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बिहार के 81 फीसदी कोरोना मरीजों में जांच से पहले नहीं दिखा कोई लक्षण

बिहार के 81 फीसदी कोरोना मरीजों में जांच से पहले नहीं दिखा कोई लक्षण

बिहार में कोरोना वायरस संक्रमण बढ़ने के पीछे एक बड़ी वजह मरीजों में इसका लक्षण नहीं दिखना है। राज्य में अबतक जितने भी मरीज कोविड-19 पॉजिटिव पाए गए हैं, उनमें से 81 प्रतिशत लोग ऐसे हैं जिनमें इस महामारी का कोई लक्षण नहीं दिख रहा था। हाई रिस्क कॉन्टेक्ट वाले मरीजों की जब जांच की गई तो वे पॉजिटिव पाए गए। हालांकि, उनमें पहले से संक्रमण का कोई भी लक्षण नहीं दिख रहा था। स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार ने गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव आमिर सुबहानी, आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत और आईपीआईडी सचिव अनुपम कुमार के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए की गई प्रेस काॅन्फ्रेंस में यह जानकारी दी।
स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव ने कहा कि बिना लक्षण वाले मरीज हमारे लिए चिंता का विषय है। लेकिन, स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सजग है और जहां भी कोई मरीज संक्रमित पाए जा रहा हैं, वहां उसके हाई-रिस्क और लो-रिस्क कांटेक्ट की सघनता से जांच की जा रही है। बाहर से आ रहे प्रवासी श्रमिकों और अन्य लोगों को 21 दिन तक प्रखंड स्तर पर क्वारेंटाइन सेंटर में अनिवार्य रूप से रहना होगा। बिहार के बाहर से जो नाबालिग आ रहे हैं, उनके लिए होम क्वारेंटाइन की व्यवस्था है, लेकिन उन्हें एक सेल्फ डिक्लेरेशन फाॅर्म भरना पड़ेगा कि अगर उनमें कभी कोई लक्षण सामने आता है तो वे तुरंत स्वास्थ्य विभाग को सूचित करेंगे। अगर कोई इस आदेश का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ एपिडेमिक एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।

हर दिन 10 ट्रेनों से प्रवासियों को लाने की हो रही तैयारी
आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव ने कहा कि लॉकडाउन में दूसरे प्रदेशों में फंसे हुए लोगों को जल्द से जल्द बिहार लाने के लिए तेजी से काम हो रहा है। हमारी कोशिश है कि हर दिन कम से कम 8 या 10 ट्रेन प्रवासियों को लेकर बिहार पहुंचे। मंगलवार को केरल, कर्नाटक और कोटा से बिहार के अलग-अलग स्थानों के लिए 9 ट्रेनें पटना आएंगी। उम्मीद है कि मंगलवार को पंजाब और हरियाणा से भी 1-1 ट्रेन बिहार के लिए चले। अभी इसे लेकर बातचीत चल रही है।

बाहर फंसे लोगों को सड़क मार्गसे लाने के लिए डीएम देंगे पास
आमिर सुबहानी ने कहा कि बिहार के बाहर फंसे किसी व्यक्ति को सड़क मार्ग से जाकर लाने के लिए जिलाधिकारी से पास लेना होगा। जिलाधिकारी गृह मंत्रालय द्वारा निर्धारित मापदंड के मुताबिक पास निर्गत करेंगे। चार पहिए वाली गाड़ी में एक ड्राईवर के अलावा दो लोग ही सफर कर सकते हैं। हाल में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामले को देखते हुए सख्ती जारी रहेगी। राज्य में दो ही जोन हैं,रेड और औरेंज जोन। इसमें गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देश की सारी शर्तें लागू रहेंगी।

प्रखंडों में 2450 क्वारेंटाइन सेंटर
आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव ने बताया कि प्रखंड स्तर पर 2450 क्वारेंटाइन सेंटर बनाए गए, जिनमें फिलहाल 8968 लोग रह रहे हैं। वहां रहने वाले लोगों को थाली, कटोरी, ग्लास के साथ कपड़ा, साबून, तेल, मग, बाल्टी, तीन समय का भोजन, सुधा मिल्क पाउडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।



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