुटाई गई इन कहानियों में पटना की सबा और फराह बहनों की भी कहानी शामिल है। आयोग ने इन दोनों बहनों, जिनके सिर आपस में जुड़े हुए हैं, की वोटिंग से जुड़ी कहानी को बड़े ही रोचक अंदाज में परोसा है। आयोग इन कहानियों को वोटिंग के अधिकार के मिसाल के तौर पर पेश कर रहा है, जिससे उन लोगों को जागरूक किया जा सके, जो वोट देने नहीं जाते।
आयोग की ओर से चुनाव से जुड़ी कहानियों को मदाताओं तक पहुंचाने की कोशिश हो रही है, ताकि लोगों को जागरूक किया जा सके। यू-ट्यूब पर ऐसी कहानियां उपलब्ध कराई जा रही हैं। आयोग ने कई लघु कहानियां तैयार की हैं, जिनकी अवधि पांच मिनट तक की है। कार्टून और बैक ग्राउंड म्यूजिक के साथ इन कहानियों को तैयार किया गया है। इसी कड़ी में पटना के दीघा विधानसभा क्षेत्र की सिर से जुड़ी दो बहनों सबा और फराह की कहानी भी है। 28 अक्टूबर, 2015 को इन दोनों बहनों ने कैसे वोट दिया, उसकी कहानी है। सिर से जुड़े होने के कारण इन्हें कैसे वोटिंग कम्पार्टमेंट में जाने की अनुमति मिली, ऐसी तमाम बातें इनकी कहानी में है।
‘चुनाव की कहानियां’
आयोग ने कहानियों की सीरीज को ‘चुनाव की कहानियां’ नाम दिया है। इन कहानियों में गुजरात के राजेश पटेल की भी कहानी है। जिसमें बताया गया है कि राजेश कभी वोट देने नहीं जाते थे। फिर कैसे एक दिन उन्हें एक चिट्ठी मिली और वे वोटिंग के लिए प्रेरित हुए। इसी तरह दिल्ली के रैन बसेरा में रहने वाली 35 वर्षीय नीतू की कहानी है, जिन्होंने किस हालात में अपने मताधिकार का प्रयोग किया। वहीं जयपुर की हमीदा ने एक प्रत्याशी के उपहार को ठुकरा दिया।
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