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पहली बार युवक की माैत से पहले रिपाेर्ट पाॅजिटिव, बाद में निगेटिव; तो क्या 48 घंटे में ही बिना इलाज कैसे ठीक हो गया?

पहली बार युवक की माैत से पहले रिपाेर्ट पाॅजिटिव, बाद में निगेटिव; तो क्या 48 घंटे में ही बिना इलाज कैसे ठीक हो गया?

(माे. सिकन्दर) वैशाली के राघाेपुर पूर्वी निवासी नवल किशाेर राय जिसकी माैत एम्स में 17 अप्रैल काे हुई थी उसकी काेराेना की रिपाेर्ट पाॅजिटिव आई थी। 15 अप्रैल की रात 9 बजे जाे उसकी पाॅजिटिव रिपाेर्ट आई थी, उसका सैंपल 15 अप्रैल की सुबह में लिया गया था। 14 अप्रैल काे भर्ती हुए नवल की रिपाेर्ट पाॅजिटिव आने के बाद इलाज आइसाेलेशन वार्ड में शुरू हाे गया और उसकी पत्नी, बहन व भाई काे एम्स में ही क्वारेंटाइन कर दिया गया था। 16 काे भी उसका इलाज वेंटिलेटर पर चला। 17 की सुबह फिर उसका सैंपल लिया गया।

17 काे ही 12 बजे उसकी माैत हाे गई। उसकी माैत हाेने के बाद एम्स ने 17 अप्रैल काे मेडिकल बुलेटिन में 35 साल के नवल की माैत की वजह में काेराेना पाॅजिटिव और मल्टी ऑर्गन फेल्याेर बताया था। 17 की सुबह काे जाे उसका सैंपल लिया गया उसकी रिपाेर्ट अब निगेटिव आगई। करीब 48 घंटे में दाे सैंपल लिए गए, जिसमें एक पॉजेटिव और एक निगेटिव रिपाेर्ट आने से डाॅक्टराें से लेकर जांच करने वालाें के बीच हड़कंप मच गया।

इलाज पूरा होने के पहले रिपोर्ट निगेटिव कैसे?

इसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियाें तक पहुंच गई। चर्चा इस बात की हाेने लगी कि 48 घंटे में ही जब उसका इलाज पूरा नहीं हुआताे उसकी रिपाेर्ट पाॅजिटिव से निगेटिव कैसे आगई। कहीं किसी रिपाेर्ट में कुछ गलती ताे नहीं हाे गई। बहरहाल, एम्स के नाेडल अफसर नीरज अग्रवाल ने भी बताया कि उसकी एक रिपाेर्ट पाॅजिटिव आई थी जबकि दूसरी निगेटिव थी। उधर, स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार ने बताया कि इस मामले की एक्सपर्ट से जांच कराई जा रही है।

इसी तरह का मामला मुंगेर चेन में नर्स के साथ हुआथा
ठीक इसी तरह का मामला मुंगेर के सैफ के संपर्क में आई शरणम अस्पताल की नर्स पिंकी कुमारी के साथ हुआथा। 21 मार्च काे सैफ की माैत के बाद जब उसका सैंपल 25 मार्च काे लिया गया ताे 27 की उसकी रिपाेर्ट निगेटिव आई थी। 27 काे जब उसके अस्पताल का एक युवक पाॅजिटिव हाे गया ताे फिर 27 की शाम काे उसका सैंपल लिया गया जिसमें उसकी रिपाेर्ट पाॅजिटिव आगई। यानी 48 घंटे के बीच लिए गए दाे सैंपल में एक रिपाेर्ट निगेटिव ताे दूसरी पाॅजिटिव आई। एक सप्ताह तक एनएमसीएच में इलाज के बाद वह 4 अप्रैल काे स्वस्थ हाेकर घर चली गई।



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First for the young man's reparation, first positive positive, later negative; So how did treatment heal in 48 hours?


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